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देश में वैक्सीनेशन का 1 साल:भारत ने अब तक 156 करोड़ डोज लगाए; टॉप 6 देश जहां सबसे ज्यादा केस, उनमें भारत सबसे नीचे

नई दिल्ली4 महीने पहले
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15 से अधिक वर्ष की योग्य आबादी में से 90.41 करोड़ को 1 डोज लग चुका है। - Money Bhaskar
15 से अधिक वर्ष की योग्य आबादी में से 90.41 करोड़ को 1 डोज लग चुका है।

देश में कोरोना वायरस से बचाव के लिए शुरू हुए वैक्सीनेशन कैंपेन को रविवार को एक साल पूरा हो गया है। 16 जनवरी 2021 से शनिवार तक वैक्सीन के 156 करोड़ डोज लगाए गए हैं। देश में 94 करोड़ वयस्क और 15 से 18 साल के 7.40 करोड़ किशोर हैं। इन्हें मिलाकर फिलहाल वैक्सीन योग्य आबादी 101.40 करोड़ है।

स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक इनमें से 64.31% यानी 65.21 करोड़ लोगों को दोनों डोज लग चुके हैं। वहीं 89.16% यानी 90.41 करोड़ लोग सिंगल डोज लगवा चुके हैं। इस तरह 10.99 करोड़ लोगों को एक भी डोज नहीं लगा है। 25.19 करोड़ लोगों को अभी दूसरा डोज दिया जाना है।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने जारी किया डाक टिकट
स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडवीय ने वैक्सीनेशन का एक साल पूरा होने पर एक डाक टिकट जारी किया। उन्होंने ट्वीट किया- आज #1YearOfVaccineDrive के अवसर पर PM मोदी के 'आत्मनिर्भर भारत' के सपने को साकार करते हुए, ICMR और भारत बायोटेक ने मिलकर जो स्वदेशी कोवैक्सीन विकसित की है, उस पर डाक टिकट जारी किया गया है। मैं सभी वैज्ञानिकों को इस अवसर पर हार्दिक बधाई व धन्यवाद देता हूं।

किशोरों के वैक्सीनेशन में पंजाब बहुत पीछे
इस साल 3 जनवरी से 15 से 18 साल वाले किशोरों को वैक्सीन लग रही है। अब तक 3,25,28,416 किशोर पहला डोज लगवा चुके हैं। आंध्र प्रदेश में 87% तो हिमाचल प्रदेश में 80% किशोरों को पहला डोज लगा है। पंजाब इसमें सबसे पीछे है, जहां केवल 5% किशोरों को ही पहला डोज लगा है। वहीं 10 जनवरी से कोरोना वॉरियर्स और 60 साल से अधिक उम्र के अन्य गंभीर बीमारियों से ग्रस्त लोगों के लिए शुरू हुए अभियान के बाद 38 लाख प्रिकॉशन डोज लगे हैं।

वैक्सीनेशन में सबसे अच्छी रफ्तार यूके की
भारत में प्रति 10 लाख आबादी में 11.0 लाख वैक्सीन के डोज लग रहे हैं। वैक्सीनेशन में सबसे अच्छी रफ्तार यूके की है। वहां 10 लाख आबादी में 19.9 लाख डोज लग रहे हैं। कई देश बूस्टर डोज भी लगा चुके हैं। भारत में यह हाल ही में शुरू हुए हैं।

हिमाचल प्रदेश में 100% वयस्कों को दोनों डोज
सभी वयस्कों को दोनों डोज सिर्फ हिमाचल प्रदेश ही लगा पाया है। चंडीगढ़ और मध्य प्रदेश भी जल्द इस लक्ष्य को हासिल कर लेंगे, लेकिन पंजाब और राजस्थान इस लक्ष्य को हासिल करने में अभी भी काफी पीछे हैं।

हर महीने 30 करोड़ वैक्सीन बनाने की क्षमता
देश में ज्यादातर लोगों को दो कंपनियों की वैक्सीन लग रही हैं। सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया की कोवीशील्ड और भारत बायोटेक की कोवैक्सिन। सीरम के पास वैक्सीन बनाने की क्षमता हर महीने 25 करोड़ और भारत बायोटेक की 5 करोड़ है। सीरम इंस्टीट्यूट और भारत बायोटेक के पास 10 करोड़ से ज्यादा डोज स्टॉक में हैं। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के पास भी 14.84 करोड़ टीके रखे हैं।

दोनों डोज के बाद ही तैयार होती है एंटीबॉडी
नेशनल टेक्निकल एडवाइजरी ग्रुप ऑफ इम्यूनाइजेशन (NTAGI) के चेयरमैन डॉ. नरेंद्र अरोड़ा ने कहा, पहला डोज बॉडी को एंटीबॉडी बनाने के लिए तैयार करता है। दूसरा, एंटीबॉडी तैयार करता है। दोनों डोज समय पर लेना जरूरी है।