मनी नॉलेज /जानिए क्या होती है बिटकॉइन हॉल्विंग और इसका क्या असर होता है?

Moneybhaskar.com

May 14,2020 11:53:00 AM IST

डिजिटल करेंसी बिटकॉइन में 'हॉल्विंग' नाम की एक घटना होता है। इस घटना के बाद बिटकॉइन के एक ब्लॉक को अनलॉक करने का पुरस्कार तय होता है। सामान्य तौर पर प्रत्येक हॉल्विंग के बाद पुरस्कार राशि घटकर आधी रह जाती है। आइए जानते हैं कि बिटकॉइन हॉल्विंग और इसका क्या असर पड़ता है..

क्या होता है बिटकॉइन

बिटकॉइन एक वर्चुअल यानी आभासी मुद्रा है। इसे डिजिटल करेंसी भी कहा जाता है। बिटकॉइन ऐसे करेंसी है जिसे ना तो आप देख सकते हैं और ना ही आप छू सकते हैं। यह इलेक्ट्रॉनिक रूप में ही स्टोर होती है।

क्या है बिटकॉइन हॉल्विंग

प्रत्येक चार साल पर होने वाली बिटकॉइन हॉल्विंग से इसके उत्पादों का पुरस्कार तय होता है। दरअसल, रुपया या डॉलर की तरह बिटकॉइन की छपाई नहीं होती है। बल्कि इसका निर्माण कंप्यूटर के जरिए किया जाता है। इस कार्य को खनन कहा जाता है और इस कार्य को करने वालों को माइनर (खनन कर्मी) कहा जाता है। ये माइनर गणित की जटिल पहेलियों को सुलझाकर बिटकॉइन का निर्माण करते हैं जिसके बदले में उन्हें पुरस्कार मिलता है।

प्रत्येक हॉल्विंग पर आधी रह जाती है पुरस्कार राशि

बिटकॉइन हॉल्विंग की घटना प्रत्येक चार साल के अंतर होती है। प्रत्येक घटना के बाद पुरस्कार राशि आधी हो जाती है। 2012 में पहली घटना के समय पुरस्कार राशि 50 बिटकॉइन थी जो अब 2020 में घटकर 6.25 बिटकॉइन पर आ गई है।

प्रत्येक चार साल पर होती है हॉल्विंग

बिटकॉइन हॉल्विंग की घटना प्रत्येक चार साल के बाद होती है। 2009 में बिटकॉइन के क्रिएशन के बाद हॉल्विंग की पहली घटना नवंबर 2012 में हुई थी। इसके बाद दूसरी घटना जुलाई 2016 और तीसरी घटना मई 2020 में हुई है। हॉल्विंग की चौथी घटना के मई 2024 में होने की उम्मीद जताई जा रही है।

कब तक होगी हॉल्विंग प्रक्रिया

ब्लॉकगीक्स डॉट कॉम के मुताबिक बिटकॉइन की दुनिया में हॉल्विंग की कुल 64 घटनाएं होनी हैं, जिसमें से अभी तक चार ही संपन्न हुई हैं। पूरी दुनिया में केवल 21 मिलियन यानी 2.1 करोड़ बिटकॉइन बाजार में आ सकते हैं। एक आंकड़े के मुताबिक, अभी तक केवल 17 मिलियन बिटकॉइन बाजार में हैं। 21 मिलियन बिटकॉइन को बाजार में आने में वर्ष 2140 तक का समय लग सकता है।

प्रत्येक 2.1 लाख ब्लॉक अनलॉक होने के बाद होती है हॉल्विंग

बिटकॉइन स्टार्टअप बिटबडी के संस्थापक आशीष अग्रवाल के मुताबिक, सामान्य तौर पर प्रत्येक 2.1 लाख ब्लॉक के अनलॉक होने के बाद हॉल्विंग की घटना होती है। यह घटना तब तक होती रहेगी जब तक ब्लॉक को अनलॉक करने का पुरस्कार जीरो नहीं हो जाएगा।

हॉल्विंग के बाद घट जाता है उत्पादन

बाजार में बिटकॉइन की नई आपूर्ति का बड़ा हिस्‍सा केवल माइनर्स (बिटकॉइन के प्रोड्यूसर्स) से आता है। हॉल्विंग के बाद पुरस्कार राशि घटने से बिटकॉइन माइनिंग प्रभावित होती है। इससे बाजार में नए बिटकॉइन की आपूर्ति का अभाव हो जाता है। नए बिटकॉइन नहीं आने की वजह से कीमतें बढ़ जाती हैं। पुरस्कार राशि घटने की वजह से बिटकॉइन के उत्पादकों की संख्या घट जाएगी। वे ज्यादा मुनाफे वाली दूसरी क्रिप्टोकरेंसी की तरफ आकर्षित होंगे। इससे बिटकॉइन की कीमत बढ़ेगी।

निवेशकों पर असर

बिटकॉइन हॉल्विंग का बिटकॉइन के मौजूदा निवेशकों पर कोई असर नहीं पड़ता है। इसका कारण यह है कि हॉल्विंग से बिटकॉइन की कीमत प्रभावित नहीं होती है बल्कि यह घटना बिटकॉइन के उत्पादन से संबंधित है।

X

Money Bhaskar में आपका स्वागत है |

दिनभर की बड़ी खबरें जानने के लिए Allow करे..

Disclaimer:- Money Bhaskar has taken full care in researching and producing content for the portal. However, views expressed here are that of individual analysts. Money Bhaskar does not take responsibility for any gain or loss made on recommendations of analysts. Please consult your financial advisers before investing.