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    ममता को नाराज करने से अब भी परहेज कर रही है कांग्रेस

    ममता को नाराज करने से अब भी परहेज कर रही है कांग्रेस

    पश्चिमबंगाल की मुख्यमंत्री एवं तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष ममता बनर्जी और केंद्र की संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार के बीच अब भी कुछ खिचड़ी पक रही है? इसका अंदाजा इसी बात से लगता है कि संप्रग सरकार से समर्थन वापस लेने के बावजूद कांग्रेस रेलवे में ऐसा कोई भी कदम उठाने से हिचकिचा रही है जिससे ममता नाराज हो। इसका प्रमाण बुधवार को तब मिला जब रेल मंत्री पवन कुमार बंसल ने रेलगाडिय़ों के किराये में बढ़ोतरी की घोषणा की।

    आगामी 22 जनवरी से सभी तरह की रेलगाडिय़ों में सभी श्रेणी के किरायों में बढ़ोतरी हुई है, लेकिन कोलकाता की मेट्रो रेलवे के किराये में कोई तब्दीली नहीं हुई है। यही नहीं, ममता बनर्जी की प्रिय गाड़ी दूरंतो एक्सप्रेस के किराये में भी ज्यादा बदलाव नहीं हुआ है। दूरंतो एक्सप्रेस में भी किराया बढ़ा, लेकिन उतना ही जितना दूसरी गाडिय़ों में बढ़ा।

    इस गाड़ी के किराया निर्धारण में जो असमानता थी, उसे दूर नहीं किया गया। गौरतलब है कि ममता बनर्जी ने वर्ष 2009-10 के बजट में नॉन-स्टॉप दूरंतो एक्सप्रेस चलाने की घोषणा की थी। नई दिल्ली और सियालदह के बीच जो दूरंतो चली थी, वह राजधानी एक्सप्रेस का ही नया अवतार है।

    दोनों ट्रेनों की सर्विस क्वालिटी और रोलिंग स्टॉक में कोई अंतर नहीं है। न सिर्फ स्टापेज, बल्कि रनिंग टाइम के मामले में भी यह राजधानी एक्सप्रेस से बेहतर है। सियालदह राजधानी के लिए नई दिल्ली से गंतव्य तक पहुंचने में सात जगह स्टॉपेज है, जबकि सियालदह दूरंतो का स्टापेज नई दिल्ली के बाद सीधा वहीं है, बीच में कोई स्टापेज नहीं है।

    राजधानी एक्सप्रेस का सफर 16 घंटे 55 मिनट में पूरा होता है, जबकि दूरंतो का सफर 16 घंटे 25 मिनट में। तब भी दूरंतो का किराया राजधानी एक्सप्रेस से कम है।

    जब पवन बंसल ने मंत्रालय का जिम्मा संभाला था, उस समय उनसे इस बारे में सवाल पूछा गया था तो उनका कहना था कि वह इन असमानताओं का अध्ययन करेंगे और यदि कोई विसंगति होगी तो उसे करेक्ट करेंगे। लेकिन बुधवार को जब उन्होंने किराया में बढ़ोतरी की घोषणा की तो करेक्शन गायब रहा।

    दूरंतो के किराये में करेक्शन क्यों नहीं हुआ, इस बारे में जब सवाल पूछा गया तो वह 'लीगेसीÓ की बात कहकर प्रश्न को टाल गए। यही हाल कोलकाता मेट्रो के सवाल पर भी था। जब उनसे पूछा गया कि कोलकाता मेट्रो का किराया क्यों नहीं बढ़ा तो उन्होंने बताया कि उस पर बाद में फैसला किया जाएगा।
     

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