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कोरोना में दोगुने हुए विदेश जाने वाले इंडियन स्टूडेंट:विदेश में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन से खर्च कम हुआ, वीसा भी आसानी से मिला

नई दिल्ली6 महीने पहलेलेखक: अनिरुद्ध शर्मा
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​​​​​​​ऑनलाइन मोड में विदेश में रजिस्ट्रेशन कराना न केवल आसान व सस्ता था, बल्कि वीसा का रास्ता भी सरल हो गया। - Money Bhaskar
​​​​​​​ऑनलाइन मोड में विदेश में रजिस्ट्रेशन कराना न केवल आसान व सस्ता था, बल्कि वीसा का रास्ता भी सरल हो गया।

कोरोना काल में विदेश में पढ़ाई करने वाले भारतीय छात्रों की संख्या दोगुनी हो गई है। प्री-कोविड यानी 2019 में 5.89 लाख छात्र विदेश में पढ़ते थे। दिसंबर, 2021 में 11.33 लाख हो गए। अभी 99 देशों में भारतीय छात्र पढ़ रहे हैं। पहली लहर में पाबंदियों के बाद 2020 में विदेश में पढ़ने वाले भारतीय छात्र आधे रह गए थे। कई ऑनलाइन मोड पर शिफ्ट हो गए। अगस्त-सितंबर 20 में प्रतिबंधों में ढील मिली तो छात्र ऑन कैंपस मोड में शिफ्ट होने लगे।

ऑनलाइन मोड में विदेश में रजिस्ट्रेशन कराना न केवल आसान व सस्ता था, बल्कि वीसा का रास्ता भी सरल हो गया। विदेश में पढ़ने के लिए छात्रों की मदद करने वाले प्लेटफॉर्म योकेट के को-फाउंडर सुमित जैन ने बताया, कोरोनाकाल में बड़ी संख्या में छात्रों ने विदेशी संस्थानों में रजिस्ट्रेशन कराया। एक-दो सेमेस्टर ऑनलाइन पढ़ चुके छात्रों को वीसा मिलने में आसानी हुई। 2019 तक विदेश में पढ़ाई के लिए हर साल 5 लाख क्वेरीज आती थीं, 2021 में 10 लाख हो गईं।

अमेरिका और खाड़ी देशों में छात्र बढ़े...यूरोप में घट गए
भारतीय विदेश मंत्रालय के मुताबिक 2021-22 में अमेरिका में 2.11 लाख, यूएई में 2.19 लाख, कनाडा में 2.15 लाख भारतीय छात्र गए। 46 हजार छात्र ओमान, 16,500 रूस, 30 हजार चीन गए। इंग्लैंड जाने वाले 2021 में 19 हजार हैं, जो 2019 में 55 हजार थे, जर्मनी जाने वाले 30 हजार से घटकर 20 हजार रह गए। ऑस्ट्रेलिया व न्यूजीलैंड में सवा लाख भारतीय छात्र हैं।

विदेश में पढ़ने वालों के लिए सिंगल विंडो जल्द
सरकार जल्द विदेश में पढ़ने वाले छात्रों के लिए ‘ग्लोबल इंडियन स्टूडेंट पोर्टल’ लांच करेगी। यह सिंगल पॉइंट प्लेटफॉर्म होगा। इस पर मान्यता प्राप्त विदेशी संस्थानों, कोर्स, फीस, दाखिला, स्कॉलरशिप आदि की जानकारी होगी।