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वाराणसी में उपद्रव कर दिल्ली तक पहुंचाना था संदेश:'अग्निपथ' के विरोध की हिंसा में शामिल थे ज्यादातर बाहरी लोग, जौनपुर-आजमगढ़, गाजीपुर और मऊ से आए थे

वाराणसी3 महीने पहले
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अग्निपथ स्कीम के विरोध में पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में हुए उपद्रव में यहां के युवाओं से ज्यादा बाहरी लोग शामिल थे। पुलिस ने जिन 27 लोगों को गिरफ्तार किया है, उनमें अधिकांश जौनपुर, आजमगढ़, गाजीपुर और मऊ जिले के लड़के हैं। पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार युवाओं ने पूछताछ में बताया कि वह यह सोच कर बनारस आए थे कि वहां विरोध करेंगे तो पीएम मोदी का संसदीय क्षेत्र होने के कारण दिल्ली तक संदेश जाएगा। उन्हें किसी ने कुछ समझाकर नहीं भेजा था, वह खुद सोच समझकर आए थे।

गिरफ्तार युवाओं में ज्यादातर 19 से 21 साल के हैं। इन युवाओं ने पुलिस से यह भी कहा कि वह अपने जिले में विरोध-प्रदर्शन करते तो शायद उनकी आवाज दिल्ली तक न पहुंच पाती। पुलिस अब गिरफ्तार युवकों के मोबाइल की कॉल डिटेल खंगालने के साथ ही उनके वॉट्सऐप की चैट को रिकवर कराने के प्रयास में जुट गई है। ताकि, यह पता लगाया जा सके कि उपद्रव के पीछे किसी की सोची-समझी साजिश तो नहीं थी।

शुक्रवार को उपद्रवियों ने कैंट रेलवे स्टेशन के पास रेलवे ट्रैक में आग लगा दी थी। इससे पहले सभी ने ट्रैक पर ही पुश-अप्स भी किया था।
शुक्रवार को उपद्रवियों ने कैंट रेलवे स्टेशन के पास रेलवे ट्रैक में आग लगा दी थी। इससे पहले सभी ने ट्रैक पर ही पुश-अप्स भी किया था।

ट्रेन से आए थे, कहा गया था अलर्ट रहें
जौनपुर, आजमगढ़, गाजीपुर और मऊ जिले से वाराणसी तक आने के लिए उपद्रवियों ने शुक्रवार की सुबह ट्रेन का सहारा लिया था। खुफिया इनपुट के आधार पर आला अफसरों ने गुरुवार की रात ही कैंट रेलवे स्टेशन और कैंट रोडवेज पर अतिरिक्त सतर्कता बरतने के लिए संबंधित विभागों के साथ ही पुलिस को भी कहा था। इसके बावजूद आला अफसरों के निर्देश को गंभीरता से नहीं लिया गया। नतीजतन, कैंट रेलवे स्टेशन से कैंट रोडवेज डिपो, लहरतारा, सिगरा, चौकाघाट और सारनाथ क्षेत्र में स्थिति अराजक रही। विरोध-प्रदर्शन जिले के ग्रामीण अंचल यानी चौबेपुर और चोलापुर में भी हुआ, लेकिन वहां किसी भी तरह से हिंसा की बात सामने नहीं आई।

शुक्रवार को उपद्रवियों ने रोडवेज और सिटी ट्रांसपोर्ट की बसों में तोड़फोड़ करने के अलावा उनकी आवाजाही ठप करा कर 20 लाख रुपए से ज्यादा का नुकसान पहुंचाया।
शुक्रवार को उपद्रवियों ने रोडवेज और सिटी ट्रांसपोर्ट की बसों में तोड़फोड़ करने के अलावा उनकी आवाजाही ठप करा कर 20 लाख रुपए से ज्यादा का नुकसान पहुंचाया।

3 थानों में 4 मुकदमे दर्ज किए गए
वाराणसी में शुक्रवार को अलग-अलग जगहों पर हुए उपद्रव को लेकर सिगरा, कैंट और जैतपुरा थाने में 4 मुकदमे दर्ज किए गए हैं। नामजद आरोपियों में से 14 वाराणसी के ग्रामीण इलाकों के हैं। बाकी जौनपुर के 8, आजमगढ़ के 4, गाजीपुर के 2 और मऊ जिले के 1 उपद्रवी हैं। इसके अलावा 250 से अधिक आरोपी अज्ञात हैं। इन सभी के खिलाफ बलवा, हत्या का प्रयास, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जैसी धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।

ए. सतीश गणेश, पुलिस कमिश्नर।
ए. सतीश गणेश, पुलिस कमिश्नर।

पुलिस कमिश्नर ए. सतीश गणेश ने कहा कि प्रदर्शन में शामिल युवा अग्निपथ योजना के संबंध में सोशल मीडिया की गलत जानकारियों के आधार पर भ्रमित हैं। पुलिस द्वारा सभी को समझाया गया था कि वह अपना ज्ञापन वगैरह दे दें और शांतिपूर्वक वापस लौट जाएं। इसके बावजूद कुछ लोगों ने शांति और कानून व्यवस्था को प्रभावित करने की कोशिश की। इसलिए उनके खिलाफ पुलिस कानूनी कार्रवाई करने को मजबूर हुई है।

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