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सैलानियों के साथ ठगी का खेल:राजस्थान के सम में फर्जी गूगल लोकशन से चल रहे 100 से ज्यादा रिसॉर्ट, सालाना 10 करोड़ रुपए की ठगी

जैसलमेर4 महीने पहले
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जैसलमेर की 1 हजार करोड़ की पर्यटन इंडस्ट्री खतरे में है। इसकी वजह है सैलानियों के साथ फर्जीवाड़ा और दुर्व्यवहार की घटनाएं। पैसे ऐंठने के लिए यहां फर्जी रिसॉर्ट ऑपरेट हो रहे हैं। सैलानियों के साथ छेड़छाड़ और मारपीट तक हो रही है।

सम क्षेत्र में 100 से ज्यादा फेक रिसॉर्ट हैं। फर्जी रिसॉर्ट को चलाने वाले लोग अक्टूबर से फरवरी के बीच ज्यादा एक्टिव रहते हैं। खासतौर पर दिवाली और न्यू ईयर सीजन में जमकर बुकिंग होती है। ये रिजोर्ट गूगल पर भी रजिस्टर है।

रिसॉर्ट की ऑनलाइन बुकिंग की, लेकिन सुनसान इलाके में दो टैंट दे दिए
अहमदाबाद के रहने वाले दीपक जाट ने ऑनलाइन मरुधरा रिसॉर्ट में दो टैंट बुक करवाए। जब वे जैसलमेर पहुंचने वाले थे तो रिसॉर्ट वालों ने उनसे संपर्क कर गाड़ी नंबर ले लिए और उन्हें गड़ीसर चौराहा पर पिकअप किया। यहां से एक होटल में ले जाकर 15 हजार रुपए वसूले और सम सेंड ड्यूंस में उनके लिए सारी व्यवस्थाएं बता कर रवाना कर दिया। दीपक परिवार के साथ सम के लिए रवाना हो गए।

तीन घंटे तक सम में घूमते रहे और उन्हें मरुधरा रिसॉर्ट नहीं मिला। जिन युवकों ने उनसे पैसे लिए थे उन्होंने फोन भी नहीं उठाया। आखिरकार रात 9 बजे एक युवक सम में मिला और मरुधरा रिसॉर्ट का कहकर साथ ले गया। सुनसान इलाके में दो टैंट लगे थे। थोड़ा बहुत खाना रखा हुआ था और कहा कि इसे खाकर टैंट में सो जाओ। टैंट में न तो पानी था और न ही बाथरूम।

दीपक ने पूछा 15 हजार में यह क्या दे रहे हो। तो जवाब मिला अगर पसंद नहीं आया तो यहां से भाग जाओ, पैसे वापस नहीं मिलेंगे। दीपक के साथ परिवार था तो उसने चुप रहना ही उचित समझा। यह घटना सिर्फ दीपक जाट के साथ नहीं बल्कि रोजाना दर्जनों पर्यटकों के साथ होती है, लेकिन पुलिस रिकॉर्ड तक नहीं पहुंचती।

ट्रैवल वेबसाइट पर भी लिस्टेड
फेक रिसॉर्ट चलाने वाले लोग शातिर तरीके से ट्रैवल वेबसाइट के एक्जिक्यूटिव्स को भी दूसरे रिसॉर्ट बताकर लिस्टेड करवा लेते हैं। इन वेबसाइट पर 100 के करीब फर्जी रिसॉर्ट लिस्टेड हैं। ये रिसॉर्ट धरातल पर हैं ही नहीं। इन वेबसाइट पर ट्रैवलर्स के ऐसे कई कमेंट मिल जाएंगे जिसमें उन्होंने साफतौर पर लिखा है कि बुकिंग दूसरे रिसॉर्ट के नाम से थी और उन्हें ठहराया कहीं ओर।

गूगल के पोस्ट लेटर से लोकेशन सेट
फेक रिसॉर्ट चलाने वाले इतने शातिर हैं कि उन्होंने गूगल मेप पर रिसॉर्ट की लोकेशन भी सेट करवाकर रखी है। गूगल की तरफ से बाई पोस्ट लेटर भी आता है, लेकिन ये लोग डाक विभाग से लेटर हासिल कर अपनी लोकेशन सेट करवा देते हैं। कई लोगों ने खाली पड़ी जमीन पर रिसॉर्ट की लोकेशन सैट करवा रखी है। सम में 100 के करीब रिसॉर्ट है जबकि गूगल मेप पर इनकी संख्या 200 के पार है। यानी 100 से ज्यादा फर्जी रिसॉर्ट चल रहे हैं।

गूगल मैप पर सम क्षेत्र में 200 से ज्यादा रिसॉर्ट दिखते हैं। खाली जमीन पर भी रिसॉर्ट दिखाई देते हैं, इसलिए ठगी से बचने के लिए जांच करने के बाद ही यहां पहुंचें।
गूगल मैप पर सम क्षेत्र में 200 से ज्यादा रिसॉर्ट दिखते हैं। खाली जमीन पर भी रिसॉर्ट दिखाई देते हैं, इसलिए ठगी से बचने के लिए जांच करने के बाद ही यहां पहुंचें।

जो लोग शिकायत लेकर पुलिस तक पहुंचेंगे, उसमें जरूर एक्शन लेंगे
जैसलमेर के एसपी नरेन्द्र चौधरी ने कहा, 'हमारे पास एक सैलानी का एक लेटर आया है, उसके अनुसार स्थिति बहुत खराब है। जो लोग पुलिस तक पहुंचेंगे, उसमें हम जरूर एक्शन लेंगे। हो सकता है कि कई सैलानी डर के चलते शिकायत नहीं करवाते होंगे, लेकिन हमारा प्रयास रहेगा कि सैलानियों को इस बारे में जागरूक करें ताकि वे बिना डर के पुलिस को शिकायत करें।

सभी ट्रैवल वेबसाइट को इन फेक रिसॉर्ट के बारे में लिखा है
सम वेलफेयर सोसायटी के अध्यक्ष कैलाश व्यास ने कहा, 'सम क्षेत्र में बड़ी संख्या में फर्जी रिसॉर्ट संचालित हो रहे हैं। पहले भी हमने ट्रैवल वेबसाइट को लिस्ट सौंपकर ऐसे फर्जी रिसॉर्ट को लिस्ट से रिमूव करवाया था। अभी भी सभी ट्रैवल वेबसाइट को इन फेक रिसॉर्ट के बारे में जानकारी दी गई है, ताकि घरेलू और विदेशी सैलानी भ्रमित न हों और इनके चंगुल में न फंसे।