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BHU में MCH विंग के पास 1 और ऑक्सीजन प्लांट:वाराणसी के SS अस्पताल में कायाकल्प के चलते आज 4 विभागों के OPD की जगह बदली, नेफ्रोलॉजी अब CSSB बिल्डिंग में

वाराणसी8 महीने पहले
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वाराणसी के सर सुंदरलाल अस्पताल के नेफ्रोलॉजी विभाग की OPD, वार्ड और लैब CSSB बिल्डिंग में शिफ्ट कर दी गई है। - Money Bhaskar
वाराणसी के सर सुंदरलाल अस्पताल के नेफ्रोलॉजी विभाग की OPD, वार्ड और लैब CSSB बिल्डिंग में शिफ्ट कर दी गई है।

काशी हिंदू विश्वविद्यालय के सर सुंदरलाल (SS) अस्पताल में आज से कई विभागों की OPD के स्थान में बदलाव किया गया है। एमएस प्रो. के के गुप्ता द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार नेफ्रोलॉजी विभाग की क्लीनिकल सुविधाएं (OPD, वार्ड और लैब) अस्थायी रूप से शताब्दी सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक (CSSB बिल्डिंग) में शिफ्ट कर दी गईं हैं। नेफ्रोलॉजी की OPD CSSB बिल्डिंग के ग्राउंड फ्लोर पर G-30 से लेकर G-33 में चलेगी। वहीं, नेफ्रोलॉजी वार्ड और लैब की व्यवस्था CSSB बिल्डिंग के तीसरे फ्लोर पर ब्लॉक A में कर दी गई है। नेफ्रोलॉजी की OPD टाइमिंग और शेड्यूल में किसी तरह का बदलाव नहीं किया गया है।

हर मंगलवार 108 में गठिया की OPD

अस्पताल में जीरियाट्रिक की भी OPD शुरू कर दी गई है। यह OPD अस्पताल के 108 नंबर चेंबर में चलेगी। प्रभारी प्रो. अनूप सिंह ने बताया कि आर्थराइटिस क्लिनिक हर मंगलवार को ही चलेगी। इसमें गठिया से पीड़ित लोगों का इलाज किया जाएगा। वहीं यह प्रदेश का पहला विभाग है जिसे रीजनल जीरियाट्रिक सेंटर का रूप दिया गया है।

हैमेटोलॉजी अब 210 में
अस्पताल में चल रहे कायाकल्प कार्य के तहत यह बदलाव किया गया है। जैसे ही रिपेयरिंग का काम पूरा हो जाएगा, वापस से सभी OPD अपने नियत स्थान पर चलेगी। इस दौरान कई अन्य विभागों के भी स्थान में बदलाव किया गया है। हैमेटोलॉजी विभाग 217 में चलती थी, जो कि आज से नई जगह 210 के कमरा नंबर 7 और 8 में चल रही है। वहीं, रयूमेटोलॉजी (Rheumatology ) विभाग की OPD 213 के बजाय 210 नंबर के कमरा संख्या 1 और 2 चलेगी। इसके साथ ही थैलैसीमिया व सिकल सेल एनेमिया के मरीज अब 212 नंबर में देखे जाएंगे। इसके पहले 213 में OPD चलती थी।

BHU में ह्रदय रोग विभाग के पास बनेगा ऑक्सीजन प्लांट
सर सुंदरलाल अस्पताल के MCH विंग और ह्रदय रोग विभाग के 1 और ऑक्सीजन प्लांट लगेगा। इसके लिए वहां मौजूद कैंटीन को हटाना पड़ सकता है। इसके लिए एमएस प्रो. गुप्ता ने जिला प्रशासन को पत्र लिख दिया है। इस प्लांट के बन जाने के बाद BHU अस्पताल और ट्रॉमा सेंटर को मिलाकर कुल 4 ऑक्सीजन प्लांट हो जाएंगे। अभी तक BHU में 2 ऑक्सीजन प्लांट कार्य कर रहे हैं। वहीं 1 प्लांट CSSB बिल्डिंग के पास लगाई गई है, जिसकी शुरूआत जल्द ही होगी।

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