• Home
  • Msme
  • MSMEs need soft loan cash transfer and loan restructuring to deal with the shock of lock down

लॉक डाउन के झटके से निपटने के लिए एमएसएमई सेक्टर को सॉफ्ट लोन, कैश ट्रांसफर व लोन रिस्ट्रक्चरिंग की दरकार

नोटबंदी और जीएसटी के झटके के बाद एमएसएमई पर अब वायरस का संकट नोटबंदी और जीएसटी के झटके के बाद एमएसएमई पर अब वायरस का संकट

  • 21 दिनों के लॉक डाउन से सूक्ष्म व छोटे-मझोले कारोबार बंदी की कगार पर पहुंच सकते हैं
  • छोटे कारोबारियों को करीब एक महीने तक बिना कमाई के ही काम करना पड़ सकता है

Moneybhaskar.com

Mar 25,2020 05:43:00 PM IST

नई दिल्ली. कोरोना वायरस संक्रमण रोकने के लिए 21 दिनों के देशव्यापी लॉकडाउन को देश के सूक्ष्म व छोटे-मझोले कारोबार (एमएसएमई) पर बहुत बुरा असर पड़ने की आशंका है। एमके ग्लोबल फाइनेंसियल सर्विसेज के मुताबिक ऐसे वक्त से निपटने के लिए एमएसएमई को सॉफ्ट लोन, कैश ट्रांसफर व लोन रिस्ट्रक्चरिंग की जरूरत है। एमके की रिपोर्ट में कहा गया है कि छोटे कारोबारियों को करीब एक महीने तक कोई कमाई के ही काम करना पड़ सकता है।

नोटबंदी और जीएसटी के झटके के बाद एमएसएमई पर अब वायरस का संकट

रिपोर्ट में कहा गया है कि लॉक डाउन के बाद फिर से वायरस संक्रमण फैलने को खतरा बढ़ने की भी आशंका है। इसका मतलब है कि इस 21 दिनों के लॉक डाउन का एमएसएमई के कारोबार पर स्थायी प्रभाव पड़ सकता है। दिहाड़ी कामगार के जीवन पर भी लॉक डाउन का बहुत बुरा असर होने वाला है। ट्रांसपोर्ट बंदी के कारण वे घर भी नहीं जा सकते। अर्थव्यवस्था में असंगठित क्षेत्र की एक बड़ा हिस्सेदारी है। यह क्षेत्र नोटबंदी और जीएसटी के झटके से अभी उबर भी नहीं पाया था कि अब कोरोना वायरस का नया संकट खड़ा हो गया। लॉक डाउन से छोटे कारोबार बंदी की कगार पर पहुंच सकते हैं।

सरकार का कॉरपोरेट सेक्टर को आसान शर्त पर लोन देने का फैसला

इस बीच सरकार ने नकदी समस्या से कॉरपोरेट सेक्टर को बचाने के लिए हस्तक्षेप करने का फैसला किया है। सरकार ने बैंकों को कहा है कि आसान शर्त पर कौरपोरेट सेक्टर को कर्ज देने के लिए वे तैयार रहें। सरकार ने इस मुद्दे पर आरबीआई से भी चर्चा की है।

कुछ सरकारी बैंकों ने पहले ही अस्थायी आपात कर्ज सुविधा पेश कर दी है

भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने पहले ही एक अस्थायी लोन सुविधा कोविद-19 इमर्जेंसी क्रेडिट लाइन (सीईसीएल) पेश कर दी है। इसके तहत वायरस संक्रमण के कारण जिन कारोबारियों को नकदी की दिक्कत होगी, उन्हें फंड दिया जाएगा। तीन अन्य सरकारी बैंक- यूनियन बैंक, इंडियन बैंक और बैंक ऑफ इंडिया ने भी आपात कर्ज सुविधा पेश की है। मोटे तौर पर इन तीनों बैंकों की कर्ज सुविधा का फोकस एसएमई सेक्टर पर है। एक सरकारी अधिकारी ने कहा कि कुछ और बैंक छोटे-मझोले कारोबारियों की मदद के लिए आगे आने वाले हैं।

एसबीआई 30 जून तक देगा आपात कर्ज

एसबीआई इमर्जेंसी क्रेडिट लाइन 30 जून तक लागू रहेगी। इसके तहत एक कारोबारी या तो 200 करोड़ रुपए या मौजूदा फंड आधारित वर्किंग कैपिटल लिमिटे के 10 फीसदी के बराबर का कर्ज हासिल कर सकते हैं। इस पर 7.25 फीसदी का फिक्स्ड ब्याज देय होगा। यह कर्ज अकाउंट एक साल तक चलेगा। छह महीने के बाद छह किस्तों में कर्ज का भुगतान करना होगा। मोटे तौर पर यह सुविधा एमएसएमई सेक्टर के लिए लाई गई है। अन्य बैंकों की योजनाएं भी कमोबेश ऐसी ही हैं।

X
नोटबंदी और जीएसटी के झटके के बाद एमएसएमई पर अब वायरस का संकटनोटबंदी और जीएसटी के झटके के बाद एमएसएमई पर अब वायरस का संकट

Money Bhaskar में आपका स्वागत है |

दिनभर की बड़ी खबरें जानने के लिए Allow करे..

Disclaimer:- Money Bhaskar has taken full care in researching and producing content for the portal. However, views expressed here are that of individual analysts. Money Bhaskar does not take responsibility for any gain or loss made on recommendations of analysts. Please consult your financial advisers before investing.