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BJP विधायक राकेश राठौर के पार्टी छोड़ने की इनसाइड स्टोरी:ब्यूरोक्रेसी से बनती नहीं थी, पार्टी ने सुनी नहीं; टिकट मिलने के भी कम थे चांस

सीतापुर8 महीने पहले
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BJP के एक और BSP के 6 विधायक सपा में शामिल हो गए हैं। - Money Bhaskar
BJP के एक और BSP के 6 विधायक सपा में शामिल हो गए हैं।

सीतापुर से BJP के विधायक राकेश राठौर ने सत्ता का साथ छोड़कर सुर्खियां जरूर बटोर ली लेकिन ये भी सच है कि इस बार उन्हें पार्टी का टिकट मिलने के चांस कम थे। चुनाव से पहले सत्ता का साथ छोड़ने का यह स्टैंड इसी डर से जोड़कर देखा जा रहा है। समाजवादी पार्टी में उनका कद कैसा होगा, इसका अंदाजा अभी लगाना मुश्किल है, लेकिन अखिलेश यादव को सत्ता पर तंज कसने के लिए एक पंचलाइन जरूर मिल गई है।

BJP में विधायक बनते ही बिगड़ने लगे थे बोल

विधायक राकेश राठौर ने कोरोना काल के दौरान पीएम मोदी के ताली थाली और बयान पर तंज कसा। उन्होंने BJP सरकार के निचली जातियों का ध्यान नहीं देने की बात कही थी। सरकार की ब्यूरोक्रेसी द्वारा विधायक की फरियाद न सुनने पर सरकार को कोसना शुरू कर दिया था। उन्होंने कहा था कि इस सरकार में विधायकों की कोई सुनने वाला नहीं है। ज्यादा कुछ बोल दिया तो देशद्रोह भी लग सकता है।

अखिलेश के साथ फोटो हुई थी वायरल

राकेश राठौर सपा प्रमुख अखिलेश यादव से मुलाकात कर पार्टी में जाने की जुगत में लगे हुए थे। इस दौरान उनकी एक फोटो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी, लेकिन विधायक ने बतौर मुलाकात की बात कही थी। पार्टी जॉइन करने की बात को सिरे से नकार दिया था। अब देखना यह दिलचस्प होगा कि समाजवादी पार्टी में उनका कद कहां तक पहुंचता है। वह अपने रसूख के दम पर टिकट की किस सीट से लिये भी दावेदारी करते हैं।

सपा में शामिल होने पर कार्यकर्ताओं ने फूल-माला पहनाकर स्वागत किया।
सपा में शामिल होने पर कार्यकर्ताओं ने फूल-माला पहनाकर स्वागत किया।

अखिलेश यादव का तंज

भाजपा विधायक राकेश राठौर के सपा में आने के बाद अब हो सकता है कि मुख्यमंत्री अपने नारे का नाम बदल दें। मेरा परिवार और भाजपा परिवार की जगह अब हो सकता है कि वो कर दें...मेरा परिवार भागता परिवार।

सपा का थाम लिया दामन

विधायक राकेश राठौर शनिवार को सपा में शामिल हो गए। इसके अलावा BSP के भी 6 विधायकों ने भी सपा की सदस्यता ली है। अखिलेश यादव ने सभी विधायकों को स्वागत किया है। साथ ही BJP सरकार पर तंज कसा। अखिलेश ने कहा कि 'सरकार में बैठे माननीय से निवेदन है कि दिवाली का त्योहार आ गया है, अपने घर की सफाई अच्छे से करवा दें। जिससे कि धुंए के निशान मिट जाएं और बाकी सब कुछ हटवा लें ताकि आने वाली सरकार को वहां कुछ न मिले।'

BSP से हार गए थे चुनाव

राकेश राठौर व्यापारी थे। 2007 के विधानसभा चुनाव में BSP के टिकट पर सदर सीट से चुनाव लड़े थे, लेकिन राजनैतिक करियर में अच्छी पैठ न होने के चलते चुनाव हार गए। कुछ सालों तक राजनीतिक गलियारों में पैठ बनाई। इसके बाद वह गतवर्ष हुए विधानसभा चुनाव में BJP के टिकट पर सीतापुर की सदर सीट से चुनाव लड़े। इसमें उनको जीत हासिल हुई। राकेश राठौर शुरूआती दिनों में ही तालमेल ठीक न होने के कारण सरकार को कोसने लगे।

राकेश राठौर सपा प्रमुख अखिलेश यादव से मुलाकात कर पार्टी में जाने की जुगत में लगे थे।
राकेश राठौर सपा प्रमुख अखिलेश यादव से मुलाकात कर पार्टी में जाने की जुगत में लगे थे।

बीजेपी छोड़ने के पीछे की इन वजहों पर चर्चा

  • राकेश राठौर की ब्यूरोक्रेसी से खटपट चलती रहती थी, विधायक होने के बावजूद उनकी चलती नहीं थी।
  • विधायक जैसी नहीं थी हनक, नेता या मंत्री सुनते नहीं थे।
  • इसी वजह से बीजेपी के किसी भी छोटे-बड़े कार्यक्रम में नहीं आते थे नजर
  • होर्डिंगों से उनके नाम भी गायब होने लगे थे।

यह बोले- सपा-भाजपा के जिलाध्यक्ष
बीजेपी जिलाध्यक्ष अचिन मेहरोत्रा का कहना है कि बीजेपी सरकार आपको साथ लेकर चलती है और ऐसा कहीं भी देखने को नही मिला है कि किसी भी विधायक के कामकाज से मना किया गया हो लेकिन वह पार्टी छोड़ कर अगर गए हैं तो यह उनका व्यक्तिगत निर्णय होगा। पार्टी ने विधायक को कहीं भी अनदेखा नही किया है।

वहीं, सपा जिलाध्यक्ष छत्रपाल यादव का कहना है कि बीजेपी सरकार से उनके विधायक ही खुश नहीं हैं इसलिए तो बीजेपी छोड़कर सपा का दामन थाम रहे हैं। उन्होंने कहा कि राकेश राठौर को लेकर राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव का जो भी निर्णय होगा वह हमें स्वीकार होगा।