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आतंकियों ने ASI की हत्या का VIDEO जारी किया:ISIS ने ली श्रीनगर हमले की जिम्मेदारी ली; जम्मू-कश्मीर पुलिस ने चुप्पी साधी

श्रीनगर5 महीने पहले
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श्रीनगर के ASI मुश्ताक अहमद की हत्या के मामले में चौकाने वाला तथ्य सामने आया है। मुश्ताक की हत्या ISIS (इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड सीरिया) के आतंकियों ने की है। आतंकी संगठन ने वीडियो जारी करके हमले की जिम्मेदारी ली है। यह पहली बार है, जब कश्मीर में किसी टारगेट किलिंग या आतंकी गतिविधि में ISIS का नाम आया हो।

ISIS द्वारा जारी वीडियो में अरबी में मैसेज लिखकर हमले की जिम्मेदारी ली है। वीडियो में दिखाया है कि एक आतंकी हाथ में मशीन गन लेकर हमला कर रहा है। पूरा हमला ठीक वैसे ही दिख रहा है, जैसे वीडियो गेम का खेल चल रहा हो। पहले हमलावर कार पर अंधाधुंध गोलियां बरसाता है और पीछे हटता है, फिर वह आगे आता है और कार के पीछे पेड़ के पास खड़े पुलिस कर्मी पर ताबड़तोड़ फायर करता है।

यह वीडियो वायरल होने के बाद से कश्मीर में दहशत और बढ़ गई है। क्योंकि, अब तक यहां जो भी आतंकी गतिविधि हो रही थीं, उसमें पाकिस्तान से ऑपरेट होने वाले आतंकी संगठनों का नाम आता था। इस साल सौ से ज्यादा आतंकियों को ढेर करने वाली जम्मू-कश्मीर पुलिस भी ISIS के वीडियो पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दे रही है।

लाल चौक पर ASI शहीद हुए थे, दो पुलिस कर्मी घायल
आतंकियों ने कश्मीर पुलिस के ASI मुश्ताक अहमद लोन की मंगलवार को श्रीनगर में हत्या कर दी थी। मुश्ताक लाल चौक में ड्यूटी पर थे, तभी आतंकियों ने फायरिंग शुरू कर दी थी। घायल मुश्ताक को हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां उन्होंने दम तोड़ दिया। हमले में दो पुलिसकर्मी भी घायल हुए थे।

जम्मू-कश्मीर पुलिस के ASI मुश्ताक अहमद लोन मंगलवार को श्रीनगर के लाल चौक में ड्यूटी पर थे, तभी आतंकियों ने फायरिंग की।
जम्मू-कश्मीर पुलिस के ASI मुश्ताक अहमद लोन मंगलवार को श्रीनगर के लाल चौक में ड्यूटी पर थे, तभी आतंकियों ने फायरिंग की।

मुश्ताक के बेटे आकिब को पुलिस ने बताया था आतंकियों का साथी
मंगलवार को शहीद हुए ASI मुश्ताक अहमद का बेटा आकिब दो साल पहले सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में मारा गया था। वह इंजीनियरिंग स्टूडेंट था और पुलिस ने उसे आतंकवादियों का साथी करार दिया था।मुश्ताक का दूसरा बेटा सेना में इंजीनियर है। परिवार ने जब आकिब को आतंकवादियों का साथी कहे जाने का विरोध किया तो इसकी जांच करने की बात पुलिस ने कही थी। लेकिन, अभी तक इस जांच का नतीजा सामने नहीं आया है।

दो संगठनों ने जिम्मेदारी ली, हमले का वीडियो भी
ASI की हत्या के बाद पहले द रेसिस्टेंस फ्रंट (TRF) ने इसकी जिम्मेदारी ली थी। अब इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड सीरिया यानी ISIS ने कांस्टेबल मुश्ताक अहमद की हत्या की जिम्मेदारी ली है। हालांकि, कश्मीर पुलिस के IG विजय कुमार ने इस पर ज्यादा प्रतिक्रिया नहीं दी है। उन्होंने केवल इतना कहा कि शायद यह सच है।

इधर एक और आतंकवादी संगठन AMAQ ने मुश्ताक पर हमले का एक वीडियो जारी किया। वीडियो देखकर लगता है कि आतंकियों ने बॉडी कैमरे से इसे शूट किया है। यह केस उन गिनी-चुनी वारदातों में शामिल है, जब आतंकियों ने हमले का वीडियो जारी किया है।

मुश्ताक की हत्या के बाद परिवार सदमे में है, उनकी पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है। दो साल में इस परिवार के दो सदस्य मारे गए हैं।
मुश्ताक की हत्या के बाद परिवार सदमे में है, उनकी पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है। दो साल में इस परिवार के दो सदस्य मारे गए हैं।

मुश्ताक के परिवार ने दो साल में दो सदस्य खोए
पति की मौत की खबर सुनने के बाद मुश्ताक अहमद की पत्नी सदमे में हैं। उनका कहना है, 'मैंने कुलगाम मुठभेड़ में एक बेटा खोया और अब पति को भी खो दिया। मैं अब क्या करूं, मैं भी मरना चाहती हूं।'

मुश्ताक के भाई फारूक ने दैनिक भास्कर से कहा, 'मेरा भाई क्यों मारा गया, उसका क्या पाप था, वो बहुत ही शांत इंसान था। मैं भी ड्यूटी पर था, जब मेरे चाचा ने मुझे फोन किया और कहा कि लाल बाजार हमले में मुश्ताक मारा गया। मैं पूरी तरह से टूट गया हूं क्योंकि कुलगाम मुठभेड़ में उसका बेटा मारा गया था। हमारे घर में अब एक और त्रासदी हुई है।'

श्रद्धांजलि के दौरान पुलिस लाइन में हंगामा हुआ

मुश्ताक के परिवार की औरतें कभी ताबूत को छू रही थीं, तो कभी उसे गले लगा रही थीं। उनकी बेटी इस दौरान बेहोश हो गई।
मुश्ताक के परिवार की औरतें कभी ताबूत को छू रही थीं, तो कभी उसे गले लगा रही थीं। उनकी बेटी इस दौरान बेहोश हो गई।

श्रीनगर में पुलिस लाइन में मुश्ताक अहमद के श्रद्धांजलि समारोह से कुछ मिनट पहले शोक सभा में हंगामा हो गया। उनके परिवार ने ताबूत को कब्जे में ले लिया। मुश्ताक का शव देखने के लिए उसका कवर हटा दिया। पुलिस को इन्हें हटाने और समारोह को पूरा करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।

परिवार को नहीं मिला था मुठभेड़ में मारे गए आकिब का शव
अप्रैल 2020 में मुश्ताक का बेटा आकिब अपने घर से कुछ किलोमीटर की दूरी पर एक एनकाउंटर के दौरान मारा गया था। मुठभेड़ के दौरान चार आतंकवादी भाग निकले थे, लेकिन तलाशी के दौरान पुलिस को आकिब का शव मिला था। पुलिस ने उसे आतंकियों का सहयोगी बताया था।

मारे गए बाकी आतंकियों की तरह आकिब का शव परिवार को नहीं सौंपा गया था। उसे कुलगाम से 150 किलोमीटर से दूर बारामूला जिले में दफनाया गया था। परिवार ने कहा था कि उन्हें आकिब के आतंकवादी होने की बात पर विश्वास नहीं है। परिवार के विरोध के बाद पुलिस ने जांच का वादा भी किया था, लेकिन अभी तक जांच को लेकर कोई जानकारी नही दी गई है।