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मोदी ने इंग्लैंड के PM को दिया चाय का सेट:बाइडेन को कफलिंक, जर्मन चांसलर को मटका और फ्रांस के राष्ट्रपति को गिफ्ट किया इत्र

वाराणसी2 महीने पहले
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यूपी की कारीगरी की चमक जर्मनी के G-7 शिखर सम्मेलन तक पहुंच गई है। वहां हिस्सा लेने गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रदेश के 'एक जिला एक उत्पाद' यानी ODOP योजना की ब्रांडिंग की। उन्होंने बनारस के ब्रोच-कफलिंक से लेकर अन्य जिलों के प्रोडक्ट जैसे नक्काशीदार मटका, इत्र की शीशी और चाय का सेट दुनिया के प्रमुख नेताओं को गिफ्ट किया। जिन्हें ये गिफ्ट मिले, उन्होंने भी खूब सराहना की। आइए आपको बताते हैं कि पीएम ने किसे क्या गिफ्ट किया?

अमेरिकी राष्ट्रपति को ब्रोच और कफलिंक गिफ्ट की पीएम मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति जो. बाइडेन को बनारस में तैयार गुलाबी मीनाकारी पिकॉक ब्रोच और कफलिंक सेट गिफ्ट में दिया। कफलिंक राष्ट्रपति के लिए और पिकॉक ब्रोच वहां की फर्स्ट लेडी के लिए तैयार किया गया है। गुलाबी मीनाकारी एक GI-टैग आर्ट है। इसे स्टेट अवार्डी रोहन विश्वकर्मा ने तैयार किया है। इसे 16 दिन में तैयार किया गया है। गुलाबी मीनाकारी को 850 डिग्री सेल्सियस तापमान पर भट्‌टी में तपाकर बनाया जाता है।

बनारस में तैयार गुलाबी मीनाकारी पिकॉक ब्रोच और कफलिंक सेट।
बनारस में तैयार गुलाबी मीनाकारी पिकॉक ब्रोच और कफलिंक सेट।

इंडोनेशिया के राष्ट्रपति को राम दरबार
पीएम मोदी ने इंडोनेशिया के राष्ट्रपति जोको विडोडो को बनारस में बना राम दरबार गिफ्ट किया। यह गूलर की लकड़ी पर लाक की पेंट का इस्तेमाल कर बनाया गया है। इसमें श्रीराम, देवी सीता, भगवान हनुमान और जटायु की प्रतिमा है।

बनारस में तैयार किया गया राम दरबार गूलर की लकड़ी का बना हुआ है।
बनारस में तैयार किया गया राम दरबार गूलर की लकड़ी का बना हुआ है।

जर्मन चांसलर को दिया नक्काशीदार मटका
मोदी ने जर्मन चांसलर ओलाफ स्कोल्ज़ को धातु मरोड़ी नक्काशी वाला मटका गिफ्ट दिया। यह निकल कोटेड हाथ से उकेरा गया पीतल का बर्तन है, जो मुरादाबाद की कला है। इस बर्तन की ढलाई के बाद जिस डिजाइन को उकेरा जाना होता है, उसे पहले कागज पर स्केच किया जाता है। इस कारीगरी को मरोड़ी कहा जाता है।

मुरादाबाद में बने नक्काशीदार मटके। इनकी डिजाइन को पहले कागज में तैयार की जाती है।
मुरादाबाद में बने नक्काशीदार मटके। इनकी डिजाइन को पहले कागज में तैयार की जाती है।

इंग्लैंड के पीएम को दिया चाय का सेट
प्रधानमंत्री ने इंग्लैंड के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन को बुलंदशहर का पेंट किया हुआ चाय का सेट गिफ्ट किया। इसके बेस फॉर्म को हाथ से पेंट किया जाता है। फिर उसे 1200 डिग्री सेल्सियस पर निकाल दिया जाता है। बेहद हुनरमंद हाथ ही इसे तैयार कर सकते हैं। रंग से भरी प्रत्येक आकृति जब अलग-अलग होती है तो बेहद ही निपुणता के साथ पूरे कप को फिर से निकाल दिया जाता है।

बुलंदशहर में बने प्लेटिनम पेंटेड हैंड पेंटेड टी सेट।
बुलंदशहर में बने प्लेटिनम पेंटेड हैंड पेंटेड टी सेट।

फ्रांस के राष्ट्रपति को दी इत्र की शीशी​​​​​​
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन को पीएम मोदी ने जरदोजी बॉक्स में इत्र की शीशियां गिफ्ट में दी। बॉक्स लखनऊ में तैयार किया गया है। जरी जरदोजी बॉक्स को फ्रेंच रंगों में खादी रेशम और साटन के कपड़े पर हाथ से कढ़ाई की गई है। इनमें पारंपरिक इंडो-फारसी कमल के फूल हैं। जिन पर धातु के तार से कढ़ाई की गई है। इस बॉक्स में अत्तर मिट्टी, चमेली का तेल, अत्तर शामामा, अत्तर गुलाब, विदेशी कस्तूरी और गरम मसाला शामिल थे।

लखनऊ में तैयार जरदोजी बॉक्स और इत्र की शीशियां।
लखनऊ में तैयार जरदोजी बॉक्स और इत्र की शीशियां।

जापानी पीएम को दी निजामाबाद की ब्लैक पॉटरी
पीएम मोदी ने जापान के पीएम फुमियो किशिदा को ब्लैक पॉटरी पीस गिफ्ट किए। ब्लैक पॉटरी के लिए मशहूर निजामाबाद काले रंगों को बाहर निकालने के लिए एक विशेष तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है। इसे बिना ऑक्सीजन के भट्‌टी में तैयार किया जाता है। ऑक्सीजन न होने से मिट्टी के बर्तनों को रंग लाल हो जाता है।

निजामाबाद में तैयार ब्लैक पाटरी के पीस।
निजामाबाद में तैयार ब्लैक पाटरी के पीस।

सेनेगल पीएम को दिए मूंज की टोकरियां
पीएम मोदी ने सेनेगल के राष्ट्रपति मैकी साल को मूंज की टोकरियां और कपास की दरी गिफ्ट में दीं। मूंज हस्तशिल्प का एक शानदार उदाहरण है। मूंज की टोकरी प्रयागराज के एक शिल्पकार द्वारा तैयार की गई थी। सूती दरियां उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में हाथ से बुनी जाती हैं।

प्रयागराज के शिल्पकार द्वारा बनाई गई मूंज की टोकरियां और सीतापुर में बनी दरी।
प्रयागराज के शिल्पकार द्वारा बनाई गई मूंज की टोकरियां और सीतापुर में बनी दरी।
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