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मार्च में सेंसेक्स के इतिहास की एक महीने के दौरान सबसे बड़ी गिरावट, अब तक 33% गिरा बाजार

  • इससे पहले मंदी के समय अक्टूबर 2008 में 24 फीसदी गिरा था बाजार
  • बीते 29 साल में 24 बार 10% से ज्यादा गिरा सेंसेक्स, एनडीए सरकार की तेजी टूटी

Moneybhaskar.com

Mar 23,2020 04:38:00 PM IST

नई दिल्ली। चीन से शुरू हुआ कोरोनावायरस अब भारत समेत दुनिया के 192 देशों में फैल चुका है। महामारी बन चुके इस वायरस के कारण अब तक पूरे विश्व में 14616 लोगों की मौत हो चुकी है। यह वायरस सभी देशों की अर्थव्यवस्था पर भी भारी पड़ रहा है। इस महामारी के कारण दुनियाभर के शेयर बाजार डूब रहे हैं। भारतीय शेयर बाजार भी इससे अछूते नहीं हैं और गिरावट के नए रिकॉर्ड बना रहे हैं। बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) के सेंसेक्स ने भी अपने इतिहास में एक महीने में सबसे ज्यादा गिरावट का रिकॉर्ड बनाया है। मार्च महीने में अब तक सेंसेक्स 33 फीसदी से ज्यादा गिर चुका है।

अक्टूबर 2008 में हुई थी 24 फीसदी की गिरावट

सितंबर 2008 में अमेरिका में लेहमन ब्रदर्स बैंक के सामने बड़ा वित्तीय संकट पैदा हो गया था। लेकिन अमेरिकी सरकार ने बैंक को उबारने से मना कर दिया था। इसका नतीजा यह निकला कि बैंक दिवालिया हो गया। इससे पूरी दुनिया में मंदी का माहौल बना गया और सभी देशों के शेयर बाजारों में भारी गिरावट दर्ज की गई। भारतीय शेयर बाजार भी इससे अछूते नहीं रहे और बाजारों में भारी गिरावट रही। अक्टूबर 2008 में सेंसेक्स 13006.72 से गिरकर 9788.06 अंकों पर आ गया और इसमें 24 फीसदी से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई। अप्रैल 1992 से अब तक भारतीय शेयर बाजार में मासिक स्तर पर 24 मौके ऐसे आएं हैं जब सेंसेक्स में 10 फीसदी से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई है।

10 दिन में दो बार लगा लोअर सर्किट

कोरोनावायरस का भारतीय शेयर बाजारों पर काफी बुरा असर पड़ रहा है। इसका जीता-जागता सबूत यह है कि मार्च महीने में 10 दिनों में ही सेंसेक्स में 2 बार लोअर सर्किट लग चुका है। इस महीने पहला सर्किट 13 मार्च को लगा था। हालांकि, उस दिन रिकवरी हो गई थी। दूसरा सर्किट आज यानी 23 मार्च को लगा है। लोअर सर्किट लगने के बाद 45 मिनट के लिए कारोबार रोक दिया गया था। इसके बावजूद सेंसेक्स में गिरावट थमने का नाम नहीं ले रही है और यह 3934.72 अंक गिरकर 25,981.24 अंकों पर बंद हुआ है। आपको बता दें कि शेयर बाजार को भारी गिरावट से बचाने के लिए लोअर सर्किट लगाया जाता है। इसका मकसद निवेशकों के निवेश को सुरक्षित रखना होता है।

