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श्री कृष्ण-सुदामा चरित्र सुनकर भाव विभोर हुए श्रोता:पापियों के नाश,धर्म की रक्षा के लिए प्रभु लेते हैं अवतार - कथा वाचक रामानंद शास्त्री

लम्भुआ, सुल्तानपुर3 महीने पहले
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लंभुआ क्षेत्र के पाल्हनपुर झलिया गांव में श्रीमद्भागवत कथा के सातवें दिन अयोध्या से पधारे कथा व्यास रामानंद शास्त्री जी महाराज ने कृष्ण जन्मोत्सव व सुदामा चरित्र की कथा सुनाई। उन्होंने कहा कि भगवान भक्तों के बस में हैं। भगवान हमेशा अपने भक्तों का ध्यान रखते हैं। उन्होंने कहा कि जब जब धरती पर पाप और अत्याचार बढ़ता है तब तक भगवान श्री हरि धरती पर किसी न किसी रूप में अवतार लेकर भक्तों के संकट को दूर करते हैं।

लंभुआ तहसील के भदैया विकासखंड के पाल्हनपुर झलिया गांव में चल रही संगीतमय कथा के सातवें और अंतिम दिन भगवान श्री कृष्ण के जन्मोत्सव व सुदामा से संबंधों की कथा सुनाई गई ।

कथा वाचक ने लोगों का ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि जब कंस के पापों का घड़ा भर गया तब भगवान श्री कृष्ण जन्म लेकर कंस का अंत किया और लोगों को पापी राजा से मुक्ति दिलाई । वहीं उन्होंने कहा कि सुदामा का चरित्र भागवत कथा में भगवान का रूप और बडा कर देता है। इससे यह सीख मिलती है कि कितनी भी गरीबी परेशानी हो लेकिन सत्य धर्म का साथ नहीं छोडना चाहिए जैसे सुदामा ने किया । वहीं यह कथा यह भी बताती है कि सुदामा ने जितने कष्ट काटे प्रभु ने उतनी ही सुविधाओं से उनको परिपूर्ण किया है।

कथा के दौरान कथा व्यास ने अनेक भक्ति पूर्ण भजन प्रस्तुत किए, जिसमें नंद घर जन्में कन्हैया.....कान्हा अब तो ले लो अवतार .......मैं तो नंद भवन में जाऊंगी .......यशोदा जायो.....लल्ला श्याम तेरी बंसी पुकारे.......राधा राम भजनों को सुन श्रोता मतंमुग्ध हो कर थिरकने को मजबूर हो गए । उन्होंने कहा कि आज व्यक्ति मोह के चक्कर में फस कर अनैतिक पूर्ण तरीके से पैसा कमाने में जुटा हुआ है ।

जिसका परिणाम अंततः उसे भोगना पड़ता है। कथा के अंत में श्री पाल व सुनीता मिश्रा ने व्यासपीठ की आरती उतारी। इस अवसर पर अभय रमेश मिश्रा, सुरेश ,आमिर ,आकाश, गोपाल गौरव में उर्फ गरूड़ , राजेश दुबे, दद्दन तिवारी, राजू मिश्रा विनय ,चंद्र प्रताप आदि मौजूद रहे।

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