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काशी के रिंग रोड-2 को पहली बार देखिए:दिसंबर में PM करेंगे लोकार्पण, ड्राइवरों के लिए बिल्डिंग तो टूरिस्ट स्पॉट भी बनेंगे, जाम से मिलेगी निजात

वाराणसी3 महीने पहले
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वाराणसी शहर को पूर्वांचल के जिलों से जोड़ने के लिए रिंग रोड फेज-2 का काम तेजी से चल रहा है। इसके बन जाने से शहर को जाम से मुक्ति मिल जाएगी। एनएचएआई ने पहली बार रिंग रोड फेज-2 की फोटो जारी की है, जिसमें उसकी भव्यता नजर आ रही है। दिसंबर माह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रिंग रोड का लोकार्पण करेंगे। पहली बार वाराणसी में सड़क किनारे ड्राइवरों को रुकने के लिए सुविधा युक्त सर्विस बिल्डिंग बनाई जा रही है। चलते-चलते अचानक खराब हो जाने वाले वाहनों को पार्क करने के लिए ट्रक ले बाई भी बनाया जा रहा है। यह सब आगामी अक्टूबर महीने के बाद राजातालाब से हरहुआ के बीच 16.98 किलोमीटर लंबे रिंग रोड फेज-2 पर दिखाई देगा।

इस रिंग रोड पर इंटरचेंज लूप भी बनाया गया है। ताकि राष्ट्रीय राजमार्ग से रिंग रोड पर आने के लिए घूमना न पड़े। इसके साथ ही रिंग रोड के किनारे फूड कोर्ट, टूरिस्ट स्पॉट, विश्राम स्थल और भरपूर हरियाली की भी व्यवस्था रहेगी।

अक्टूबर महीने के बाद राजातालाब से हरहुआ के बीच 16.98 किलोमीटर लंबे रिंग रोड फेज-2 पर दिखाई देगा।
अक्टूबर महीने के बाद राजातालाब से हरहुआ के बीच 16.98 किलोमीटर लंबे रिंग रोड फेज-2 पर दिखाई देगा।

पूर्वांचल की वह रोड, जिसमें कई खासियतें

नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया वाराणसी के टेक्निकल मैनेजर ललित कुमार सिंह ने बताया कि पूर्वांचल की ये वह रोड होगी, जिसकी कई खासियतें हैं। इस रिंग रोड पर पहली बार करीब 240 मीटर का 'बस बे, ट्रक ले बाई' बनाया जा रहा है। 'बस बे, ट्रक ले बाई' से मतलब यह है कि यदि ट्रक या बस खराब होती है, तो उसे लाकर यहां खड़ा किया जा सकता है, जिससे रिंग रोड पर यातायात बाधित न हो।

ट्रक ड्राइवर के लिए सुविधा युक्त सर्विस बिल्डिंग भी बन रही है, जिसमें वो अपने खराब वाहन बनने तक रुक सकेंगे। राजातालाब से हरहुआ तक बन रही 16.98 किलोमीटर लंबी सड़क पर स्थानीय लोगों की सुविधा और दुर्घटना से बचाव के लिए 13 अंडरपास बनाए गए है।

उम्मीद है कि आगामी 31 अक्टूबर तक रिंग रोड फेज-2 का काम पूरा हो जाएगा।
उम्मीद है कि आगामी 31 अक्टूबर तक रिंग रोड फेज-2 का काम पूरा हो जाएगा।

लगभग 450 करोड़ रुपए की लागत से रिंग रोड फेज-2 बन रहा है। इसमें सड़क के अलावा डिवाइडर, सर्विस रोड, यात्रियों के बैठने के लिए विश्राम स्थल और जगह-जगह पौधे लगाने का काम तेजी से चल रहा है। पूरी उम्मीद है कि आगामी 31 अक्टूबर तक रिंग रोड फेज-2 का काम पूरा हो जाएगा।

आगामी दिसंबर महीने में जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी काशी विश्वनाथ धाम का लोकार्पण करने आएंगे तो रिंग रोड फेज-2 का लोकर्पण करेंगे।
आगामी दिसंबर महीने में जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी काशी विश्वनाथ धाम का लोकार्पण करने आएंगे तो रिंग रोड फेज-2 का लोकर्पण करेंगे।

मार्च 2018 में हुआ था शिलान्यास

रिंग रोड फेज-2 का शिलान्यास मार्च 2018 में हुआ था। 2019 में निर्माण कार्य शुरू हुआ। कोरोना संक्रमण की पहली और दूसरी लहर में रिंग रोड फेज-2 का काम भी बुरी तरह प्रभावित रहा। कोरोना की दूसरी लहर के बाद जब स्थिति सामान्य हुई तो एक बार फिर काम में तेजी आई। माना जा रहा है कि आगामी दिसंबर महीने में जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी काशी विश्वनाथ धाम का लोकार्पण करने आएंगे तो रिंग रोड फेज-2 का भी लोकर्पण करेंगे।

रिंग रोड के किनारे नई हाउसिंग कॉलोनियां और उद्योग-धंधे विकसित होंगे।
रिंग रोड के किनारे नई हाउसिंग कॉलोनियां और उद्योग-धंधे विकसित होंगे।

रिंग रोड फेज-2 से तीन बड़े फायदे

  • प्रयागराज की ओर से आने वाले वाहन अब शहर में प्रवेश किए बगैर राजातालाब से सीधे बाबतपुर एयरपोर्ट रोड हरहुआ से होते हुए पूर्वांचल के अन्य जिलों की ओर निकल जाएंगे।
  • प्रयागराज और चंदौली की तरफ से आने वालों को बनारस के अंदर जौनपुर, आजमगढ़ और गाजीपुर जाने के लिए नो इंट्री खुलने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
  • बाबतपुर, सारनाथ और मोहनसराय से पहले बड़े वाहनों की लंबी कतार नहीं लगेगी।
शहर के भीतर बड़े वाहनों के न आने से जाम नहीं लगेगा और सड़कें लंबे समय तक सुरक्षित रहेंगी।
शहर के भीतर बड़े वाहनों के न आने से जाम नहीं लगेगा और सड़कें लंबे समय तक सुरक्षित रहेंगी।
रिंग रोड के किनारे नई हाउसिंग कॉलोनियां और उद्योग-धंधे विकसित होंगे। शहर के अंदर मालवाहकों के न आने से प्रदूषण से भी राहत मिलेगी।
रिंग रोड के किनारे नई हाउसिंग कॉलोनियां और उद्योग-धंधे विकसित होंगे। शहर के अंदर मालवाहकों के न आने से प्रदूषण से भी राहत मिलेगी।
नई काशी के विस्तार के लिए एक नई जगह मिलेगी।
नई काशी के विस्तार के लिए एक नई जगह मिलेगी।
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