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राशिद अल्वी ने रामभक्तों को बताया राक्षस:संभल में कहा- जय श्रीराम का नारा लगाने वाले रामायण के कालनेमि; मंत्री सिद्धार्थनाथ ने किया पलटवार

संभल2 महीने पहले
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कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सलमान खुर्शीद की अयोध्या पर विवादित किताब के बाद अब राशिद अल्वी के एक बयान पर घमासान शुरू हो गया है। संभल में आयोजित कल्कि महोत्सव में राशिद अल्वी ने जय श्रीराम का नारा लगाने वालों की तुलना रामायण के कालनेमि राक्षस से की। उन्होंने कहा कि रामराज्य और जय श्रीराम का नारा लगाने वाले मुनि नहीं, बल्कि रामायण काल के कालनेमि राक्षस हैं।

अल्वी के बयान पर भाजपा ने पलटवार किया है। भाजपा प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने कहा कि कांग्रेस के नेताओं में यह होड़ मची है कि कौन कितना ज्यादा हिंदुओं को अपमानित कर सकता है। तुष्टीकरण में अंधी कांग्रेस को हिंदुओं का इस तरह अपमान महंगा पड़ेगा। वहीं, कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा कि कांग्रेस पार्टी को तय करना चाहिए कि वो कहां राजनीति करना चाहती है? भारत या पाकिस्तान। जिस तरह से सलमान खुर्शीद और राशिद अलवी हिंदुओं के खिलाफ नफरत फैला रहे हैं, शायद कांग्रेस पार्टी ने पाकिस्तान का फैसला कर लिया है।

अल्वी बोले- श्रीराम का नारा लगाकर गुमराह करते हैं लोग
अल्वी ने कहा कि हम भी चाहते हैं कि इस देश में रामराज्य होना चाहिए। जिस राज्य में बकरी और शेर एक घाट पर पानी पीते थे, उस राज्य के अंदर नफरत कैसे हो सकती थी। लेकिन आजकल कुछ लोग देश के लोगों को जय श्रीराम का नारा लगाकर गुमराह भी करते हैं। ऐसे लोगों से हमें होशियार रहना चाहिए।

कल्कि महोत्सव में राशिद अल्वी ने दिया बयान।
कल्कि महोत्सव में राशिद अल्वी ने दिया बयान।

हनुमान जी की संजीवनी बूटी लाने की कहानी सुनाई
राशिद अल्वी ने संजीवनी बूटी की कहानी भी सुनाई। कहा कि रामायण में आता है कि जब लक्ष्मण जी की हालत खराब होती है और कहा जाता है कि संजीवनी बूटी सूर्य निकलने से पहले आनी चाहिए। वरना जिंदगी बचना मुश्किल है तो हनुमान जी को जिम्मेदारी दी जाती है कि हिमालय पर्वत से संजीवनी बूटी लेकर आइए। उधर, रावण एक राक्षस को संत बनाकर भेज देता है। उसे तो वक्त खराब करना था कि सुबह से पहले संजीवनी बूटी आनी नहीं चाहिए। हनुमान जी ऊपर जा रहे थे। वो राक्षस नीचे बैठकर जय श्रीराम का नारा लगा रहा था। आजकल तो बहुत लोग लगाते हैं। नारा सुनकर हनुमान जी नीचे उतर आते हैं।

हुनमान जी तो रामजी के भक्त हैं। आकर बैठ जाते हैं राक्षस के पास। राक्षस को हनुमान जी का वक्त खराब करना था तो उसने बोला कि जाओ पहले मानसरोवर के अंदर स्नान करो। बगैर स्नान करे जय श्रीराम नहीं बोला जाता है। ये अलग बात है कि आज जो जय श्रीराम बोलते हैं, वो बगैर स्नान के बोलते हैं।

मानसरोवर के अंदर स्नान करते समय एक मगरमच्छ हनुमान जी का पांव पकड़ लेता है। वो मगरमच्छ नहीं था, एक अप्सरा थी। उसे किसी ने श्राप दिया था। वो अप्सरा बनकर हनुमान जी से कहती है कि हनुमान क्यों वक्त खराब कर रहे हो। तुम्हें तो सूर्य निकलने से पहले संजीवनी बूटी लेकर जाना है। ये जो सामने बैठकर जय श्रीराम कह रहा है, ये मुनि नहीं बल्कि घोर राक्षस है। आज भी बहुत लोग जय श्रीराम का नारा लगाते हैं, वो सब मुनि नहीं राक्षस हैं।

इधर... अयोध्या पर सलमान खुर्शीद की किताब पर विवाद जारी

बता दें कि बीते बुधवार को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सलमान खुर्शीद ने किताब 'सनराइज ओवर अयोध्या' का लांच किया था। किताब में अयोध्या पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को सही ठहराया गया है, लेकिन हिंदुत्ववादियों की तुलना ISI और बोको हराम जैसे आतंकवादी संगठनों के 'जिहादी इस्लाम वाली सोच' से की गई है। किताब के विमोचन के मौके पर मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम भी मौजूद थे।

सलमान खुर्शीद की किताब 'सनराइज ओवर अयोध्या' का विमोचन दिग्विजय सिंह और पी. चिदंबरम ने किया।
सलमान खुर्शीद की किताब 'सनराइज ओवर अयोध्या' का विमोचन दिग्विजय सिंह और पी. चिदंबरम ने किया।

सलमान खुर्शीद ने अपनी किताब में लिखा है कि, 'आज के हिंदुत्व का राजनीतिक रूप, एक तरह से साधु-संतों के सनातन और प्राचीन हिंदू धर्म को किनारे लगा रहा है, जो निश्चित तौर पर ISI और बोको हरम जैसे जिहादी इस्लामी संगठनों जैसा ही प्रतीत होता है'।