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सत्संग में लाओं तो नहीं बिगड़ेंगे बच्चे:संत उमाकांत बोले, बच्चों को देशभक्त और अहिंसा परोपकार रूपी धर्म को धारण कराएं

सहारनपुर2 महीने पहले
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सत्संग में प्रवचन देते संत उमाकांत महाराज। - Money Bhaskar
सत्संग में प्रवचन देते संत उमाकांत महाराज।

सहारनपुर के नकुड़ में सत्संग का आयोजन किया गया। संत सतगुरु त्रिकालदर्शी उज्जैन वाले बाबा उमाकांत महाराज ने मध्य प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली, उत्तराखंड, पंजाब हरियाणा यूपी से आई संगत के बीच अमृत वर्षा करते हुए कहा कि बच्चों को सुमिरन ध्यान भजन कराओ और सत्संग में लाओ तो बच्चे बिगड़ेंगे नहीं।

सत्संग से मिलती है हर प्रकार की जानकारी

सतसंग सुनती संगत।
सतसंग सुनती संगत।

कथा भागवत प्रवचन सब अलग-अलग होते हैं। इनके अलग-अलग लाभ महत्व होते हैं। लेकिन जब सत्संग मिलता है, तब हर तरह की जानकारी हो जाती है। लोक-परलोक दोनों बनाने की, मैं कौन हूं, मेरे इस शरीर को कौन चला रहा है। मुझे यह मनुष्य शरीर किस लिए कितने समय के लिए मिला। आत्मा की और देवी-देवताओं, परमात्मा की जानकारी आदि सब सत्संग से हो जाती है।

देशभक्त बनो, देश की चीजों को बचाओ
अच्छे लोगों का एक समाज बनाओ। लोगों को शाकाहारी नशा मुक्त बनाओ। देश भक्ति इनके अंदर लाओ। आपका भी सम्मान रहेगा। देश की चीजों को आपको बचाना है। आपकी वजह से किसी का नुकसान न हो। कोई भी हड़ताल तोड़फोड़ आंदोलन धरना घेराव जिससे देश का नुकसान होता हो, किसी की जान जाती हो, वह काम मत करो। बराबर प्रेम की जगह सब लोगों के अंदर बनाओ।

बच्चों को नामध्वनी की आदत डलवाओ
रोटी कपड़ा व्यापार का इंतजाम आप करते हो, दौड़-धूप करके नौकरी दिला देते हो, दुकान खुलवा देते हो लेकिन यह भी आपका प्रेमियों फर्ज बनता है। बच्चों को दुख तकलीफ न हो तो नाम ध्वनि की आदत डालो, डलवाओ। नाम ध्वनि बोलने के बाद ही खाना मिलेगा। नियम में बदलाव नहीं आना चाहिए। रोज बोलों, बुलवाओ नहीं तो बच्चे कहेंगे कि चल जाता है, मां ही बिना बोले खिला देती है। कैसे भी हो, बच्चे बोलें, कुछ तो सीखें। शरीर की साधना सीखें। कम से कम एक घंटा आधे घंटा दस मिनट बैठ तो सकें। लगातार बुलवा करके देखो कितना फायदा होता है। न फायदा हो तो कोई जोर-जबरदस्ती नहीं है, अर्जी हमारी और मर्जी आपकी।

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