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आजादी से आज तक आधी आबादी की हिस्सेदारी में उपेक्षा:सुल्तानपुर की 5 सीटों पर अब तक उतारी गईं 4 महिला प्रत्याशी, 2 बार कांग्रेस और एक-एक बसपा-माकपा ने उतारे

सुल्तानपुर4 महीने पहले
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यूपी में आधी आबादी राजनीतिक दलों की बयानबाजी तक सिमट कर रह गई है। भाजपा इन्हें साधने के लिए 'मिशन शक्ति' योजना लेकर आई। पूर्व की सपा सरकार डायल 1090 लेकर आई, लेकिन जब चुनाव में इन्हें हिस्सेदारी की बात आती है तो हर दल इनकी उपेक्षा करता है। इसके लिए सूबे के सुल्तानपुर से बतौर बानगी एक मिसाल पेश है। राम की नगरी अयोध्या से सटे इस जिले का खासा महत्व है।

इतिहास का हवाला देकर जिले का नाम बदलकर कुशभवनपुर करने के लिए भाजपाई एड़ी चोटी का जोर लगाए हैं। कहा जा रहा, इसको भगवान राम के पुत्र कुश ने बसाया था। आज भी शहर के गोमती नदी के किनारे सीता जी के नाम पर सीता कुंड घाट स्थापित है, लेकिन जब विधानसभा में महिलाओं की भागीदारी की बात आती है तो क्या भाजपा और क्या सपा। यहां 5 विधानसभा सीटों पर आजादी से लेकर आज तक तीन बार महिला को टिकट मिला है। कांग्रेस और बसपा ने यह कर भी दिया, लेकिन सड़क से सदन तक महिला सम्मान की बात करने वाली भाजपा से यह संभव नहीं हो सका।

इस बार कादीपुर से कांग्रेस ने उतारा महिला प्रत्याशी

आजादी के बाद हुए पहले चुनाव में जिले की लंभुआ सीट से कांग्रेस ने पहली बार प्रभा वती देवी को प्रत्याशी बनाया। 11 हजार 917 वोट पाकर वो विजयी हुईं। इसके बाद से इनकी अनदेखी कर दी गई। दशकों तक यह सिलसिला कायम रहा, जिसे साल 2012 में आकर बसपा और माकपा ने एक साथ तोड़ा। बसपा ने इसौली विधानसभा सीट से नरगिश नायाब को तो मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने कादीपुर सुरक्षित सीट से दुर्गावती को प्रत्याशी बनाया था। यह बात दीगर है कि दोनों को हार हाथ लगी।

'लड़की हूं लड़ सकती हूं' का नारा दिया

हां जब इस बार कांग्रेस महासचिव ने यूपी चुनाव से पहले, 'लड़की हूं लड़ सकती हूं' का नारा दिया तो इसे निभाया। यहां कादीपुर सुरक्षित सीट से उन्होंने वॉर्ड नंबर-19 से जिला पंचायत प्रत्याशी निकलेश सरोज को टिकट दिया है। बता दें अब तक लंभुआ और इसौली में एक-एक बार तो कादीपुर सुरक्षित सीट पर सबसे अधिक 2 बार महिला प्रत्याशी उतारी गई हैं। वहीं सुलतानपुर और सदर (जयसिंहपुर) सीट पर आज तक महिला को उम्मीदवार बनाया ही नहीं गया।

एक नजर सुल्तानपुर विधानसभा सीट पर

इस सीट पर कुल मतदाताओं की संख्या 3,75,284 है। इसमें महिला वोटरों की संख्या 1,80,872 है। जबकि पुरुष वोटर 1,94,395 हैं। इसौली सीट पर कुल 3,54,019 मतदाता हैं। इसमें महिला वोटरों की संख्या 1,70,017 है। जबकि पुरुष वोटर 1,83,973 हैं। सदर विधानसभा सीट पर कुल वोटरों की संख्या 3,40,121 है। इसमें महिला मतदाताओं की संख्या 1,63,566 है। जबकि पुरुष वोटर 1,76,543 हैं।

कादीपुर सुरक्षित विधानसभा सीट पर कुल वोटरों की संख्या 3,75,753 है। इसमें महिला वोटरों की संख्या 1,79,931 है। जबकि पुरुष वोटरों की संख्या 1,95,815 है। लंभुआ विधानसभा पर कुल वोटरों की संख्या 3,64,748 है। इसमें महिला वोटरों की संख्या 1,75,933 है। जबकि पुरुष वोटरों की संख्या 1,88,795 है।

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