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अन्नदाता बीज उगाकर कमा रहे लाखों:वाराणसी के कृषि वैज्ञानिकों ने लगाया किसान मेला; कहा- 23 रुपए में सीधे किसानों के खेत से खरीदेंगे मक्का

वाराणसी8 महीने पहले
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वाराणसी के कृषि वैज्ञानिकों ने चंदौली में लगाया किसान मेला। - Money Bhaskar
वाराणसी के कृषि वैज्ञानिकों ने चंदौली में लगाया किसान मेला।

कृषि से अच्छा पैसा तब तक नहीं कमाया जा सकता, जब तक कि उसके तौर-तरीकों में तकनीक से नयापन नहीं लाएंगे। अन्न के अलावा किसान अब अपने खेतों में बीज भी उगा रहे हैं। इससे अच्छी कमाई कर महीने में लाखों रुपए बनाए जा सकते हैं। वहीं भविष्य में किसानों को बीज घर बैठे ऑनलाइन ही मिलने लगेंगे। वाराणसी के कृषि वैज्ञानिकों ने किसान मेला में खेती का यह विकल्प अन्नदाताओं को आज सुझाया। मेले में वाराणसी IRRI, BHU और ICAR के कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को खेती की नई तकनीक पर काम करने की सलाह दी। इस दौरान चंदौली के 10 उन्नतशील किसानों को प्रशस्ति पत्र और 10 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी गई। इसमें 6 महिला किसान और 4 आदमी थे।

BHU के पूर्व कुलपति और कृषि वैज्ञानिक प्रोफेसर पंजाब सिंह ने सम्मानित किसानों को कहा कि यह अभी शुरुआत हो रही है। जल्द ही मक्का उत्पादन के कार्यक्रम का भी श्रीगणेश हो जाएगा। मक्का 23 रुपये प्रति किलोग्राम के हिसाब से किसानों से उनके खेतों में ही खरीदी जाएगी। वर्तमान में मक्के का MSP 20 रुपए प्रति किलो है।

उत्पादन लागत में हो जाएगी कटौती
मेले में IRRI के वैज्ञानिकों ने धान की सीधी बोवाई के फायदे गिनाए। कहा कि इससे धान उत्पादन की लागत में अच्छी-खासी कटौती की जा सकती है। डॉ. टी के बेहरा (भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान) ने किसान मेला में मटर की प्रचलित प्रजाति काशी उदय की खूबियां बताईं। कहा कि यह आम मटर से कहीं अधिक प्रोटीन और न्यूट्रिशनल गुणों वाला है।

ग्राउंड वाटर सेव हाे ऐसी फसल चुनें
ICAR के DDG (प्रसार) के मुख्य अतिथि डॉ. एके सिंह ने बताया कि चंदौली में फार्ड फाउंडेशन के साथ मिलकर FPO बीज उत्पादन में काफी प्रगति कर रहा है। उन्होंने किसानों को संगठन में ही रहकर कृषि कार्य करने की सलाह दी। कहा कि ऐसी फसलों का चयन करें, जिससे ग्राउंड वाटर सेव हाे पाए। वहीं किसान जलस्तर का ध्यान रखते हुए ही बोवाई करें।औरतें घर के अगल-बगल सब्जी की खेती करें। अपनी पोषण व्यवस्था खुद ही सुनिश्चित करनी होगी। साथ ही तिलहन उत्पादकता को बढ़ाना होगा। उन्होंने सब्जी को स्वास्थ के लिए वरदान बताया। कहा कि जैविक खेती करते हुए महिला किसानों को आगे आना होगा।