पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Market Watch
  • SENSEX57276.94-1 %
  • NIFTY17110.15-0.97 %
  • GOLD(MCX 10 GM)48432-0.52 %
  • SILVER(MCX 1 KG)62988-1.1 %

NEET में धांधली, सरगना परिवार संग कोलकाता भागा:सॉल्वर गैंग के सरगना की तलाश में UP पुलिस का पटना और छपरा में छापा, पटना में खुद को बताता था डॉक्टर; अब तक गैंग के 6 दबोचे गए

वाराणसी4 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
फरार सॉल्वर गैंग का सरगना PK उर्फ नीलेश सिंह। - Money Bhaskar
फरार सॉल्वर गैंग का सरगना PK उर्फ नीलेश सिंह।

NEET में धांधली के प्रयास में लगे सॉल्वर गैंग के सरगना PK उर्फ नीलेश सिंह की तलाश में वाराणसी पुलिस ने रविवार यानी आज पटना और छपरा में छापा मारा। PK के करीबियों से पूछताछ में पता लगा कि वह परिवार के साथ कोलकाता की ओर भागा है। उसने अपने सारे मोबाइल भी बंद कर रखे हैं। हालांकि, दबिश के दौरान PK की तस्वीर पहली बार पुलिस के हाथ लगी है। PK ने पटना के पाटलिपुत्र में 4 मंजिला आलीशान मकान बनवा रखा है। महंगी गाड़ियों का शौकीन PK अपनी कॉलोनी के लोगों को खुद को डॉक्टर बताता था। हालांकि, कॉलोनी के किसी भी व्यक्ति को यह नहीं पता कि पटना में उसका नर्सिंग होम कहां है। पुलिस ने दबिश दी तो PK की असलियत जानकार उसकी कॉलोनी के लोग सन्न रह गए। बिहार के छपरा जिले के सेंधवा गांव स्थित PK के घर पुलिस गई तो पता लगा कि वहां उसने अपने करीबियों को खुद को बिजनेसमैन बता रखा है।

18 सितंबर को वाराणसी पुलिस ने गैंग के दो सदस्यों को विकास कुमार महतो और राजू कुमार को गिरफ्तार किया था।
18 सितंबर को वाराणसी पुलिस ने गैंग के दो सदस्यों को विकास कुमार महतो और राजू कुमार को गिरफ्तार किया था।

एयर कूरियर सर्विस का करते थे उपयोग
बता दें, बीते शनिवार को वाराणसी पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए सॉल्वर गैंग के दो सदस्य विकास कुमार महतो और राजू कुमार ने चौंकाने वाली जानकारी दी थी। दोनों ने बताया था कि उनका गिरोह अभ्यर्थियों के मूल शैक्षणिक प्रमाण पत्र और एडमिट कार्ड मंगवाने के लिए हमेशा एयर कूरियर सर्विस का इस्तेमाल करता था। इससे फायदा यह होता था कि कूरियर कंपनी का डिलीवरी बॉय कभी उनके ठिकाने तक नहीं आ पाता था। जब भी कूरियर आता था वह एयरपोर्ट जाकर उसे खुद ही लेते थे।

इसके अलावा सभी सदस्य फर्जी आईडी पर लिए गए सिम कार्ड का उपयोग करते थे। एक सिम का एक हफ्ते से ज्यादा इस्तेमाल नहीं किया जाता था। बातचीत के लिए व्हाट्सऐप मैसेज और कॉल का सहारा लिया जाता था।

यूपी पुलिस की एक टीम त्रिपुरा रवाना
NEET परीक्षा की मूल अभ्यर्थी हिना बिस्वास थी। उसकी जगह बीते 12 सितंबर को बीएचयू बीडीएस की छात्रा जूली कुमारी वाराणसी के सारनाथ स्थित स्कूल में NEET परीक्षा में बैठी थी। हिना बिस्वास के पिता गोपाल बिस्वास दवा कारोबारी हैं। गोपाल का घर त्रिपुरा में है। वाराणसी पुलिस कमिश्नर ए. सतीश गणेश ने बताया कि पिता-पुत्री की गिरफ्तारी के लिए त्रिपुरा पुलिस से संपर्क किया गया। पिता-पुत्री की धरपकड़ के लिए पुलिस की एक टीम त्रिपुरा रवाना की गई है।

कुछ अन्य मेडिकल छात्र भी शक के दायरे में
पुलिस अब तक की जांच के बाद इस निष्कर्ष पर पहुंची है कि बीएचयू और केजीएमयू के कुछ अन्य मेडिकल छात्र भी सॉल्वर गैंग के संपर्क में हैं। उन मेडिकल छात्रों ने ही जूली कुमारी के बारे में सॉल्वर गैंग को पूरी जानकारी दी थी। इसके बाद गैंग का सदस्य विकास सक्रिय हुआ और उसने जूली के भाई अभय से मेलजोल बढ़ाया। फिर उसने अभय के घर जाकर उसकी मां बबिता देवी को 5 लाख रुपए का लालच देकर जूली को परीक्षा में बैठने के लिए राजी किया।

पुलिस कमिश्नर ए. सतीश गणेश ने बताया कि हम परत दर परत सॉल्वर गैंग की गुत्थी सुलझा रहे हैं। फिलहाल हमारी प्राथमिकता में PK, हिना और गोपाल की गिरफ्तारी है। तय मानिए, इस गिरोह से जुड़ा एक भी सदस्य बच नहीं पाएगा। इस मामले में अब तक कुल छह लोग गिरफ्तार हो चुके हैं।

अब तक ये सॉल्वर गैंग के 6 सदस्य गिरफ्तार

  • विकास कुमार महतो पुत्र स्वर्गीय उपेंद्र महतो निवासी ग्राम व पोस्ट बेला सिमरी थाना खगड़िया, बिहार
  • राजू कुमार पुत्र ललन प्रसाद निवासी ग्राम चंदवारा पोस्ट देना थाना काकू जनपद जहानाबाद, बिहार
  • डॉ. ओसामा शाहिद पुत्र मकबूल अहमद निवासी शेखवाडा थाना मोहम्मदाबाद गोहना जनपद मऊ।
  • अभय कुमार मेहता पुत्र मुन्ना मेहता निवासी वैष्णवी कॉलोनी संदलपुर थाना बहादुरपुर जिला पटना।
  • BHU की BDS सेकंड ईयर की छात्रा जूली कुमारी, पटना के संदलपुर वैष्णवी कॉलोनी निवासी।
  • जूली की मां बबिता।
खबरें और भी हैं...