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इटवा में कस्तूरबा विद्यालय के निर्माण कार्य में अनियमितता:नवनिर्मित बिल्डिंग में मानक ताक पर कराए जा रहे कार्य, ठेकेदार की मनमानी, चुप्पी साधे हैं जिम्मेदार

इटवाएक महीने पहले
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सिद्धार्थनगर की तहसील इटवा के खुनियांव ब्लाक में कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में इन दिनों नवनिर्मित भवन का निर्माण कराया जा रहा है। प्रारंभिक दौर में ही मानक की अनदेखी की जा रही है। ठेकेदार की मनमानी से अनियमितता की जा रही है, जबकि जिम्मेदार अधिकारी चुप्पी साधे बैठे हैं। इस मामले में जिला बेसिक शिक्षाधिकारी द्वारा स्थलीय निरीक्षण किया गया था, उसमें भी कमियां पाई गईं। जिसके बाद मुख्य विकास अधिकारी द्वारा कार्यदायी संस्था के अधिशासी अधिकारी से स्पष्टीकरण मांगा गया है। टीम गठित करके जांच करने की भी बात कही गई है।

खुनियांव ब्लाक में बन रही कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय की नवनिर्माण हो रही बिल्डिंग में नियमों को ताक पर रखकर निर्माण कराया जा रहा है। लाखों की लागत से बनाए जा रहे भवन के लिए अभी नींव भराने का काम किया जा रहा है। प्रारंभिक निर्माण कार्य में जिम्मेदारों द्वारा खेल शुरू कर दिया गया है। भवन को भूकंपरोधी पाऊर्मेट पर बनाया जाना है, पर इस बिंदु पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। लोगों का कहना है कि निर्माण में अब अभी से गुणवत्ता पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है, तो इसका भविष्य कैसे सुरक्षित रह सकेगा।

विद्यालय में चल रहा निर्माण कार्य
विद्यालय में चल रहा निर्माण कार्य

समीक्षा बैठक में भी उठ चुका है मुद्दा
जिला मुख्यालय पर सीडीओ व जिलाधिकारी द्वारा आयोजित की गई समीक्षा बैठक में भी ये मुद्दा उठ चुका है। जिस पर सीडीओ और जिलाधिकारी ने गंभीरता दिखाई थी और बीएसए को मौके पर जाकर निरीक्षण करने संबंधित निर्देश दिए गए।

बीएसए ने किया था स्थलीय निरीक्षण
उच्चधिकारियों के निर्देश पर जिला बेसिक शिक्षाधिकारी सिद्धार्थनगर खुनियांव कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय पर आए, जहां उन्हें भी निर्माण कार्यों में कमी दिखाई दी। जिसकी रिपोर्ट उन्होंने उच्चाधिकारियों को प्रेषित की।

विद्यालय में चल रहा निर्माण कार्य
विद्यालय में चल रहा निर्माण कार्य

अधिशासी अभियंता से मांगा गया है लिखित जवाब
सीडीओ पुलकित गर्ग ने कहा कि समीक्षा बैठक में ये प्रकरण सामने आया था। बीएसए को स्थलीय निरीक्षण के लिए भेजा गया था, उसमें भी कमी मिली। ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के अधिशासी अभियंता से लिखित स्पष्टीकरण मांगा गया है। इसके बाद टीम गठित करके निर्माण कार्य की जांच कराई जाएगी। अनियमितता पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।

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