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28 दिसंबर को घोषित करें बाल बलिदान दिवस:संभल में गुरु नानक दरबार कमेटी ने उठाई मांग, बोले- इससे लोगों को प्रेरणा मिलेगी

संभल9 महीने पहले
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एसडीएम को सौंपा गया ज्ञापन। - Money Bhaskar
एसडीएम को सौंपा गया ज्ञापन।

संभल में हिंदू जागृति मंच और गुरुद्वारे की गुरु नानक दरबार कमेटी ने 28 दिसंबर को बाल बलिदान दिवस घोषित करने की मांग को लेकर राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा है।

जहां संयुक्त रूप से सौंपे ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई है कि जिस तरह से गुरु गोविंद सिंह के चार बेटों ने राष्ट्र के लिए एक बड़ा बलिदान दिया था, वो एक बहुत बड़ा बलिदान है। इसलिए इसको बाल बलिदान दिवस घोषित किया जाए। जिससे बच्चों में राष्ट्रभक्ति की प्रेरणा बढ़ेगी।

एसडीएम को सौंपा ज्ञापन

हिंदू जागृति मंच के कार्यकर्ता महामंत्री विकास कुमार वर्मा और अध्यक्ष अरुण कुमार अग्रवाल के साथ और गुरुद्वारे के गुरु नानक दरबार कमेटी के सिख समाज के लोग इकट्ठा होकर सदर तहसील पर स्थित एसडीएम कार्यालय पर पहुंचे। जहां हिंदू जागृति मंच और गुरुद्वारा कमेटी के द्वारा राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन एसडीएम रमेश बाबू को सौंपा गया।

सबसे बड़ी श्रद्धांजलि होगी

एसडीएम को संयुक्त रूप से सौंपे गए ज्ञापन के माध्यम से हिंदू जागृति मंच और गुरु नानक कमेटी ने 28 दिसंबर को बाल बलिदान दिवस घोषित करने की मांग की है। ज्ञापन के माध्यम से कहा गया है कि सिख समाज के गुरु गोविंद सिंह के चार बेटों ने धर्म, संस्कृति और स्वाभिमान के लिए अपना बलिदान दिया।

जिसमें दो बेटे जोरावर सिंह और फतेह सिंह को जीवित दीवार में चुनवा दिया गया था। दीवार में जीवित लोगों को चिने जाने की घटना ने इस तारीख को अमर कर दिया था। बाल जीवन को शौर्य और साहस की अमर प्रेरणा दी थी। इसलिए 28 दिसंबर को बाल बलिदान दिवस घोषित किया जाए। 28 दिसंबर को बाल बलिदान दिवस घोषित होने से गुरु गोविंद सिंह के चारों बेटों को राष्ट्र की ओर से सबसे बड़ी श्रद्धांजलि अर्पित हो सकेगी।

आतंकियों से लोहा लेने का बढ़ेगा मनोबल

एसडीएम को सौंपा गया ज्ञापन के माध्यम के द्वारा हिंदू जागृति मंच और गुरु नानक कमेटी ने कहा है कि यदि 28 दिसंबर को बाल बलिदान दिवस घोषित कर दिया जाता है, तो ऐसा होने से अपने राष्ट्र, धर्म और समाज के प्रति बच्चों में कर्तव्य बोध जागेगा। कर्तव्य पथ पर चलने और आतंकियों से लोहा लेने का भी राष्ट्र भक्तों में मनोबल बढ़ेगा।