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इनाम के कुछ घंटों बाद PK गिरफ्तार:वाराणसी में NEET परीक्षा में हुआ था धांधली का प्रयास, सॉल्वर गैंग का सरगना अपने बहनोई के साथ धराया

वाराणसी6 महीने पहले
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वाराणसी कमिश्नरेट की पुलिस टीम द्वारा गिरफ्तार किया गया 1 लाख का इनामी नीलेश सिंह उर्फ PK और उसका बहनोई रितेश कुमार सिंह। - Money Bhaskar
वाराणसी कमिश्नरेट की पुलिस टीम द्वारा गिरफ्तार किया गया 1 लाख का इनामी नीलेश सिंह उर्फ PK और उसका बहनोई रितेश कुमार सिंह।

वाराणसी में मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG में धांधली का प्रयास करने वाले सॉल्वर गिरोह का सरगना 1 लाख का इनामी नीलेश सिंह उर्फ प्रेम कुमार उर्फ PK गुरुवार की शाम गिरफ्तार कर लिया गया। बिहार के छपरा के मूल निवासी और पटना में रहने वाले नीलेश के साथ पटना निवासी उसका बहनोई रितेश कुमार सिंह भी गिरफ्तार किया गया है। दोनों को शुक्रवार को अदालत में पेश किया जाएगा।

गौरतलब है कि नीलेश पर घोषित 1 लाख के पुरस्कार की जानकारी वाराणसी कमिश्नरेट की पुलिस के द्वारा गुरुवार को ही सार्वजनिक की गई थी। उसके लगभग 7 घंटे बाद पुलिस की ओर से बताया गया कि वह सारनाथ क्षेत्र में रिंग रोड फ्लाईओवर के समीप से गिरफ्तार कर लिया गया है।

था स्नातक उत्तीर्ण, बताता था डॉक्टर

12 सितंबर 2021 को सारनाथ क्षेत्र के स्कूल में आयोजित NEET-UG के बीएचयू की छात्रा जूली कुमारी के पकड़े जाने के बाद PK के गिरोह की साजिश का भंडाफोड़ हुआ था। पुलिस ने पड़ताल शुरू की तो सामने आया कि पत्राचार के जरिए पटना यूनिवर्सिटी से स्नातक की परीक्षा पास करने वाला PK ही गिरोह का सरगना है। हालांकि वह अपने पड़ोसियों और रिश्तेदारों को खुद को डॉक्टर बताता था। घर से डॉक्टर के ही वेश में वह रोजाना बाहर भी निकलता था।

पूछताछ में PK ने बताया कि खुद को डॉक्टर बताने से लोग उस पर भरोसा करते थे और उसके माध्यम से NEET-UG परीक्षा में शामिल होकर सफल होने के बाद 30 से 49 लाख रुपए प्रति कैंडिडेट देते थे। वह और उसके गिरोह के सदस्य परीक्षा में मूल अभ्यर्थी की जगह बैठाने के लिए गरीब परिवारों के मेधावी मेडिकल छात्रों को खोजते थे और उन्हें रुपए का लालच देकर अपने झांसे में लेते थे।

नीलेश सिंह उर्फ PK सॉल्वर गैंग का सरगना है।
नीलेश सिंह उर्फ PK सॉल्वर गैंग का सरगना है।

बहनोई के साथ बहन भी गिरोह में शामिल

PK ने बताया कि उसके बहनोई रितेश कुमार सिंह पटना में देव नगर न्यू जगन पूरा पिपरा रोड पोल नम्बर 28 गवर्नमेंट स्कूल के पहले रहते हैं। 2004 में रितेश की पटना सचिवालय में कला संस्कृति एवं युवा विभाग में उच्च वर्गीय लिपिक के पद पर नियुक्त हुई। रितेश का विवाह नीलेश की बहन डॉक्टर प्रिया से वर्ष 2014 में हुआ। डॉक्टर प्रिया ने वर्ष 2019 में IGIGIMS पटना से 2019 में MBBS किया। वर्तमान में वह नगरा ब्लॉक, सारन छपरा में पीएचसी में संविदा पर नियुक्त है। प्रिया भी PK की गैंग में शामिल है।

गिरफ्तार किया गया रितेश कुमार सिंह।
गिरफ्तार किया गया रितेश कुमार सिंह।

6 साल से संचालित कर रहा था गिरोह

PK ने बताया कि वह लगभग 6 साल से NEET की परीक्षा में सॉल्वरों को बैठाकर परीक्षा दिला रहे हैं। NEET की परीक्षा के अलावा उत्तर प्रदेश और बिहार की शिक्षक परीक्ष, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग और बिहार पुलिस व अन्य नौकरियों में वह अपने बहनोई रितेश के साथ मिलकर पेपर आउट कराता था या सॉल्वर की व्यवस्था कराता था। उसके नेटवर्क में बिहार, बंगाल, त्रिपुरा और दक्षिण भारत के कई लोग शामिल हैं।

पैसे से मकान बनवाया और खरीदा जमीन

PK ने बताया कि सॉल्वर गैंग संचालित करने की वजह से उसके पास जो पैसे आए, उससे पटना में तीन मंजिला मकान और दानापुर में दो जगह 5 बिस्वा जमीन खरीदा। इसके अलावा उसके पास तीन बेहतरीन चारपहिया वाहन हैं। इसके अलावा पर्यटन और पार्टियों में भी वह अब तक लाखों रुपए खर्च कर चुका है।

उधर, पुलिस कमिश्नर ए. सतीश गणेश ने बताया कि दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी सर्विलांस सेल प्रभारी अंजनी कुमार पांडेय के नेतृत्व में सारनाथ थाना प्रभारी अर्जुन सिंह, क्राइम ब्रांच के दरोगा राज कुमार पांडेय, सरायमोहाना चौकी प्रभारी सूरज तिवारी, दरोगा बृजेश मिश्रा, हेड कांस्टेबल सुरेन्द्र कुमार मौर्य, विवेकमणि त्रिपाठी व राम बाबू, सिपाही सुमित सिंह आदि शामिल रहे।

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