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संतकबीरनगर में छुट्टा पशु रौंद रहे किसानों की फसल:61 गो आश्रय बनाए गए, उसमें भी केवल 3 स्थायी, कुछ में तो एक भी जानवर नहीं

संतकबीरनगर4 महीने पहले
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खेतों को बर्बाद कर रहे गोवंश। - Money Bhaskar
खेतों को बर्बाद कर रहे गोवंश।

यूपी सरकार ने सरकार बनते ही किसानों की फसल को बचाने और छुट्टा पशुओं को एक आश्रय देने के लिए हर जिलें में गौ आश्रय केंद्रों का निर्माण कराया। लेकिन संतकबीरनगर में छुट्टा पशु किसानों की फसल को रौंद रहे हैं। एक तरफ मौसम किसानों के अरमानों पर पानी फेर रहा है, वहीं बेसहारा पशुओं से किसान पूरी तरह से परेशान हो चुका है। पशु गेहूं, चना, मटर आदि फसलों को बर्बाद कर रहे हैं।

किसानों की फसलों को कर रहे बर्बाद

इन पशुओं को पशु आश्रय तक पहुंचाने के लिए किसान कई बार शिकायत कर चुके हैं। इसके बावजूद भी ये छुट्टा पशु किसानों की फसलों को खराब कर रहे हैं। मेंहदावल, खलीलाबाद, धनघटा तहसील में इन दिनों छुट्टा पशु किसानों के दुश्मन बन गए हैं। जनपद में कुल गो आश्रय स्थल 61 हैं। जिसमें स्थायी गो-आश्रय स्थल 3 और अस्थायी गो आश्रय स्थल 58 हैं। फिर भी खेतों में छुट्टा घूमकर पशु किसानों के खेतों में फसलों को बर्बाद कर रहे हैं। अधिकांश स्थानों पर पशुओं को रखने का दावा हवा हवाई साबित हो रहा है। जमीनी हकीकत में गो आश्रय केंद्र खाली पड़े हैं।

खेत को चर रहे हैं जानवर

किसान झिनक ने कहा कि जिम्मेदारों से छुट्टा पशुओं की शिकायत की गई लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। किसानों का कहना है कि छुट्टा पशु खेत को लगातार चर रहे हैं। हम गरीब किसान मेहनत मजदूरी कर अपना जीवन यापन करते हैं। अगर रोज हम अपने खेत की रखवाली करेंगे, तो क्या कमायेंगे और खायेंगे।

खेती करने की प्रथा हो रही है खत्म

किसान सरजू प्रसाद ने कहा कि खेतों में छुट्टा पशुओं की संख्‍या बहुत बढ़ गई है। जिसकी वजह से परेशानी के सामना करना पड़ता है। न रात में सोने को मिलता है न दिन में सोने को मिलता है। इनकी वजह से लोग काम पर भी नहीं जा पाते हैं। किसान अर्जुन पांडेय ने बताया की यहां छुट्टा पशु एक ही बार में पूरी फसल बर्बाद कर देते हैं। इनकी संख्‍या 100 से अध‍िक हो गई है। इनके कारण कोई काम नहीं हो पा रहा है। वैसे ही खेती करने की प्रथा खत्म हो रही है।

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