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संतकबीरनगर में अवैध बालू खनन जारी:खनन माफिया प्रशासन की मिलीभगत से कर रहे अवैध खनन, शिकायत के बाद भी जिम्मेदार मौन

संतकबीर नगर2 महीने पहले
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संतकबीरनगर में अवैध बालू खनन का मामला रुकने का नाम नहीं ले रहा है। धनघटा क्षेत्र में खनन माफिया प्रशासन की मिलीभगत से काम कर रहे हैं। अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने से शिकायतकर्ता लाचार हैं। उनका कहना है कि लगातार शिकायत करने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। जिससे खनन माफियाओं को मन बढ रहा है।

सरकार द्वारा रोक के बावजूद अवैध बालू खनन से संबंधित आने वाली शिकायतों पर तत्वरित कार्रवाई का असर बेअसर दिखाई दे रहा है। धनघटा तहसील क्षेत्र के नरायनपुर में अवैध बालू खनन की शिकायत धनघटा के माधोपुर निवासी जनकराज सिंह द्वारा लगभग 15 दिनों से तहसील से लेकर जिलाधिकारी कार्यालय तक किया। इसके साथ ही ग्रामीणों ने भी इसकी शिकायत की थी। लेकिन इसपर कोई कारवाई नहीं हुई।

प्रशासन और खनन माफियाओं की मिलीभगत
शिकायतकर्ता ने बालू खनन माफियाओं पर जिला प्रशासन की मिलीभगत से अवैध रूप से खनन करने का आरोप लगाया है। जबकि शिकायतकर्ता ने जिला प्रशासन से अवैध रूप से हो रहे बालू खनन की गहराई और खनन का गाटा संख्या की जांच कर कार्रवाई करने की मांग की थी। लेकिन अभी तक इसपर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। जिससे खनन माफियाओं का मनोबल बढ़ता जा रहा है।

शिकायत करने के बाद भी नहीं हो रही कोई कार्रवाई। जिससे शिकायतकर्ता परेशान होकर सीएम से इसकी शिकायत करेंगे।
शिकायत करने के बाद भी नहीं हो रही कोई कार्रवाई। जिससे शिकायतकर्ता परेशान होकर सीएम से इसकी शिकायत करेंगे।

कई जगहों पर किया जा रहा अवैध खनन
धनघटा तहसील के ग्राम सभा नारायनपुर में गाटा संख्या 1150 में वर्षीय बालू खनन पट्टा स्वीकृत है। जबकि खनन माफिया द्वारा जिला प्रशासन की मिलीभगत से नंबर के अलावा दूसरे जगहों पर अवैध रूप से खनन कर रहे हैं। स्वीकृत गाटा संख्या के बाहर अभी तक लगभग 1 लाख घन मीटर अवैध बालू खनन कर चुके हैं। लगातार खनन जारी भी है।

खनन कर होता है ओवरलोडिंग ​​​​​​​ ​​​​​​​
रोजाना सैकड़ों ट्रकों एवं ट्रालियों द्वारा ओवरलोडिंग गाड़ियों से बालू खोदकर बेचा जा रहा है। ओवरलोडिंग के मामले में एआरटीओ विभाग भी चुप्पी साधी हुई है। मामले में खनन अधिकारी को भी लिखित सूचना दी गई थी। लेकिन उन्होंने कोई इस पर अमल नहीं किया। शिकायतकर्ताओं ने कहा कि अब जिले की प्रशासन से उम्मीद उड़ चुकी है। जल्द ही मुख्यमंत्री से मिलकर इसकी शिकायत करेंगे।

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