• Home
  • Government on the Fast Track

फास्ट ट्रैक पर सरकार

बिजनेस भास्कर नई दिल्ली

Jun 29,2013 01:08:00 AM IST

लक्ष्य - छह महीने में 1.15 लाख करोड़ रुपये का निवेश

इन्वेस्टमेंट टार्गेट
मुंबई एलिवेटेड रेल कॉरिडोर 30,000
रेल इंजन बनाने के दो कारखाने 5,000
डीएफसी के काम में तेजी 10,000
सागर या दुर्गाराजपट्टनम में बंदरगाह 10,000
भुवनेश्वर, इंफाल में अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे 20,000
बिजली और ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट 40,000
कुल 1,15,000
(राशि करोड़ रुपये में)

इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में पीपीपी के जरिये होगा निवेश, रेल भाड़ा प्राधिकरण का गठन शीघ्र

अर्थव्यवस्था में छायी सुस्ती और नीतिगत अड़चनों से डगमगाये निवेशकों के बीच विश्वास बहाल करने के लिए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने आगामी छह महीने के अंदर 1.15 लाख करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य तय किया है। रेलवे, बंदरगाह और ऊर्जा क्षेत्र में होने वाले ये निवेश सरकारी निजी भागीदारी (पीपीपी) फार्मूले के तहत होंगे।

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने शुक्रवार को वित्त मंत्री और योजना आयोग के उपाध्यक्ष के साथ-साथ इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र के महत्वपूर्ण मंत्रालयों - रेलवे, राजमार्ग, नौवहन, नागरिक उड्डयन, कोयला और ऊर्जा मंत्रालय के मंत्रियों और सचिवों के साथ बैठक की।

इसमें वित्त वर्ष 2012-13 के लिए तय लक्ष्य में से कितना पूरा हुआ इस पर तो चर्चा हुई ही, 2013-14 के लिए भी लक्ष्य तय किया गया। इन सबके अलावा निवेशकों के बीच विश्वास बहाल करने के लिए अगले छह महीने के अंदर कम से कम एक लाख करोड़ रुपये की परियोजनाएं शुरू करने का भी लक्ष्य तय किया गया।

प्रधानमंत्री कार्यालय की तरफ से जारी बयान के मुताबिक अगले छह महीने के अंदर मुंबई एलिवेटेड रेल कॉरिडोर (30,000 करोड़ रुपये), भुवनेश्वर और इंफाल में अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे (20,000 करोड़ रुपये) और बिजली घर एवं उसके लिए ट्रांसमिशन लाइन बिछाने की परियोजना (40,000 करोड़ रुपये) पर काम शुरू कर देना है।

इनके अलावा रेल इंजन बनाने के दो कारखाने (5,000 करोड़ रुपये), पूर्वी मालवाही गलियारे में सोननगर से डानकुनी तक के हिस्से पर काम शुरू करने (10,000 करोड़ रुपये) और पश्चिम बंगाल में सागर एवं आंध्र प्रदेश में दुर्गाराजपट्टनम में बनने वाले बंदरगाहों में से कम से कम एक (10,000 करोड़ रुपये) पर काम शुरू करने का लक्ष्य है। ये परियोजनाएं पीपीपी फार्मूले पर बनेंगी।

बैठक में तय हुआ कि रेलवे में माल भाड़े और यात्री भाड़े की समय-समय पर समीक्षा के लिए रेल भाड़ा प्राधिकरण के गठन के लिए जरूरी काम तुरंत पूरा किया जाए ताकि इस बारे में मंत्रिमंडल में जल्द निर्णय लिया जा सके।
नागरिक उड्डयन क्षेत्र में एक नई शुरूआत करते हुए 51 लो कास्ट छोटे हवाई अड्डे विकसित करने का फैसला किया गया।

निजी क्षेत्र के सहयोग से आठ ग्रीनफील्ड हवाई अड्डे बनाने का भी लक्ष्य है। भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के स्वामित्व वाले कोलकाता, चेन्नई, लखनऊ, गुवाहाटी, जयपुर और अहमदाबाद हवाई अड्डों पर ऑपरेशन एवं मेंटनेंस का कार्य भी निजी क्षेत्र से करवाने का फैसला हुआ है।

इसके अलावा आठ ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट भी इस साल अवार्ड किए जाएंगे। बैठक में राजमार्ग क्षेत्र में निर्माण पर तेजी पर जोर दिया गया। एक्सप्रेसवे को तवज्जो देने के लिए योजना आयोग एवं राजमार्ग मंत्रालय को निर्देश दिया गया है। कोयला उत्पादन बढ़ाने के लिए नई नीति लाने की भी बात हुई।

कम लागत वाले 51 एयरपोर्ट
नई दिल्ली - सरकार ने 11 राज्यों के 51 शहरों में नए कम लागत वाले एयरपोर्ट बनाने का फैसला किया है। इनका निर्माण एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया करेगी। ये एयरपोर्ट आंध्र प्रदेश, झारखंड, बिहार, पंजाब, उत्तर प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, असम, मध्य प्रदेश, ओडिशा, राजस्थान और महाराष्ट्र में बनाए जाने हैं।

X

Money Bhaskar में आपका स्वागत है |

दिनभर की बड़ी खबरें जानने के लिए Allow करे..

Disclaimer:- Money Bhaskar has taken full care in researching and producing content for the portal. However, views expressed here are that of individual analysts. Money Bhaskar does not take responsibility for any gain or loss made on recommendations of analysts. Please consult your financial advisers before investing.