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सुल्तानपुर BJP में बढ़ी भीतरघात:नगरपालिका अध्यक्ष ने DM को लिखा पत्र, कहा- 2 सरकारी कर्मचारी विधायक के लिए कर रहे काम

सुल्तानपुरएक महीने पहले
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सुल्तानपुर नगरपालिका अध्यक्ष और विधायक की रार थमने का नाम नहीं ले रही है। पत्र के माध्यम से दोनों में आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। दोनों के समर्थक अपने-अपने नेता को सही ठहरा रहे हैं, लेकिन जिस तरह भाजपा में रहकर दोनों ही नेता आमने-सामने हैं, उससे कहीं न कहीं पार्टी की किरकिरी अवश्य हो रही है।

2 पत्र किए जारी
बता दें, नगर पालिका अध्यक्ष बबिता जायसवाल ने DM रवीश गुप्ता के नाम 2 पत्र लिखा है। एक पत्र जिला पंचायत में तैनात लिपिक राजेश पांडे और दूसरे पत्र में दूबेपुर ब्लॉक अंतर्गत ढकवा गांव के प्राइमरी स्कूल के प्रधान अध्यापक सुशील पांडे को लेकर लिखा गया है। पत्र के अनुसार, राजेश पांडे सरकारी सेवा में होते हुए विधायक विनोद सिंह के सचिव तो सुशील पांडे उनके मीडिया प्रभारी की हैसियत से काम कर रहे हैं।

जिला पंचायत के लिपिक के विरुद्ध शिकायत।
जिला पंचायत के लिपिक के विरुद्ध शिकायत।

लिपिक से बन गए विधायक के सचिव
पत्र में इस बात का उल्लेख किया गया है कि राजेश पांडे अपने पटल पर रहकर अपने दायित्व का निर्वाहन नहीं कर रहे। बल्कि 10-15 सालों से विधायक के सचिव बनकर चल रहे। यह भी आरोप है कि वो अनाधिकृत रूप से विधायक के साथ शासकीय बैठक में भी शामिल होते हैं। उन्होंने 24 अप्रैल को दिशा की बैठक में सांसद की कुर्सी के पीछे बैठने का फोटोग्राफ भी जारी किया है।

7 मई को प्रेरणा सभागार में विधायक द्वारा सभासदों के साथ ली गई मीटिंग में शामिल होने की बात अध्यक्ष नगरपालिका ने कही है। उनका आरोप है कि जिला पंचायत से डेढ़ किमी दूर लिपिक राजेश का आवास है, जहां वो निवास करते हैं। बावजूद इसके उनको जिला पंचायत में बंगला आवंटित किया गया है, जिससे वो राजनीतिक गतिविधियों को संचालित करते हैं।

गुरुजी के विरुद्ध भी हुई शिकायत।
गुरुजी के विरुद्ध भी हुई शिकायत।

मास्टर बने विधायक के मीडिया प्रभारी
बबिता जायसवाल ने प्रधान अध्यापक सुशील पांडे पर आरोप लगाते हुए DM को पत्र के माध्यम से अवगत कराया कि वो अक्सर अपने कार्य स्थल पर नहीं जाते। बल्कि विधायक के साथ उनके सचिव, फोटोग्राफर और मीडिया प्रभारी के रूप में कार्य करते हैं। सोशल मीडिया पर उनके समस्त कार्यक्रमों को अपनी आईडी से डालते हैं।

उन्होंने यह भी कहा है कि विधानसभा चुनाव में वो विधायक के प्रचार में भी जाते थे। इसके लिए उन्हें 28 फरवरी को निलंबित किया गया था, लेकिन ऊंची पहुंच के चलते 16 मार्च को उन्हें बहाल कर दिया गया। इसके अलावा उन्होंने DM को लिखे पत्र में विधायक की बेटी पलक सिंह के अनाधिकृत रूप से सरकारी मीटिंग में शामिल होने पर आपत्ति जताई है।

चेयरमैन पति के नगरपालिका में आने से बढ़ा बवाल।
चेयरमैन पति के नगरपालिका में आने से बढ़ा बवाल।

यह है पूर्व का मामला
दरअसल, यह मामला बढ़ा इसलिए कि बीती 19 मई को विधायक विनोद सिंह ने नगरपालिका परिषद के ईओ को एक पत्र लिखकर अध्यक्ष पति अजय जायसवाल के अनावश्यक नगरपालिका कार्यालय में आकर पत्रावली तक का अवलोकन करने पर आपत्ति दर्ज कराई थी। विधायक का कहना था कि अजय जायसवाल ने पिछले साढ़े 4 वर्षों से अपने आपको स्वयं भू प्रतिनिधि घोषित कर रखा है। निरंतर नगरपालिका कार्यालय में उपस्थित होकर शासकीय कार्यों में अनावश्यक हस्तक्षेप करते रहते हैं।

बैठकों में शामिल होकर अपने मत को अभिव्यक्त करना एवं उस मत के समर्थन में सभासदों को प्रभावित करने की कोशिश करना उनकी आदत का हिस्सा है। कार्यालय के कर्मचारियों को भी अध्यक्ष के रुतबे से डरा धमका कर उनसे विधि विरुद्ध कार्य करवाना उनके द्वारा निरंतर जारी है। इस संदर्भ में एक पत्र और वीडियो क्लिप भी उन्होंने ईओ को दिया है। जिसके बाद ईओ ने चेयरमैन को पत्र लिखा था।

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