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सजा दिलाने में वाराणसी कमिश्नरेट अव्वल:पॉक्सो एक्ट से संबंधित अपराधों में दंडित कराने में यूपी में मिला पहला स्थान

वाराणसी3 महीने पहले
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ये तस्वीर पुलिस कमिश्नर ए. सतीश गणेश की है। (फाइल फोटो) - Money Bhaskar
ये तस्वीर पुलिस कमिश्नर ए. सतीश गणेश की है। (फाइल फोटो)

उत्तर प्रदेश में पॉक्सो एक्ट यानी नाबालिग लड़कियों के साथ छेड़खानी, रेप और अपहरण जैसे अपराधों के अभियुक्तों को सजा दिलाने में वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट को पहला स्थान मिला है। यह जानकारी शनिवार को पुलिस कमिश्नर ए. सतीश गणेश ने दी। उन्होंने बताया कि 25 मार्च से 20 जून के बीच प्रदेश स्तर पर मिशन शक्ति के तहत सजा कराओ अभियान चलाया गया था। उस दौरान कमिश्नरेट वाराणसी में पॉक्सो एक्ट के 49 मामले आए। इनमें से 39 मामलों में न्यायालय के माध्यम से अभियुक्तों को सजा कराई गई। इस तरह से सजा कराने का प्रतिशत 80 हैं। प्रदेश में दूसरा स्थान जनपद बरेली का है, जहां सजा कराने का प्रतिशत 39 है।

टीम का उत्साहवर्धन किया गया

पुलिस कमिश्नर ए. सतीश गणेश ने कहा कि कमिश्नरेट वाराणसी में महिला अपराधों मे कमी आई है। पॉक्सो एक्ट में प्रभावी कार्रवाई प्राथमिकता के आधार पर निरंतर करायी जा रही है। प्रदेश में प्रथम स्थान मिलने पर सभी का उत्साहवर्धन करते हुए भविष्य में भी इसी प्रकार से निष्ठापूर्वक अपने दायित्वों का निर्वहन करने के लिए निर्देशित किया गया है।

प्रभावी पैरवी पर न्यायालय ने किया दंडित

पुलिस कमिश्नर ने प्रभावी पैरवी का उदाहरण देते हुए बताया कि आदमपुर थाना क्षेत्र की एक पीड़िता की उम्र 6 से 7 वर्ष के बीच थी। उसके साथ अभियुक्त के द्वारा दुष्कर्म किया गया था। हमारी प्रभावी पैरवी से न्यायालय ने अभियुक्त को दोष सिद्ध करते हुए उसे 20 वर्ष का सश्रम कारावास और 10,000 रुपए के अर्थदंड से दंडित किया।

इसी तरह से एक अभियुक्त द्वारा एक 14 वर्षीय किशोरी को बहला-फुसलाकर उसे शादी का झांसा देकर उसके साथ दुष्कर्म किया गया। कमिश्नरेट की पुलिस ने अभियुक्त पर कानून का शिकंजा कसा। न्यायालय ने उसे दोष सिद्ध कर 10 वर्ष की कठोर सजा सुनाई।

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