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सहारनपुर के युवक की जम्मू में हत्या:15 अक्टूबर को ड्यूटी करके घर लौट रहे थे, रास्ते में आतंकियों ने गोलियों से भूना

सहारनपुर2 महीने पहले
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सगीर अहमद (58)जम्मू कश्मीर के पुलवामा में एक निजी फर्म में लकड़ी कारीगर का काम करते थे। - Money Bhaskar
सगीर अहमद (58)जम्मू कश्मीर के पुलवामा में एक निजी फर्म में लकड़ी कारीगर का काम करते थे।

सहारनपुर के रहने वाले सगीर अहमद की जम्मू कश्मीर में शुक्रवार को आतंकियों ने गोली मारकर हत्या कर दी। वह कारपेंटर का काम करता था। मौत की सूचना मिलने के बाद से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजन पुलवामा के लिए रवाना हो गए हैं। रविवार तक शव आने की उम्मीद है।

सहारनपुर के मोहल्ला सराय हिसामुद्दीन के रहने वाले सगीर अहमद (58) जम्मू कश्मीर के पुलवामा में एक निजी फर्म में लकड़ी कारीगर का काम करते थे। शुक्रवार की शाम वह काम करके अपने किराए के कमरे में लौट रहा था। रास्ते में आतंकियों ने उसकी गोली मारकर हत्या कर दी।

सगीर अहमद के परिजनों को जब उसकी हत्या की सूचना मिली तो घर पर लोगों का तांता लग गया। सगीर की चार बेटियों का रो-रोकर बुरा हाल है।

सगीर के परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर

सगीर के मोहल्ले के रहने वाले पार्षद मंसूर बदर ने बताया कि उनकी 4 बेटियां नजराना (32), आयशा, 25) सीबा (23) और शोबी (20) हैं। इनमें शोबी को छोड़कर बाकी तीनों बेटियों की शादी हो चुकी है। एक बेटा भी है। उसका नाम जहांगीर (30) है। उसकी भी शादी हो चुकी है। वह राजस्थान में कारपेंटर का काम करता है। सगीर की पत्नी नफीसा ( 50) की 6 महीने पहले कोरोना से डेथ हो चुकी है। उनका पूरा परिवार यहीं पर रहता है। परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत ही कमजोर है। सगीर अहमद कई साल पहले जम्मू कश्मीर में नौकरी करने के लिए गए थे।

मंसूर बदर के मुताबिक सगीर के बेटों के पास इतना पैसा भी नहीं है कि वह गाड़ी किराए पर करके जम्मू-कश्मीर चले जाएं। उन्होंने खुद उन्हें गाड़ी किराए पर करके दी। उन्हें जम्मू कश्मीर के लिए शनिवार की देर रात करीब 9 बजे रवाना किया। हालांकि मंसूर ​​​​​​ब्रदर का कहना है कि उनकी जम्मू कश्मीर पुलिस से बात हुई है। सगीर अहमद का पोस्टमार्टम रविवार को होगा। उसके बाद ही शव परिजनों को दिया जाएगा।