If you want to invest in a mutual fund then do this

यदि आप भी म्‍युचुअल फंड में करना चाहते हैं निवेेश तो करें ये काम

जानें म्यूचुअल फंड निवेश में कितना चार्ज लगता है

If you want to invest in a mutual fund then do this

नई दिल्ली : म्यूचुअल फंड में निवेश करना आपके लिए और आसान हो गया है। अब आप म्यूचुअल फंड प्रबंधन की सेवा ले सकते हैं। प्रत्येक म्यूचुअल फंड स्कीम के तहत, फंड हाउस एक अनुभवी निधि प्रबंधक को रखा है जिससे आप निवेश संबंधी सभी जानकारी ले सकते हैं। निवेश की जाने वाली शुल्क को आप लागत के रूप में देख सकते हैं। म्यूचुअल फंड निवेशक होने के नाते, आपको म्यूचुअल फंड निवेश में शामिल सभी लागतों से अवगत होना चाहिए। इन शुल्कों को एक बार के खर्च और रिकरिंग खर्च के रूप में वर्गीकृत किया जा सकता है।

 वन-टाइम एक्स्पेन्स :

एक बार यदि आप फंड में निवेश करते है। ये हैं इसके नियम :

 

1 ट्रैन्ज़ैक्शन चार्ज

निवेश के समय एक बार ही आपका शुल्क व्यव होता है। जब आप किसी बिचौलिये के माध्यम से म्यूचुअल फंड में निवेश करते हैं तो आपको लेनदेन शुल्क आकर्षित करता हैं। जब आप सीधे फंड में निवेश करते हैं तो ऐसा खर्च नहीं होता है। सेबी के आदेश अनुसार, पहली बार निवेशकों को 10,000 रुपये और उससे अधिक निवेश करने से 150 रुपये का शुल्क डिस्ट्रिब्यूटर को देना पड़ता है। मौजूदा निवेशकों को इसके लिए 100 रुपये चार्ज किया जाता है। यदि आप एसआईपी मोड से जा रहे हैं, तो 10000 रुपये और इससे अधिक का निवेश कर रहें है, तो लेनदेन शुल्क 3 से 4 किस्तों में जमा कर सकते हैं।

एंट्री लोड : 

जब म्यूचुअल फंड स्कीम लेते हैं तो फंड हाउस निवेशक से एंट्री लोड लेता है। इस तरह के लोड का उपयोग योजना में निवेश की गई पूंजी की राशि को कम करने के लिए किया जाता है।

एग्ज़िट लोड :

म्यूचुअल फंड योजना की इकाइयों को रिडीम करते समय फंड हाउस एक एक्जिट लोड का शुल्क लेता है। इसे रिडेम्प्शन की तारीख पर मौजूदा फंड मूल्य के प्रतिशत के रूप में व्यक्त किया जाता है। ये इस प्रकार है :-

क्या ये शुल्क आपके रिटर्न को प्रभावित करते हैं?

एक म्यूचुअल फंड योजना के व्यय अनुपात का फंड रिटर्न पर प्रत्यक्ष प्रभाव पड़ता है। फंड खर्चों का कटौती करने के बाद एनएवी घोषित करता है। जिन्होंने पिछले 3 वर्षों में 12 प्रतिशत रिटर्न दिया है। उनके व्यय अनुपात क्रमशः 1 प्रतिशत और 1.5 प्रतिशत हैं।

 

निष्कर्ष :

म्यूचुअल फंड में निवेश करते समय आप व्यय अनुपात के आधार पर भी तुलना कर सकते हैं। एक फंड चुनें जो निवेश की अपेक्षाकृत कम लागत पर उच्च रिटर्न देता है।

 

 

 

prev
next
मनी भास्कर पर पढ़िए बिज़नेस से जुड़ी ताज़ा खबरें Business News in Hindi और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट