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ज्ञानवापी मामले में सुनवाई टली:वाराणसी की कोर्ट में सभी एप्लिकेशन पर हियरिंग 23 मई को; स्पेशल एडवोकेट कमिश्नर ने दाखिल की 8 पन्ने की सर्वे रिपोर्ट

वाराणसी4 महीने पहले
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ज्ञानवापी मामले में आज सुनवाई टल गई। अब सभी एप्लिकेशन, सर्वे रिपोर्ट और आपत्तियों पर 23 मई को 2 बजे से सुनवाई होगी। इससे पहले स्पेशल एडवोकेट कमिश्नर विशाल सिंह ने 8 पन्नों की रिपोर्ट को कोर्ट में रखा। इसमें फोटो और कई घंटे की वीडियोग्राफी भी सील बंद लिफाफे में थी। यह फैसला सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद वाराणसी की सिविल कोर्ट ने लिया है।

उधर, वादी पक्ष के एप्लिकेशन पर प्रतिवादी अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी ने आपत्ति दाखिल की है। वादी पक्ष ने कुछ दीवारें गिराकर सर्वे कराने की मांग की थी। प्रतिवादी अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी के वकील अभय नाथ यादव ने कहा कि सुनवाई की अगली डेट 23 मई को दी गई है। वहीं, वादी पक्ष यानी मां शृंगार गौरी पक्ष के वकील सुधीर त्रिपाठी ने कहा कि कमीशन की कार्रवाई की दो रिपोर्ट पेश हो चुकी है। दोनों सर्वे रिपोर्ट एक साथ पढ़ी जाएगी।

यहां पढ़ेंः ज्ञानवापी में शिवलिंग या फव्वारा, 8 पन्नों की रिपोर्ट में क्या है

स्पेशल एडवोकेट कमिश्नर विशाल सिंह ने ज्ञानवापी की 14, 15 और 16 मई की सर्वे रिपोर्ट कोर्ट में पेश की।
स्पेशल एडवोकेट कमिश्नर विशाल सिंह ने ज्ञानवापी की 14, 15 और 16 मई की सर्वे रिपोर्ट कोर्ट में पेश की।

आइए अब बताते हैं कि किन तीन एप्लिकेशन पर सुनवाई होनी थी...

पहला एप्लिकेशन: सील होने के बाद की समस्या दूर की जाएं

ज्ञानवापी मामले में UP सरकार की ओर से वाराणसी कोर्ट में अर्जी दाखिल की गई है। DGC सिविल महेंद्र प्रसाद पांडेय ने सिविल जज सीनियर डिवीजन रवि कुमार दिवाकर की अदालत में एप्लिकेशन दी है। इसमें तीन मांगें की गई हैं...

  1. ज्ञानवापी मस्जिद स्थित जिस 3 फीट गहरे मानव निर्मित तालाब को सीज किया गया है। उसके चारों तरफ पाइप लाइन और नल हैं। उस नल का उपयोग नमाजी वजू के लिए करते हैं। तालाब परिसर सील होने के कारण नमाजियों के वजू के लिए बाहर व्यवस्था की जाए।
  2. ज्ञानवापी के सील हुए क्षेत्र में शौचालय भी हैं। उनका उपयोग नमाजी करते हैं। अब उन्हें वहां नहीं जाने दिया जा रहा है। ऐसे में उनकी व्यवस्था की जाए।
  3. सील किए गए तालाब में कुछ मछलियां भी हैं। ऐसे में उन्हें खाने की चीजें नहीं मिल पा रही हैं। उन मछलियों को अब कहीं और पानी में छोड़ा जाए।

यहां पढ़ें- ज्ञानवापी पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई

वाराणसी में सिविल कोर्ट के बाहर पुलिस और PAC के जवान तैनात हैं। पूछताछ और जांच के बाद लोगों को अंदर जाने दिया जा रहा है।
वाराणसी में सिविल कोर्ट के बाहर पुलिस और PAC के जवान तैनात हैं। पूछताछ और जांच के बाद लोगों को अंदर जाने दिया जा रहा है।

दूसरा एप्लिकेशन : कुछ दीवारें गिराकर वीडियोग्राफी हो

हिंदू पक्ष यानी मां शृंगार गौरी मामले की वादिनी सीता साहू, मंजू व्यास और रेखा पाठक की ओर से एक बार फिर ज्ञानवापी में सर्वे की मांग की गई है। ज्ञानवापी परिसर की कुछ दीवारों को गिराने सहित 4 पॉइंट्स पर एप्लिकेशन दी गई है...

  1. ज्ञानवापी में जहां शिवलिंग मिला है, वहां और उसके आसपास कोई वजू न करे।
  2. शिवलिंग के पूर्व और उत्तर दिशा की दीवार के साथ ही नंदी के उत्तर दिशा की दीवार तोड़ कर मलबा हटाया जाए।
  3. शिवलिंग की लंबाई-चौड़ाई और ऊंचाई का पता लगाने के लिए कमीशन की कार्रवाई हो।
  4. बैरिकेडिंग के अंदर पश्चिम दिशा की दीवार को तोड़ कर मंडपम् की भी वीडियोग्राफी करवाई जाए।

तीसरा एप्लिकेशन: अजय मिश्रा का भी सहयोग लें

वादी पक्ष की महिलाओं की ओर से प्रार्थना पत्र देकर अदालत से मांग की गई है कि सर्वे मामले में हटाए गए एडवोकेट कमिश्नर अजय कुमार मिश्रा को कमीशन रिपोर्ट तैयार करने में सहयोग के लिए कहा जाए। कारण कि, 6 और 7 मई को ज्ञानवापी परिसर के सर्वे की कार्रवाई उन्हीं के द्वारा संपन्न की गई थी। अजय कुमार मिश्रा का सहयोग लिए बगैर रिपोर्ट अधूरी रहेगी। साथ ही, यह उचित भी नहीं रहेगा।

एडवोकेट कमिश्नर अजय कुमार मिश्रा को सर्वे से जुड़े मामलों में अब हटा दिया गया है। हिंदू पक्ष ने एप्लिकेशन दाखिल कर अजय को भी शामिल करने की मांग की है।
एडवोकेट कमिश्नर अजय कुमार मिश्रा को सर्वे से जुड़े मामलों में अब हटा दिया गया है। हिंदू पक्ष ने एप्लिकेशन दाखिल कर अजय को भी शामिल करने की मांग की है।

विशाल के सामने नहीं जाना चाहता... मन है कुछ और कह दें
उन्होंने स्पेशल एडवोकेट कमिश्नर विशाल की शिकायत पर हटाए जाने का आरोप लगाने वाले कार्यमुक्त एडवोकेट कमिश्नर अजय मिश्र ने दर्द बयां किया है। कहा, "मेरी और विशाल की बात नहीं हुई। मैं उनके सामने जाना भी नहीं चाहता हूं। क्योंकि मन है कुछ और कह दें, हमारी दुश्मनी बढ़ जाए। इससे बढ़िया है कि मैं उनसे क्षमा मांगकर दूर रहूं। भगवान से प्रार्थना करता हूं कि हमारा-उनका कभी सामना न हो। उन्होंने हमारा प्रेम से गला काटा है।" विशाल पर आरोप लगाते हुए अजय ने कहा, "मेरी उनकी दुश्मनी की बात नहीं है। उन्होंने हमारा प्रेम से गला काटा है।"

ज्ञानवापी परिसर स्थित वजूखाने में मिली इस ठोस संरचना को लेकर हिंदू पक्ष का दावा है कि यह शिवलिंग है। वहीं, मुस्लिम पक्ष का दावा है कि यह फव्वारा है।
ज्ञानवापी परिसर स्थित वजूखाने में मिली इस ठोस संरचना को लेकर हिंदू पक्ष का दावा है कि यह शिवलिंग है। वहीं, मुस्लिम पक्ष का दावा है कि यह फव्वारा है।

