पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

12 लाख कर्ज में डूबी सहकारिता समिति:सुल्तानपुर में 2 साल से लटक रहा ताला, धान-गेंहू की खरीद नहीं होने से किसानों को हो रही कठिनाई

सुल्तानपुरएक महीने पहले
  • कॉपी लिंक

सुल्तानपुर में बल्दीराय तहसील के हलियापुर में साधन सहकारी समिति पर विभाग का 12 लाख रुपए का कर्ज है। इस कारण समिति पर 2 सालों से ताला लटक रहा है। इसका खामियाजा कहीं न कहीं किसानों को भुगतना पड़ रहा है। किसानों के धान-गेहूं आदि की खरीद नहीं हो पा रही है, जिससे गांवों के किसानों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

हलियापुर का मामला
बता दें, 2 साल पहले समिति नकली खाद बेचने के मामले में चर्चा में आई थी। शिकायत पर हुई जांच के दौरान सचिव अनिल कुमार सिंह को निलंबित किया गया था। विभाग ने उनके विरुद्ध हलियापुर थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। हलियापुर समिति का चार्ज कांपा समिति के सचिव राजेंद्र यादव को दिया गया था। तब से अब तक इस समिति को न तो धान-गेहूं क्रय केंद्र बनाया जा रहा है, न ही किसानों को यहां पर सीजन में खाद ही नियमित मिल पा रही है।

जांच में यह भी पता चला था कि जिले की घाटे में चल रही समितियों को 5-5 लाख रुपए व्यवसाय करने के लिए दिया गया था। हलियापुर समिति को 5 लाख तो व्यवसाय के लिए मिला ही था। साथ ही धान-गेहूं खरीदने के लिए आए रुपए में 21 लाख रुपए शेष रह गया था, जिसे विभाग को वापस नहीं किया गया था।

14 लाख अब तक किया अदा
इस प्रकार समिति की 26 लाख रुपए की देनदारी थी, जिस पर विभाग ने सचिव अनिल सिंह से धीरे-धीरे 14 लाख रुपए जमा कराए। शेष 12 लाख रुपए आज तक नहीं जमा किया गया। इस कारण यह समिति डिफाल्टर घोषित की गई है।

तबसे यहां धान-गेहूं क्रय केंद्र भी नहीं बनाया गया। सीजन में खाद भी समय से पर्याप्त मात्रा में नहीं मिल पा रही है। जिससे फत्तेपुर, उसकामऊ, तौधिकपुर, सरायबग्घा, जरईकला, हलियापुर, कांकरकोला आदि गांव के किसानों को अनेक कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।

जिम्मेदारों के बोल
समिति के सचिव राजेंद्र यादव ने बताया, 2 साल पहले हमको यहां का चार्ज मिला, लेकिन कई बार लिखा-पढ़ी के बावजूद आज तक कोई भी अभिलेखीय चार्ज जैसे कैशबैक, रसीद बुक, बैलेंस शीट, ऑडिट नोट आदि नहीं दिया गया है। जिससे विभागीय कार्य प्रभावित हो रहा है।

सहायक विकास अधिकारी (सहकारिता) बल्दीराय राजेश पांडे ने बताया कि लिखा-पढ़ी चल रही है। अनिल सिंह द्वारा 12 लाख रुपए अभी भी जमा नहीं किया गया है, जिसके लिए धारा 68 के तहत वसूली की कार्रवाई की जा रही है।

जानिए किसानों ने क्या कहा
वहीं हलियापुर निवासी किसान मनोरंजन सिंह ने बताया कि समिति पर पर्याप्त मात्रा में खाद नहीं आ रही है। जब आती भी है तो खास लोगों को देकर स्टॉक खत्म होने की बात कही जाती है। फत्तेपुर निवासी राजेंद्र शुक्ला ने बताया कि यहां क्रय केंद्र न बनाए जाने से हम लोगों को काफी कठिनाई होती है।

तौधिकपुर निवासी राहुल मिश्रा ने बताया, नजदीक धान-गेंहू खरीद होती थी तो छोटे काश्तकार भी अपनी पैदावार बेच लेते थे। जहां क्रय केंद्र बनाया जाता है, वहां दलालों के चलते आम किसान की खरीद नहीं हो पाती। उसकामऊ निवासी शीत वसंत सिंह बताते हैं कि अधिकारी लोग इस समिति को सुचारू रूप से चलाने हेतु ठोस कदम उठाएं, जिससे किसानों को लाभ मिल सके।