पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

नशा मनुष्य के शरीर को बनाता है खोखला- ASP:संतकबीरनगर में मनाया गया तरराष्ट्रीय नशा निषेध दिवस, नशा मुक्त समाज बनाने के लिए पुलिसकर्मियों ने लिया संकल्प

संतकबीर नगरएक महीने पहले
  • कॉपी लिंक

संतकबीनगर में पुलिस अधीक्षक कार्यालय पर अंतरराष्ट्रीय नशा निषेध दिवस मनाया जा रहा है। समाज से नशे की लत को समाप्त कर स्वस्थ समाज की रचना करने का सभी पुलिस कर्मियों को संकल्प दिलाया गया।

संतकबीनगर में मनाया अंतरराष्ट्रीय नशा निषेध दिवस।
संतकबीनगर में मनाया अंतरराष्ट्रीय नशा निषेध दिवस।

नशा का इस्तेमाल जीवन के साथ खिलवाड़
अपर पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार सिंह ने कहा कि आज का युवा बहुत प्रैक्टिकल है। वह खुद पर नए-नए प्रयोग करता रहता है। कुछ युवा तो अपनी जिंदगी संवारने के लिए नए प्रयोग करते हैं, लेकिन कुछ युवा बहकावे में आकर नशे के विभिन्न प्रकार के प्रयोगों को अपने ऊपर आजमाते हैं। जो सीधे अपने जीवन से न केवल खिलवाड़ करते हैं, बल्कि पूरे परिवार को भी तबाह करते हैं। ऐसे युवाओं को सचेत होने की जरूरत है।

पुलिसकर्मियों को दिलाई गई शपथ।
पुलिसकर्मियों को दिलाई गई शपथ।

इस अवसर पर पुलिस लाइन में एसपी सोनम कुमार ने उपस्थित सभी पुलिस कर्मियों को प्रधानमंत्री व गृह एवं सहकारिता मंत्री भारत सरकार द्वारा नशा मुक्ति के संबन्ध में दिए गए संदेशों को पढ़कर सभी को सुनाया गया। इसके साथ ही धनघटा व मेंहदावल के क्षेत्राधिकारी द्वारा द्वारा अपने-अपने कार्यालयों व जनपद के सभी थाना प्रभारी और थानाध्यक्षों द्वारा थाने के पुलिस कर्मियों को उन संदेशों को सुनाया गया है।

नशे से मनुष्य मानसिक-शारीरिक दोनों से होता है कमजोर
बताया गया कि मादक पदार्थों के अलावा चाय, काफी, वर्तमान समय के नवीन यंत्र जैसे विडियो गेम, स्मार्ट फोन, फेसबुक आदि का ज्यादा मात्रा में उपयोग भी नशे की श्रेणी में आते है। एसपी ने कहा कि मादक पदार्थों के सेवन से सबसे बड़ी हानि, स्वास्थ्य हानि होती है, नशा करने वाला व्यक्ति आर्थिक, मानसिक और शारीरिक दोनों से कमजोर होता है। वर्तमान समय में नशा दुर्घटनाओं का सबसे मुख्य कारण बन गया है। इस दौरान क्षेत्राधिकारी अंशुमान मिश्रा, धनघटा के क्षेत्राधिकारी राम प्रकाश, मेहदावल के क्षेत्राधिकारी अम्बरीष भदौरिया समेत अनेक लोग मौजूद रहे।

1989 में पहली बार मनाया गया था यह दिवस
हर साल 26 जून को विश्व स्तर पर नशीली दवाओं के दुरुपयोग और अवैध तस्करी के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय दिवस या विश्व ड्रग दिवस के रूप में मनाया जाता है। बता दें कि विश्व ड्रग दिवस की शुरुआत 26 जून 1989 को हुई थी, जबकि नशीली दवाओं के दुरुपयोग और अवैध तस्करी के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय दिवस के उत्सव को 7 दिसंबर 1987 को संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा पारित प्रस्ताव 42/112 के तहत पारित किया था।

खबरें और भी हैं...