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डॉक्टर समेत 80 स्टाफ जिला अस्पताल में अबसेंट:वाराणसी के CMO ने लापरवाहों को किया जवाब-तलब; OPD में भी नहीं थे डॉक्टर

वाराणसी2 महीने पहले
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CMO ने कहा कि ECG कक्ष में के पहले तल पर होने के कारण हृदयरोगियों के लिए सीढ़ी या रैंप द्वारा ले जाने से हार्ट अटैक की पॉसिबिलिटी बढ़ जाती है। - Money Bhaskar
CMO ने कहा कि ECG कक्ष में के पहले तल पर होने के कारण हृदयरोगियों के लिए सीढ़ी या रैंप द्वारा ले जाने से हार्ट अटैक की पॉसिबिलिटी बढ़ जाती है।

वाराणसी के जिला अस्पताल में डॉक्टर, मैनेजमेंट और स्टाफ मिलकर मरीजों की जान से खिलवाड़ कर रहा है। CMO डॉ. संदीप चौधरी ने औचक निरीक्षण कर पाया कि करीब 80 डॉक्टर, मेडिकल ऑफिसर, फार्मासिस्ट और अन्य स्टाफ ड्यूटी पर थे ही नहीं। पंडित दीन दयाल यानी कि जिला अस्पताल में आज इतने लोग अबसेंट थे। इस बड़ी लापरवाही पर CMO डॉ. संदीप चौधरी ने कड़ी नाराजगी जताई।

CMO ने कहा कि बार-बार चेतावनी देने के बावजूद डॉक्टरों द्वारा प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र का कोई सहयोग नहीं किया जा रहा है।
CMO ने कहा कि बार-बार चेतावनी देने के बावजूद डॉक्टरों द्वारा प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र का कोई सहयोग नहीं किया जा रहा है।

मौके पर अनुपस्थित मेडिकल ऑफिसर्स और स्टाफ को जवाब-तलब कर लिया है। CMO ने यह भी देखा कि OPD में डाॅक्टर हैं ही नहीं। मरीजों की भारी भीड़ लगी हुई है। बाहर से दवा लिखने की शिकायतें भी मिलीं। CMO ने कहा कि बार-बार चेतावनी देने के बावजूद डॉक्टरों द्वारा प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र का कोई सहयोग नहीं किया जा रहा है। उन्होंने डॉक्टरों कोे निर्देश दिया कि वे प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र के संचालक से समन्वय बनाकर वहां उपलब्ध दवा का मरीजों के इलाज में उपयोग बढ़ाएं। उन्होंने अस्पताल की साफ-सफाई व्यवस्था सहित अन्य व्यवस्थाओं में भी सुधार के निर्देश दिए।

CMO . संदीप चौधरी ने निरीक्षण के दौरान ECG कक्ष में बहुत सी अनियमितता पाई।
CMO . संदीप चौधरी ने निरीक्षण के दौरान ECG कक्ष में बहुत सी अनियमितता पाई।

ECG रूम को ग्राउंड फ्लोर पर शिफ्ट हो
उन्होंने ECG रूम को ग्राउंड फ्लोर पर शिफ्ट कराने के साथ ही अस्पताल की व्यवस्था को सुधारने के लिए अन्य आवश्यक निर्देश दिया। डाॅ. संदीप चौधरी ने निरीक्षण के दौरान ECG कक्ष में बहुत सी अनियमितता पाई। यहां सभी जिम्मेदारों को नोटिस भेजकर कार्रवाई करने की बात कही। CMO ने कहा कि ECG कक्ष में के पहले तल पर होने के कारण हृदयरोगियों के लिए सीढ़ी या रैंप द्वारा ले जाना जानलेवा है। इससे हार्ट अटैक की पॉसिबिलिटी बढ़ जाती है। उन्होंने निर्देश दिया कि ECG मशीन को इमरजेंसी कक्ष में लगाएं। ताकि इमरजेंसी में आने वाले मरीजो का 24 घंटे ECG किया जा सके।

आकस्मिक निरीक्षण में ये डॉक्टर रहे नदारद
आर्थोसर्जन डाॅ. संजय कुमार सिंह, EMO डाॅ. अरूण कुमार तिवारी, आर्थो सर्जन डाॅ केके बनरवाल, जनरल सर्जन शिवेश जायसवाल, एनेथिसिया शिवपूजन मौर्या, बाल रोग विशेषज्ञ मनीष तिवारी, आर्थोसर्जन बृजेश कुमार, एनेस्टेटिस्ट रामकुमार, नेत्र सर्जन गोविन्द प्रसाद, फिजिशियन अश्वनी कुमार सिंह, टेलीमेडिसिन चिकित्साधिकारी एकता कुमारी गुप्ता, बाल रोग विशेषज्ञ रियाज अहमद, फिजिशियन पीएस मिश्रा, आर्थोसर्जन संतोष कुमार, दन्त शल्यक निहारिका मौर्या और मेडिकल ऑफिसर बिजेन्द्र कुमार।
फार्मासिस्ट में चीफ मुनीर अहमद, उदय प्रताप सिंह, प्रवीन पांडेय, कंचनलता ब्लडबैंक और अंतिमा देवी डार्क रूम सहायक भी ड्यूटी पर नहीं थीं। इसी तरह से ART सेंटर और अस्पताल के कर्मचारियों को मिलाकर 50 लोग अनुपस्थित थे।