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नितिन गडकरी का बयान /एमएसएमई को कोरोना संकट से राहत के लिए 10 हजार करोड़ रुपए का फंड तैयार, कैबिनेट की मंजूरी का इंतजार

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का कहना है कि सरकार एमएसएमई को इस आर्थिक संकट से बाहर निकालने के लिए कई प्रयास कर रही है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का कहना है कि सरकार एमएसएमई को इस आर्थिक संकट से बाहर निकालने के लिए कई प्रयास कर रही है।

  • इस फंड से एमएसएमई यूनिट्स के शेयर खरीदेगी सरकार
  • नियमित जीएसटी दाखिल करने वाली एमएसएमई को मिलेगा फायदा

Moneybhaskar.com

Apr 18,2020 01:44:16 PM IST

नई दिल्ली. केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने शुक्रवार को कहा कि कोरोनावायरस महामारी के कारण पैदा हुआ आर्थिक हालात अनिश्चित हो गए हैं। इसको देखते हुए निर्यात पर आधारित माइक्रो, स्मॉल और मीडियम एंटरप्राइजेज के लिए 10 हजार करोड़ रुपए का फंडों का फंड तैयार किया गया है। इस फंड को वित्त मंत्रालय ने मंजूरी दे दी है और अब इसे कैबिनेट की मंजूरी का इंतजार है।

लगातार जीएसटी जमा करने वालों को मिलेगा लाभ

नितिन गडकरी ने कहा कि इस फंड का लाभ केवल उन एमएसएमई यूनिट्स को मिलेगा जिनका टर्नओवर अच्छा है और वे लगातार जीएसटी का भुगतान कर रही हैं। केंद्रीय मंत्री ने इंडिया एसएमई फोरम और यंग प्रेसीडेंट्स ऑर्गेनाइजेशन को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से संबोधित करते हुए कहीं। केंद्रीय मंत्री ने एसएमई एंटरप्रोन्योर से कहा कि सरकार आपके साथ है और आपको कोरोना के कारण पैदा हुए आर्थिक संकट से बाहर निकालने के लिए कई फैसले लिए जा रहे हैं। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हम 10 हजार करोड़ रुपए के फंड्स का फंड शुरू करने जा रहे हैं।

एमएसएमई यूनिट्स को मिलेगी क्रेडिट रेटिंग

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अच्छी एमएसएमई यूनिट्स, एक्पोर्ट में जुटी यूनिट्स, अच्छे टर्नओवर वाली यूनिट्स और नियमित तौर पर जीएसटी दाखिल करने वाली यूनिट्स को क्रेडिट रेटिंग दी जाएगी। यदि कोई यूनिट इक्विटी मार्केट के जरिए 50 करोड़ रुपए जुटाएगी तो इस राशि का 15 फीसदी हिस्सा इक्विटी खरीदारी के जरिए सरकार देगी। यह इक्विटी खरीदारी इसी 10 हजार रुपए के फंड से की जाएगी। सरकार भविष्य में अच्छी कीमत मिलने पर इन शेयर्स की बिक्री कर देगी। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हम एमएसएमई को कैपिटल मार्केट में लाने के प्रयास कर रहे हैं।

लॉकडाउन से करोड़ों एमएसएमई के बंद होने की संभावना

भारत में करीब 69 मिलियन (6.9 करोड़) माइक्रो, स्मॉल और मीडियम इंटरप्राइजेज यानी एमएसएमई है। यह सभी एमएसएमई लॉकडाउन के कारण बंद पड़ी हैं। ऑल इंडिया मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन के अनुसार यदि लॉकडाउन लंबा खिंचता है तो देश की 19 से 43 फीसदी एमएसएमई पूरी तरह से बंद हो सकती हैं। एमएसएमई भारत का सबसे ज्यादा रोजगार प्रदाता सेक्टर है। एमएसएमई भारतीय अर्थव्यवस्था की ग्रोथ की इंजन है जो करीब 180 मिलियन नौकरी पैदा करती है।

3 मई तक बढ़ाया लॉकडाउन

कोरोनावायरस के संक्रमण को रोकने के लिए केंद्र सरकार ने 25 मार्च से 14 अप्रैल तक के लिए 21 दिनों का देशव्यापी लॉकडाउन लगाया था। 14 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस अवधि को 19 दिन बढ़ाते हुए 3 मई तक लॉकडाउन रहने का ऐलान किया था। पीएम ने कहा था कि कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए लॉकडाउन बढ़ाना जरूरी है। हालांकि, सरकार ने 20 अप्रैल से कई प्रकार के कारोबारों को लॉकडाउन से छूट देने की योजना बनाई है।

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केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का कहना है कि सरकार एमएसएमई को इस आर्थिक संकट से बाहर निकालने के लिए कई प्रयास कर रही है।केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का कहना है कि सरकार एमएसएमई को इस आर्थिक संकट से बाहर निकालने के लिए कई प्रयास कर रही है।

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