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सरकार को दिल्ली-मॉडल में सुधार लाने की जरूरत है : मनीष सिसोदिया

पीएचडी चैम्बर आॅफ काॅमर्स की ओर से आयोजित स्टेट काॅन्क्लेव में हुए कई राज्य शामिल

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नई दिल्ली : शुक्रवार को पीएचडी चैम्बर आॅफ कामर्स की तरफ से स्टेट काॅन्क्लेव का आयोजन किया गया। दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने इस काॅन्क्लेव को संबोधित करते हुए कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में प्रशासन का मॉडल (प्रारूप) बेहद खराब है जो केंद्र, दिल्ली सरकार और स्थानीय निकायों जैसी कई एजेंसियों के शामिल होने की वजह से और जटिल बन जाता है। प्रशासन केंद्र, दिल्ली सरकार और स्थानीय निकायों के बीच बिखरा पड़ा है। यहां निवेशकों को अपने अधिशेष पार्क और मौजूदा व्यावसायिक स्वरूपों को सक्षम करने की जरूरत है।

 

सिसोदिया ने कहा कि ‘प्रशासन से जुड़े काफी विवाद हैं जो दिल्ली में प्रशासन के मॉडल को खराब बना देता है।' यहां मनीष सिसोदिया बतौर चीफ गेस्ट पहुंचे थे। पीएचडी चैम्बर आॅफ कामर्स के इस साल स्टेट काॅन्क्लेव का मकसद ‘राज्य से राष्ट्र की ओर’ का था जहां राष्ट्र को मजबूत करने के लिए राज्य को मजबूत बनाने पर जोर दिया गया।

 

गिनाई मौजूदा सरकार की कमियां

 सिसोदिया मौजूदा राजनीतिक व्यवस्था के बारे में चिंतित नजर आये। वे अपनी चिंता को व्यक्त करते हुए कहते हैं, नेशनल कैपिटल की राजनीतिक व्यवस्था का एकाधिकार हुआ है जिसके परिणामस्वरूप अधिकारियों की बहुतायत के कारण सरकार को सुचारू रूप से चलाने का सही मॉडल नहीं मिल पाया है जिससे अर्थव्यवस्था कमजोर रही है। इसलिए सभी संबंधित हितधारकों द्वारा निरंतर प्रयासों को जारी रखना होगा ताकि दिल्ली का एक आदर्श मॉडल बन जाए। उन्होंने कहा, व्यवसायों के लिए दिल्ली सबसे मजबूत शहर है क्योंकि यह अपनी महत्वाकांक्षा के भीतर ही  विविध संस्कृतियों को आत्मसात करने में सक्षम है। हालांकि, यहां कई अन्य पक्षों के आधार पर देखा जाए तो दिल्ली में कई चुनौतियां भी है जिनके लिए  दिल्ली को सशक्त बनाने की जरूरत है।

आगे पढ़े : मनीष सिसोदिया ने क्या कहा…

 

 

‘आप’ सरकार की उपलब्धियों को किया उजागर  

अपनी बातों को रखते हुए उपमुख्यमंत्री ने पिछले साढ़े तीन सालों में आप सरकार की उपलब्धियों को उजागर करते हुए दावा किया कि उन्होंने शिक्षा और स्वास्थ्य प्रणाली को दुरुस्त किया है। यहां तक ​​कि अन्य आवश्यक नागरिक सुविधाएं भी दी हैं।

हरियाणा में बढ़ेगा और ज्यादा रोजगार : मनोहर लाल खट्टर

हरियाणा में लगने वाले उद्योगों में ग्रुप-सी व ग्रुप-डी के पदों पर राज्य के युवाओं को रोजगार देने पर हरियाणा सरकार संबंधित औद्योगिक इकाइयों को प्रति पद 3,000 रुपये का अनुदान देगी। प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने शुक्रवार को पीएचडी चैम्बर आॅफ काॅमर्स सम्मेलन में इसका ऐलान किया।

अागे पढ़े : निवेशकों के लिए क्यों है हरियाणा सबसे बेहतर

 

निवेशकों के लिए हरियाणा है सबसे बेहतर : 
पीएचडी चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के द्वारा आयोजित इस सम्मेलन में मुख्यमंत्री हरियाणा के मुख्यमंत्री मुख्य अतिथि के तौर पर मौजूद थे। इस मौके पर उन्होंने कहा कि हरियाणा में औद्योगिक विकास को गति देने के लिए प्रदेश में लगने वाले सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों को बिजली बिल में 2 रुपये प्रति यूनिट अनुदान दिया जाएगा। राज्य में ऑटो, टैक्सटाइल्स व फार्मास्यूटिकल्स उद्योग क्षेत्रों का तेजी से विकास व विस्तार हुआ है। उन्होंने कहा कि हरियाणा निर्यात मामले में देश में पांचवें स्थान पर है। प्रधानमंत्री के ‘मेक इन इंडिया’ की तर्ज पर हरियाणा में ‘मेक इन हरियाणा’ पर जोर दिया जा रहा है। ‘इज ऑफ डूइंग बिजनेस’ दृष्टिकोण से हरियाणा अब उत्तर भारत में प्रथम स्थान पर व देश में छठे स्थान पर है। खट्टर ने कहा कि हरियाणा प्रदूषण के सुधारों के दृष्टिगत प्रथम स्थान पर व उद्यमिता के प्रोत्साहन के लिए सुधारों के दृष्टिगत द्वितीय स्थान पर है। इस अवसर पर बोलते हुए मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने घोषणा की कि उनकी सरकार अपने प्रशासन में व्यवस्थित परिवर्तनों का एक और सेट लाएगी और हरियाणा राज्य में निवेश करने वाले उद्योगों को मामूली सब्सिडी भी देगी। उन्होंने कहा, भ्रष्टाचार को रोकने के लिए राज्य की शिक्षा और स्वास्थ्य प्रणाली में बड़ी संख्या में व्यवस्थित परिवर्तन किए जा चुके हैं। राज्य अपने एवीएशन के बुनियादी ढांचे को अपग्रेड करने के साथ-साथ हिसार में अपने नए हवाई अड्डे के साथ आने के लिए भी तैयार है जो केंद्र सरकार की उड्यन योजना के तहत इस क्षेत्र की सेवा करेगा और निवेशकों को हरियाणा की ओर आकर्षित करने में सक्षम बनाएगा।

नई औद्योगिक नीति के साथ काम करेगा पंजाब

पंजाब सरकार की एडिशनल मुख्य सचिव, विनी महाजन ने इस अवसर पर कहा, पंजाब अपनी संशोधित और विस्तारित नई औद्योगिक नीति के साथ काम करेगा ताकि निवेशकों को यह राज्य आकर्षित कर सके, जो अपने साउंड इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए जाना जाता है।

ये हस्तियां भी रहीं मौजूद

शुक्रवार को इस स्टेट काॅन्क्लेव में हरियाणा के एडिशनल मुख्य सचिव देवेंद्र सिंह, एमडी और सीईओ, निवेश भारत दीपक बागला, पीएचडी चैंबर के अध्यक्ष अनिल खेतान, पीएचडी चैंबर के वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजीव तलवार और डीके अग्रवाल समेत कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। 

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