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फ्रॉड ट्रांजेक्शन होने पर तीन दिनों में बैंक को करें इंफॉर्म, नहीं तो होगा नुकसान

बैंक अकाउंट से बिना आपकी जानकारी के पैसे निकलते हैं तो तीन दिनों के भीतर संबंधित बैंक को इसकी जानकारी दे दें

inform your bank within 3 days of fraud transaction otherwise ready to pay

मनी भास्कर, नई दिल्ली

 

आपके बैंक अकाउंट से बिना आपकी जानकारी के पैसे निकलते हैं तो तीन दिनों के भीतर संबंधित बैंक को इसकी जानकारी दे दें। फ्रॉड ट्रांजेक्शन की सूचना मिलने या अलर्ट आने के तीन दिनों के अंंदर बैंक को सूचित करने पर आप इसके लिए जिम्मेदार नहीं माने जाएंगे। जितनी रकम फ्रॉड के जरिए निकाली गई है, उसे बैंक वापस करेगी। लेकिन तीन दिनों के बाद फ्रॉड ट्रांजेक्शन की रिपोर्ट करने पर बैंक आपसे 5000 रुपए से लेकर 25,000 रुपए तक ले सकता है। यह ट्रांजेक्शन की रकम पर निर्भर करेगा।

 

 

जीरो जिम्मेदारी

आरबीआई के नियमों के मुताबिक अगर किसी फ्रॉड ट्रांजेक्शन के लिए कस्टमर या बैंक दोनों में से कोई जिम्मेदार नहीं है, लेकिन कस्टमर ने फ्रॉड का अलर्ट मिलने के तीन दिनों के भीतर बैंक को सूचित कर दिया है तो कस्टमर की जीरो जिम्मेदारी होगी और कस्टमर को बिना किसी कटौती के पूरी राशि वापस मिलेगी।  

 

 

चार से सात दिनों में रिपोर्ट करने पर सीमित जिम्मेदारी

अगर फ्रॉड ट्रांजेक्शन होता है और इसके लिए बैंक व कस्टमर दोनों में से कोई जिम्मेदार नहीं है, लेकिन कस्टमर फ्रॉड ट्रांजेक्शन का अलर्ट मिलने के चार से लेकर सात दिनों के भीतर बैंक को सूचित करता है तो बैंक कस्टमर से 5000 रुपए से लेकर 25,000 रुपए तक ले सकता है। यह बैंक अकाउंट की श्रेणी और फ्रॉड ट्रांजेक्शन की राशि पर निर्भर करेगा।

 

 

सात दिनों के बाद बोर्ड तय करेगा कस्टमर की जिम्मेदारी

आरबीआई के नियमों के मुताबिक फ्रॉड ट्रांजेक्शन की सूचना बैंक को अलर्ट मिलने के सात दिनों के बाद दी जाती है तो बोर्ड तय करेगा कि कस्टमर की क्या जिम्मेदारी होगी। मतलब उस नुकसान में कस्टमर को कितना वहन करना होगा।  


 
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