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इस साल 1 लाख आउटलेट खोलेगा Paytm पेमेंट्स बैंक, DD और चेक डिपॉजिट जैसी सर्विस भी होंगी शुरू

पिछले साल मई में शुरू हुआ Paytm पेमेंट्स बैंक नए फाइनेंशियल ईयर में बड़े पैमाने पर एक्‍सपेंशन की तैयारी में है।

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नई दिल्‍ली. पिछले साल मई में शुरू हुआ Paytm पेमेंट्स बैंक नए फाइनेंशियल ईयर में बड़े पैमाने पर एक्‍सपेंशन की तैयारी में है। इसके तहत बैंक न केवल अपने रिटेल नेटवर्क बढ़ाएगा, बल्कि कई ऐसे प्रोडक्‍ट भी मार्केट में लॉन्‍च करेगा जो कस्‍टमर को सीधे फायदा पहुंचाएंगे। इसके अलावा पार्टनरशिप के जरिए फाइनेंशियल प्रोडक्‍ट भी लॉन्‍च करने की तैयारी में है। बैंक की स्‍ट्रैटेजी पर Paytm पेमेंट्स बैंक की MD व CEO रेणु सत्‍ती ने moneybhaskar.com की रीतिका सिंह से विस्‍तार से बातचीत की। पेश हैं इंटरव्‍यू के प्रमुख अंश- 

 

1,00,000 बैंकिंग आउटलेट होंगे शुरू 

2017 में हमारा पूरा फोकस अपना प्रोडक्‍ट खड़ा करने पर रहा। 2018 में हमारा पहला लक्ष्‍य पूरे देश में 1,00,000 बैंकिंग आउटलेट शुरू करने का है। ये आउटलेट कोई किराना स्‍टोर या कोई केमिस्‍ट शॉप भी हो सकती है, जो Paytm पेमेंट्स बैंक के बैंकिंग आउटलेट की तरह काम करेंगे। इसे कोई भी शुरू कर सकता है। इसमें पेमेंट्स बैंक की ओर से उनकी मदद की जाएगी। इनके जरिए लोगों को Paytm पेमेंट्स बैंक के साथ जुड़कर बिजनेस करने का भी मौका मिलेगा। 

 

DD, चेक डिपॉजिट जैसी सर्विस हो जाएंगी शुरू 

Paytm पेमेंट्स बैंक का दूसरा लक्ष्‍य अपने कस्‍टमर्स को कुछ और प्रोडक्‍ट्स व सर्विसेज उपलब्‍ध कराना है ताकि उन्‍हें यहां भी सेविंग्‍स अकाउंट, डेबिट कार्ड और FD के अलावा भी बैंकिंग सर्विसेज मिल सकें। इनमें DD डिपॉजिट व बुक उपलब्‍ध कराने जैसी सुविधाएं शामिल हैं। इसके अलावा हम कॉरपोरेट बैंकिंग के मोर्चे पर भी फोकस कर रहे हैं। कस्‍टमर्स को विभिन्‍न प्रोडक्‍ट्स मिल सकें, इसके लिए पार्टनरशिप भी कर रहे हैं।  

 

ब्‍याज बढ़ाकर कस्‍टमर जोड़ने की नहीं है स्‍ट्रैटेजी 

Paytm पेमेंट्स बैंक ब्‍याज दर की रेस में शामिल नहीं है। हमारा फोकस ब्‍याज दर पर न होकर लोगों को अच्‍छा बैंकिंग एक्‍सपीरियंस उपलब्‍ध कराने पर है। हम चाहते हैं कि हमारा प्रोडक्‍ट कस्‍टमर को संतुष्टि दे और उनकी परेशानियों को हल करे। इस उद्देश्‍य की पूर्ति के लिए हम टेक्‍नोलॉजी और इनोवेशन की मदद ले रहे हैं। 

 

20 करोड़ हो चुके हैं कस्‍टमर्स 

Paytm पेमेंट्स बैंक के मौजूदा कस्‍टमर्स की संख्‍या इस वक्‍त 20 करोड़ पहुंच चुकी है। इनमें से ज्‍यादातर कस्‍टमर Paytm वॉलेट वाले कस्‍टमर हैं। जब हमने Paytm पेमेंट्स बैंक के लिए फिजिकल डेबिट कार्ड लॉन्‍च किया तो पहले दो हफ्तों में जो ऑर्डर आए, उनमें से 75 फीसदी ऑर्डर देश के छोटे शहरों व अर्धशहरी इलाकों से थे। 

 