हड़ताल के कारण नहीं हो पाई थी सुनवाई
सिविल कोर्ट में बुधवार को ज्ञानवापी प्रकरण से जुड़े प्रार्थना पत्रों पर सुनवाई होनी थी। मगर, अधिवक्ताओं की हड़ताल के कारण सुनवाई टल गई थी। इसके साथ ही अदालत ने सुनवाई के लिए गुरुवार का दिन नियत कर दिया था। जिसे सुप्रीम कोर्ट ने स्थगित कर दी। इसके साथ ही कार्यमुक्त किए गए एडवोकेट कमिश्नर अजय कुमार मिश्रा ने 6-7 मई को हुए ज्ञानवापी परिसर के सर्वे की रिपोर्ट अदालत में दाखिल कर दी थी।। 18 मई की ज्ञानवापी मामले से संबंधित खबर यहां क्लिक कर पढ़ें

वकीलों की हड़ताल की यह तस्वीर बुधवार की है। उस दिन हड़ताल और प्रदर्शन के चलते ज्ञानवापी केस पर सुनवाई नहीं हो पाई थी। अब आज सुनवाई होगी।
वकीलों की हड़ताल की यह तस्वीर बुधवार की है। उस दिन हड़ताल और प्रदर्शन के चलते ज्ञानवापी केस पर सुनवाई नहीं हो पाई थी। अब आज सुनवाई होगी।

आइए अब एक-एक कर जानते हैं कि ज्ञानवापी मामले में अब तक क्या हुआ...

17 मई को हटाए गए थे कोर्ट कमिश्नर
17 मई को स्पेशल एडवोकेट कमिश्नर विशाल सिंह के प्रार्थना पत्र पर सुनवाई करते हुए एडवोकेट कमिश्नर अजय कुमार मिश्रा को कमीशन की कार्रवाई से हटाने का आदेश दिया था। साथ ही, ज्ञानवापी परिसर से संबंधित कमीशन की सर्वे रिपोर्ट तैयार करने के लिए दो दिन का समय देने के अनुरोध को स्वीकार किया था। एडवोकेट कमिश्नर को हटाने सहित कोर्ट की खबर यहां क्लिक कर पढ़ें

सर्वे का तीसरा दिन : शिवलिंग मिलने का दावा
सर्वे के आखिरी दिन 16 मई को वीडियोग्राफी प्रक्रिया पूरी हुई थी। याचिकाकर्ता रेखा सहित 5 महिलाओं के वकील विष्णु जैन ने वजूखाने में शिवलिंग मिलने का दावा किया। इसके बाद उस जगह को सील कर दिया गया। अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी ने हिंदू पक्ष के दावे का खंडन करते हुए उसे फव्वारा बताया है। पूरी खबर क्लिक कर पढ़ें

सर्वे का दूसरा दिन : 4 घंटे हुआ था सर्वे
15 मई को ज्ञानवापी परिसर के ऊपरी बने हुए कमरों, गुंबद, छत और दीवारों की वीडियोग्राफी कराई गई थी। इसके अलावा, दरवाजों की नक्काशी की भी हाई लेंस वाले कैमरे से पिक्चर ली गई थी। उस दिन 4 घंटे सर्वे हुआ था। पूरी खबर क्लिक कर पढ़ें

सर्वे का पहला दिन : 4 तहखानों की वीडियोग्राफी हुई
सर्वे के पहले दिन, यानी 14 मई को 4 तहखानों को खोला गया था। तहखानों की साफ-सफाई कराई। इसके बाद टीम ने उसकी वीडियोग्राफी करवाई। दीवारों की नक्काशी चेक की। पूरी खबर क्लिक कर पढ़ें

यहां पढ़ें - ज्ञानवापी मामले में कब क्या हुआ

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