कब-कब लगा लोअर सर्किट

  • सबसे पहला मौका 21 दिसंबर 1990 में आया था, जब सेंसेक्स में 16.19% की गिरावट दर्ज की गई थी। इस गिरावट के बाद शेयर बाजार 1034.96 के स्तर पर पहुंच गया था।
  • सेंसेक्स में दूसरी सबसे बड़ी गिरावट 28 अप्रैल 1992 में आई थी। तब सेंसेक्स में 12.77% की गिरावट दर्ज की गई थी। उस दिन शेयर बाजार 3896.90 के स्तर पर बंद हुआ था।
  • तीसरा मौका था 17 मई 2004 में आया, जब शेयर बाजार में 11.14% की गिरावट दर्ज की गई। तब शेयर बाजार 4505.16 के स्तर पर जाकर बंद हुआ था।
  • 24 अक्टूबर 2008 को सेंसेक्स में 10.96% की गिरावट दर्ज की गई थी। उस दिन शेयर बाजार 8701.07 के स्तर पर बंद हुआ था।
  • 13 मार्च 2020 को भी 10% की गिरावट के कारण सर्किट लगा था, लेकिन बाद के कारोबार में सेंसेक्स सुधार आ गया था। उस दिन सेंसेक्स 34,103.48 पॉइंट पर बंद हुआ था।

एनडीए की 6 साल की तेजी टूटी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एनडीए के 6 साल के कार्यकाल में शेयर बाजारों में आई तेजी मार्च महीने में पूरी तरह से टूट चुकी है। 16 मई 2014 को चुनावी नतीजे आने के बाद सेंसेक्स में जबरदस्त तेजी आई थी और यह 25 हजार के स्तर को पार कर गया था। हालांकि कारोबार के अंत में भारी बिकवाली के कारण यह 24,716.88 अंकों पर बंद हुआ था। तब से लेकर अब तक सेंसेक्स ने कई रिकॉर्ड बनाए हैं। इसमें 20 जनवरी 2020 का इंट्रा-डे का 42273 अंकों का ऑल टाइम हाई भी शामिल हैं। लेकिन मार्च में कोरोनावायरस के कारण यह तेजी टूट चुकी है और 23 मार्च को सेंसेक्स 25880 के निम्न स्तर तक आ चुका है।

बाजार में गिरावट की 3 वजह

1. कोरोनावायरस का संक्रमण फैलने की वजह से देश के कई राज्यों में 31 मार्च तक लॉकडाउन कर दिया गया है।

2. विदेशी निवेशक भारतीय बाजार से लगातार पैसा निकाल रहे हैं। करीब दो हफ्ते में वे 50,000 करोड़ रुपए के शेयर बेच चुके हैं।

3. कोरोनावायरस का संक्रमण फैलने के डर से दुनियाभर के बाजारों में गिरावट आ रही है।

किस महीने में कितनी गिरावट

महीना ओपनिंग क्लोजिंग गिरावट (फीसदी में)
अप्रैल 1992 4546.58 3887.72 -14.4913
मई 1992 3531.21 3006.08 -14.8711
अक्टूबर 1992 3303.93 2833.34 -14.2433
नवंबर 1992 2867.57 2518.1 -12.187
मार्च 1993 2677.93 2280.52 -14.8402
मार्च 1994 4273.48 3778.99 -11.5711
नवंबर 1995 3428.79 2994.29 -12.6721
अगस्त 1997 4322.19 3876.08 -10.3214
जनवरी 1998 3658.34 3224.36 -11.8628
जून 1998 3737.25 3250.69 -13.0192
अप्रैल 1999 3750.22 3325.69 -11.3201
जुलाई 2000 4846.69 4279.86 -11.6952
सितंबर 2000 4571.89 4090.38 -10.532
मार्च 2001 4288.23 3604.38 -15.9471
सितंबर 2001 3245.71 2811.6 -13.3749
मई 2004 5645.86 4759.62 -15.6972
मई 2006 12103.78 10398.61 -14.0879
जनवरी 2008 20325.27 17648.71 -13.1686
जून 2008 16591.46 13461.6 -18.8643
सितंबर 2008 14412.99 12860.43 -10.7719
अक्टूबर 2008 13006.72 9788.06 -24.7461
नवंबर 2008 10209.37 9092.72 10.9375
जनवरी 2011 20621.61 18327.76 -11.1235
मार्च 2020 38297.29 25,981.24 -33.2

नोट: सभी आंकड़े बीएसई की वेबसाइट से लिए गए हैं।

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