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    ऑर्गेनिक कॉटन पर भी मंदी की आंच

    ऑर्गेनिक कॉटन पर भी मंदी की आंच

    साल भर में रेट 10,000 रुपये प्रति खंडी तक गिरे

    वैश्विकमंदी की आंच ऑर्गेनिक कॉटन के रेट पर भी पड़ी है। इस कारण पिछले एक साल में ऑर्गेनिक कॉटन के रेट 10,000 रुपये प्रति खंडी तक गिर गए। देश में सवा लाख एकड़ के रकबे में उत्पादित हो रही ऑर्गेनिक कॉटन की उपज का बड़ा हिस्सा निर्यात किया जाता है। स्वास्थ्य के लिए बेहतर होने के कारण इसकी मांग गारमेंट्स के साथ-साथ अब मेडिकल क्षेत्र में भी बढ़ रही है।

    यूरोप, अमेरिका तथा पश्चिमी देशों का आर्थिक मंदी का असर देश में उत्पादित हो रहे स्वास्थ्य के लिए बेहतर ऑर्गेनिक कॉटन के रेट पर भी हो रहा है। 2008-09 में जहां इसके रेट 22,500 से लेकर 24,000 रुपये प्रति खंडी थे, वह 2010-11 तक बढ़कर 30,000 से लेकर 61,000 रुपये प्रति खंडी पर पहुंच गए थे।

    किंतु यूरोप और अमेरिका की मंदी के कारण 2011-12 में इसके भाव 15,000 रुपये तक गिर गए थे। यानी ऊपरी भाव 46,000 रुपये तक आ गए थे। चालू वित्त वर्ष में इसमें और गिरावट आई है और इस समय इसके रेट 34 से 35 हजार रुपये तक चल रहे हैं।

    ऑर्गेनिक कॉटन के उत्पादन से लेकर इसके फाइबर तक बनाने वाली देश की अग्रणी कंपनी प्रतिभा सिंटेक्स के जनरल मैनेजर (वसुधा) डीपी आर्य ने बिजनेस भास्कर को बताया कि यूरोप, अमेरिका में बहुत से लोग अब केमिकल फर्टिलाइजर से उत्पादित कॉटन के परिधान पहनने से कतराने लगे हैं। वहां ऑर्गेनिक कॉटन से बने कपड़ों का चलन बढ़ा है। किंतु आर्थिक मंदी के कारण मांग घटने से इसके भाव भी गिर गए है। 

    भारत में ऑर्गेनिक कॉटन की खेती मुख्य रूप से मध्य प्रदेश राजस्थान, उड़ीसा और महाराष्ट्र में कांट्रेक्ट फार्मिंग के रूप में हो रही है। कंपनी भी इसे बढ़ावा देने के लिए किसानों को जैविक खाद, बीज, कीटनाशक तथा सिंचाई उपकरण मुहैया करती है।

    बहरहाल ऊंची कीमत होने के बावजूद विदेश के साथ-साथ अब देश में भी ऑर्गेनिक कॉटन धीरे-धीरे मशहूर हो रहा है। ऑर्गेनिक खेती के कुल रकबे के मामले में वर्तमान में भारत का दुनिया में 33वां स्थान तथा कुल खेती में ऑर्गेनिक खेती के रकबे के मामले में 88वां स्थान है। 2010-11 के आंकड़ों के मुताबिक 44.3 लाख हैक्टेयर में की जा रही है।

    देश में बासमती चावल, दालें, शहद, चाय, मसाले, कॉफी, तिलहन, फल, प्रोसेस्ड फूड, अनाज और आयुर्वेदिक औषधियों का उत्पादन होता है। मध्य प्रदेश से उत्पादित ऑर्गेनिक उत्पादों का यूरोप, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, जापान, स्विट्जरलैंड, दक्षिण अफ्रीका, और मध्य-पूर्व में किया जाता है।

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