बिना मर्जी नहीं खोलते किसी का अकाउंट 

Paytm पेमेंट्स बैंक में कस्‍टमर के अकाउंट खोलने के लेकर हमारे नियम काफी कड़े हैं। वॉलेट कस्‍टमर का बैंक में अकाउंट तभी खोला जाता है, जब वह चाहता है। KYC के वक्‍त भी उनसे केवल पूछा जाता है, अगर कस्‍टमर नहीं चाहता तो भी वह वॉलेट JYC की प्रोसेस पूरी कर सकता है। किसी का पेमेंट्स बैंक अकाउंट तभी खोला जाएगा, जब वह खुद चाहेगा। इसके अलावा हम डाटा सिक्‍योरिटी को लेकर भी हर तरह की सतर्कता बरत रहे हैं। 

 

ऐसे आता है रेवेन्‍यु 

पेमेंट्स बैंक होने के कारण RBI के नियमों के मुताबिक हमारे पास लोन देने की सुविधा नहीं है। लिहाजा हम कस्‍टमर्स से आने वाले डिपॉजिट को RBI द्वारा निर्दिष्‍ट विश्‍वसनीय सेक्‍टर्स में इन्‍वेस्‍ट करते हैं। जैसे- गवर्मेंट सिक्‍योरिटीज। गवर्मेंट सिक्‍योरिटीज में हम 75 फीसदी व बाकी अन्‍य जगहों पर इन्‍वेस्‍ट करते हैं। 

 

कॉम्पिटीशन बढ़ना इकोसिस्‍टम के लिए अच्‍छा 

अच्‍छा ही है कि देश में पेमेंट्स बैंक की संख्‍या में इजाफा हो रहा है। हर किसी की अपनी स्‍ट्रेंथ होती है और हर किसी के काम करने का तरीका अलग होता है। मायने यह रखता है कि आप अपने कस्‍टमर्स को कितनी अच्‍छी तरह से सर्विस उपलब्‍ध कराते हैं। अच्‍छी सर्विस देने वालों की संख्‍या बढ़ने से लोगों के साथ-साथ पूरे इकोसिस्‍टम को फायदा पहुंचता है। इससे ज्‍यादा से ज्‍यादा लोग फॉर्मल इकोनॉमी के तहत आ पाएंगे। 

 

लोगों तक बैंक पहुंचाना है लक्ष्‍य 

Paytm पेमेंट्स बैंक का फोकस इनोवेशन के साथ अपने प्रोडक्‍ट को सरल बनाना और इसे हर नागरिक तक पहुंचाना है, खासकर बैंक तक पहुंच न रख पाने वाले लोगों तक। देश के बड़े शहरों में तो फिजिकल बैंक और डिजिटल बैंकिंग आसानी से मुहैया हैं लेकिन कई इलाके ऐसे हैं, जहां आज भी बैंक 6-7 किलोमीटर की दूरी पर है। ऐसे में हमारा उद्देश्‍य उन लोगों के दरवाजे तक बैंकिंग पहुंचाना है। 

 

डिजिटल बैंकिंग का तेजी से बढ़ रहा है ट्रेंड 

भले ही देश में फिजिकल बैंकिंग चलन में रही हो लेकिन आज की सच्चाई यह है कि लोग तेजी से डिजिटल बैंकिंग को अपना रहे हैं। हमारे बढ़ते कस्‍टमर भी इसी बात का सबूत हैं। न जाने कितने ऐसे लोग हैं, जो एक लंबे अर्से से अपनी बैंक ब्रान्‍च में नहीं गए हैं। इसकी वजह है कि वे डिजिटल बैंकिंग ही इस्‍तेमाल कर रहे हैं और उन्‍हें अपने बैंक जाने की जरूरत ही नहीं पड़ती। 

रेणु सत्‍ती के बारे में 

दिल्‍ली यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएट रेणु सत्‍ती ने अपने करियर की शुरुआत HR के तौर पर 2003 में मदर डेयरी से की थी। उसके बाद वह मैनपावर सर्विसेज इंडिया प्राइवेट लिमिटेड से असिस्‍टेंट मैनेजर के रूप में जुड़ीं। 2006 में उन्‍होंने वन 97 कम्‍युनिकेशंस लिमिटेड को जॉइन किया। यहां उन्‍होंने HR मैनेजर के तौर पर काम शुरू किया था। 7 साल HR डिपार्टमेंट में रहने के बाद 2013 में उन्‍हें कंपनी में बिजनेस रोल दिया गया। पहले असोसिएट वाइस प्रेसिडेंट- कॉरपोरेट डेवलपमेंट, उसके बाद वाइस प्रेसिडेंट- बिजनेस और फिर मई 2017 में वह Paytm पेमेंट्स बैंक की MD व CEO बनीं।  

 

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