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  • Former Mahant Of Kashi Vishwanath Temple In Varanasi, Dr. Kulpati Tiwari Said – Shankaracharya Has Proved That Sai Baba Was Chand Mia; Then Why Worship Him In Temples?

'मंदिरों में साईं बाबा की पूजा का करेंगे विरोध':काशी विश्वनाथ मंदिर के पूर्व महंत बोले- शंकराचार्य साबित कर चुके हैं वह चांद मियां थे

वाराणसी3 महीने पहले
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"हम मंदिरों में साईं बाबा की प्रतिमा की पूजा का विरोध करेंगे।" यह ऐलान श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर के पूर्व महंत डॉ. कुलपति तिवारी ने वाराणसी में किया है। उन्होंने कहा, "हमारे धर्माचार्य शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती महाराज साबित कर चुके हैं कि साईं बाबा दरअसल चांद मियां थे।"

डॉ. कुलपति ने कहा, "चांद मियां के दर्शन करने का क्या फल मिलता है? हर चौराहे पर मंदिरों में साईं बाबा की पूजा क्यों की जा रही है? साईं बाबा की प्रतिमा को मंदिरों से हटाया क्यों नहीं जा रहा है? सभी मंदिरों के पुजारियों और महंतों से हम अपील कर रहे हैं कि वे साईं बाबा की प्रतिमा को तत्काल बाहर करें।"

आदि विश्वेश्वर के जलाभिषेक की व्यवस्था हो

ज्ञानवापी परिसर में यह संरचना मिली है, जिसे शिवलिंग बताया जा रहा है। मुस्लिम पक्ष का दावा है कि यह फव्वारा है।
ज्ञानवापी परिसर में यह संरचना मिली है, जिसे शिवलिंग बताया जा रहा है। मुस्लिम पक्ष का दावा है कि यह फव्वारा है।

डॉ. कुलपति ने कहा, "हिंदू धर्म का जो पतन हो रहा है, उसके लिए कोई सरकार जिम्मेदार नहीं है। सिर्फ हमारा धर्म ही जिम्मेदार है।" इसलिए मैं कहना चाहता हूं कि समय है अभी भी लोग चेत जाएं। मंदिरों से साईं बाबा की प्रतिमा हटाने को लेकर केंद्रीय ब्राह्मण महासभा ने डॉ. कुलपति तिवारी को समर्थन दिया है।

डॉ. कुलपति तिवारी ने कहा कि ज्ञानवापी में भगवान आदि विश्वेश्वर मिले हैं। हम वहां अपने खर्च से चार LED लाइट लगवाना चाहते हैं। इससे रोशनी होगी और सावन में आने वाले शिवभक्त भगवान की पूजा कर सकेंगे। प्रशासन से हमारी मांग है कि वह सावन में आदि विश्वेश्वर के शिवलिंग पर जलाभिषेक की व्यवस्था कराएं।

काशी के गंगा घाट नशामुक्त हों
डॉ. कुलपति तिवारी ने कहा कि काशी के गंगा घाट नशामुक्त हों। गंगा घाटों की सीढ़ियों पर युवाओं को नशा करते हुए देख मन दुखी हो जाता है। काशी में उत्तर वाहिनी गंगा बहती है, यहां शराब नहीं बहनी चाहिए। इसके लिए पुलिस और प्रशासन गंभीरता से ठोस उपाय करे।