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  • 25 Percent of Indian startups in serious trouble if COVID 19 persists for long: Expert

चुनौती /कोरोना संक्रमण के दुष्परिणाम ज्यादा दिनों तक रहे तो 25% स्टार्टअप गहरे संकट में फंस जाएंगे: विशेषज्ञ

कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए देशव्यापी लॉकडाउन लागू है। इससे स्टार्टअप्स का कामकाज बड़े पैमाने पर प्रभावित हो रहा है। कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए देशव्यापी लॉकडाउन लागू है। इससे स्टार्टअप्स का कामकाज बड़े पैमाने पर प्रभावित हो रहा है।

  • अतिरिक्त निवेश नहीं मिला तो स्टार्टअप के फेल होने के मामले ज्यादा बढ़ेंगे
  • कारोबारी सेगमेंट के आधार पर सर्वाइव कर पाएंगे स्टार्टअप

Moneybhaskar.com

May 10,2020 05:30:36 PM IST

नई दिल्ली. कोरोनावायरस संक्रमण के दुष्परिणाम ज्यादा दिनों तक रहे तो भारत के करीब एक तिहाई स्टार्टअप गहरे संकट में फंस जाएंगे। यह बात इंफोसिस के को-फाउंडर और आईटी इंडस्ट्री के अनुभवी कृष गोपालकृष्णन ने कही है। गोपालकृष्णन के मुताबिक, करीब 25 फीसदी स्टार्टअप 6 महीने से ज्यादा नहीं चल पाएंगे। 6 महीने में रिकवरी नहीं हुई तो इन स्टार्टअप के लिए कुछ नहीं होगा।

अतिरिक्त निवेश नहीं मिला तो फेल हो जाएंगे कई स्टार्टअप

कंफेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री के पूर्व अध्यक्ष रहे गोपालकृष्णन का कहना है कि 25 फीसदी स्टार्टअप गंभीर चुनौतियों का सामना करेंगे। यदि इन स्टार्टअप्स को अतिरिक्त निवेश नहीं मिला तो यह फेल हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि सभी स्टार्टअप नहीं बल्कि उनमें से कुछ फेल होंगे। शेष 75 फीसदी स्टार्टअप की संभावनाओं पर उन्होंने कहा कि अगर कोरोनोवायरस संकट लंबे समय तक रहता है तो अधिक विफलताएं होंगी।

अतिरिक्त फंड नहीं मिला तो ज्यादा स्टार्टअप फेल होंगे

गोपालकृष्णन ने कहा कि यदि स्टार्टअप्स को मौजूदा निवेशकों, बैंकों और सरकार से मदद नहीं मिली तो फेल होने के ज्यादा मामले सामने आएंगे। उन्होंने कहा कि लंबे संकट के कारण हम ज्यादा कंपनियों को आहत होते देखेंगे। गोपालकृष्णन के मुताबिक स्टार्टअप्स का आउटलुक उनके सेगमेंट पर निर्भर करेगा। एक उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि ई-कॉमर्स और कुछ फूड डिलीवरी कंपनियां कामकाज शुरू करने के लिए तैयार हैं। एक अन्य उदाहरण देते हुए गोपालकृष्णन ने कहा कि यात्री अब शेयर राइड या टैक्सी का इस्तेमाल नहीं करेंगे। इन वाहनों का इस्तेमाल पैकेज, फूड और ग्रॉसरी की डिलीवरी में किया जा सकता है।

मोबिलिटी स्टार्टअप्स के जल्द सामान्य होने की उम्मीद

अर्नेस्ट एंड यंग (ईवाई) इंडिया के अंकुर पाहवा के मुताबिक मोबिलिटी सेक्टर से जुड़े स्टार्टअप्स के जल्द सामान्य होने की उम्मीद है। हालांकि, स्वच्छता के कठोर उपायों के कारण ऐसे स्टार्टअप्स को समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। बी-2-सी कंपनियों को गैरजरूरी वस्तुओं की मांग में तेजी आने का इंतजार करना होगा। उनके मुताबिक वर्क फ्रॉम होम कैटेगरी में खर्च तेजी पकड़ेगा। कंज्यूमर सेगमेंट में टियर-2 और टियर-3 शहरों से आने वाली मांग काफी महत्वपूर्ण होगी।

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कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए देशव्यापी लॉकडाउन लागू है। इससे स्टार्टअप्स का कामकाज बड़े पैमाने पर प्रभावित हो रहा है।कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए देशव्यापी लॉकडाउन लागू है। इससे स्टार्टअप्स का कामकाज बड़े पैमाने पर प्रभावित हो रहा है।

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