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ढह रहा मुख्तार का साम्राज्य:3 साल में मारे गए 6 गुर्गे, 351 करोड़ की संपत्ति कुर्क, 156 पर लगा गैंगस्टर

वाराणसी2 महीने पहले
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बीते 2 साल 5 महीने में मऊ सदर विधायक माफिया मुख्तार अंसारी के गिरोह को वाराणसी जोन के जिलों की पुलिस ने 351 करोड़ 15 लाख रुपए की चोट पहुंचाई है। इसमें से 152 करोड़ रुपए की संपत्ति ऐसी है जिसे ढहा कर नष्ट कर दिया गया है। पुलिस का दावा है कि अवैध वसूली और सरकारी ठेकों में दखल देकर मुख्तार गिरोह सालाना 121 करोड़ रुपए की कमाई करता था। लेकिन, अब मुख्तार गिरोह के आय के सारे अवैध स्रोतों पर पूरी तरह से शिकंजा कसा जा चुका है। वहीं, बीते 3 साल में मुख्तार गिरोह के 6 से ज्यादा गुर्गे मार दिए गए। बता दें कि मुख्तार अंसारी 2005 से जेल में बंद है।

3 दिन पहले लखनऊ में हुई थी कार्रवाई
मुख्तार की पत्नी अफशा अंसारी के नाम पर लखनऊ स्थित जमीन को यूपी गैंगस्टर एक्ट और असामाजिक गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम के तहत कुर्क किया गया। हुसैनगंज में स्थित इस 194 वर्गमीटर जमीन को मुख्तार अंसारी ने अवैध कमाई के जरिए खरीदी थी। इस कार्रवाई के लिए आजमगढ़ की पुलिस टीम लखनऊ 3 दिन पहले आई थी। जमीन की बाजार में कीमत करीब 3 करोड़ है।

गिरोह के 221 लोग गिरफ्तार किए गए
वाराणसी जोन के एडीजी बृज भूषण ने बताया कि जून 2019 से मुख्तार अंसारी गिरोह के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई शुरू की गई थी। तब से लेकर अब तक वाराणसी, गाजीपुर, मऊ, आजमगढ़ और बलिया के साथ ही अन्य जिलों से इस गिरोह के 221 लोग गिरफ्तार किए गए। 156 के खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई की गई।

6 लोगों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत कार्रवाई हुई और 61 लोगों की ताउम्र निगरानी के लिए उनकी हिस्ट्रीशीट खोली गई। मुख्तार से जुड़े 168 लोगों के आर्म्स लाइसेंस रद्द कराए गए। एडीजी जोन ने कहा कि संगठित तरीके से अपराध करने और गैंग संचालित करने वाले पुलिस की कार्रवाई से बच नहीं पाएंगे। जोन के 10 जिलों की पुलिस को स्पष्ट निर्देश है कि अपराधियों पर कहर बन कर टूट पड़ो।

बृज भूषण, एडीजी जोन, वाराणसी।
बृज भूषण, एडीजी जोन, वाराणसी।

2018 से एक-एक कर मारे जा रहे शागिर्द
बांदा जेल में बंद मुख्तार अंसारी के शूटरों की कभी पूर्वांचल से लेकर बिहार और दिल्ली तक जरायम जगत में तूती बोलती थी। 9 जुलाई 2018 को बागपत जेल में मुख्तार का खास शागिर्द मुन्ना बजरंगी मारा गया तो इसके बाद एक-एक कर कई शूटर मारे गए। बजरंगी के कारण उसका शूटर रईस बनारसी भी मुख्तार अंसारी को अपना आका मानता था, लेकिन गैंगवार में वाराणसी में सितंबर 2018 में वह भी मारा गया। बजरंगी और रईस के बाद अगस्त 2020 में एसटीएफ के हाथों मऊ निवासी राकेश पांडेय उर्फ हनुमान पांडेय मारा गया।

मार्च 2021 में पुलिस मुठभेड़ में अमजद उर्फ अंगद और वकील पांडेय उर्फ राजीव ढेर कर दिए गए। मार्च 2021 में ही चित्रकूट जेल में गैंगवार में मुख्तार का खास मेराज अहमद उर्फ भाई मेराज मारा गया। इसके बाद बीते अक्टूबर महीने में मुख्तार के शूटर अलीशेर उर्फ डॉक्टर और कामरान उर्फ बन्नू भी मुठभेड़ में ढेर कर दिए गए।

अपने ने साथ छोड़ा, इस बार सुभासपा का साथ

मऊ जिले की घोसी लोकसभा से बसपा के सांसद चुने गए अतुल राय की पहचान कभी मुख्तार अंसारी के मैनेजर के तौर पर होती थी। लेकिन, सियासी महत्त्वाकांक्षा ने अतुल को मुख्तार से दूर कर दिया। अब हालत यह है कि प्रयागराज की नैनी सेंट्रल जेल में बंद अतुल अकसर मुख्तार गिरोह से अपनी जान को खतरा बता कर सुरक्षा की गुहार सरकार से लगाते रहते हैं।

वहीं, मुख्तार के सियासी रसूख की बात की जाए तो वह 1996 में बहुजन समाज पार्टी से विधायक चुने गए। तब से लेकर अब तक मुख्तार ने विधानसभा के 5 चुनाव लगातार जीते। इस बार मुख्तार को सुहलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने प्रत्याशी बनाने की घोषणा की है। इसे लेकर माना जा रहा है कि समाजवादी पार्टी के सहयोग से सुभासपा के बैनर तले इस बार मुख्तार शह और मात के सियासी खेल में अपनी किस्मत आजमांएगे।

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