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संत कबीर नगर में श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पुण्यतिथि मनाई:23 वर्ष की अवस्था में ही श्यामा प्रसाद को विश्वविद्यालय की प्रबंध समिति में ले लिया गया था: अष्टभुजा

संत कबीर नगर2 महीने पहले
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संतकबीर नगर में भाजपा के जिला कार्यालय पर गुरुवार को जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पुण्यतिथि मनाई गई। इस मौके पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने बलिदान दिवस संगोष्ठी का आयोजन किया। कार्यक्रम से पहले डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण और पुष्पार्चन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।

मुखर्जी की जीवनी पर डाला प्रकाश
संगोष्ठी के मुख्यातिथि पूर्व सांसद अष्टभुजा शुक्ला ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जीवनी पर प्रकाश डालते हुए कहा कि 6 जुलाई 1901 को कोलकाता में आशुतोष मुखर्जी एवं योगमाया देवी के घर जन्म हुआ। वे कोलकाता विश्वविद्यालय के संस्थापक उपकुलपति थे। 1924 में 23 वर्ष की अवस्था में ही श्यामा प्रसाद को विश्वविद्यालय की प्रबंध समिति में ले लिया गया था और 33 वर्ष की छोटी अवस्था में उन्हें उपकुलपति की उस कुर्सी पर बैठाने का गौरव मिला।

मेंहदावल विधायक अनिल त्रिपाठी ने कहा कि दूसरे जिस कारण से मुखर्जी को याद किया जाता है, वह जम्मू-कश्मीर के भारत में पूर्ण विलय की मांग को लेकर उनके द्वारा किया गया सत्याग्रह एवं बलिदान है। 1947 में भारत की स्वतंत्रता के बाद गृहमंत्री सरदार पटेल के प्रयास से सभी देशी रियासतों का भारत में पूर्ण विलय हो गया, प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू के व्यक्तिगत हस्तक्षेप के कारण जम्मू-कश्मीर का विलय पूर्ण नहीं हो पाया। उन्होंने वहां के शासक राजा हरि सिंह को हटाकर शेख अब्दुल्ला को सत्ता सौंप दी। शेख अब्दुल्लाह कश्मीर को स्वतंत्र बनाए रखने या पाकिस्तान में मिलाने के षड्यंत्र में लगा था।

इस मौके पर पूर्व जिलाध्यक्ष सेतभान राय रामललित चौधरी, अनिरुद्ध निषाद, गणेश पांडेय, कौशलेंद्र सिंह, सत्यपाल पाल, सतविंदर पाल जज्जी, विजय चतुर्वेदी, ब्लाक प्रमुख भूपेंद्र सिह, राममिलन यादव, आलोक सिंह, हेमन्त चतुर्वेदी, महिला मोर्चा की क्षेत्रीय उपाध्यक्ष सुनीता अग्रहरी, नीतू सिंह, तारा राय, विजय बहादुर सिंह, ज्ञाननेदर मिश्र, हैप्पी राय, ब्रम्हानंद पांडेय समेत अनेक लोग मौजूद रहे।

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