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सहारनपुर में कब्जामुक्त कराई जाएगी निगम की प्रॉपर्टी:राजस्व विभाग को निगम की भूमि तलाशने का निर्देश, लगाए जाएंगे वन

सहारनपुरएक महीने पहले
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कर्मचारियों को निर्देश दे रहे अधिकारी। - Money Bhaskar
कर्मचारियों को निर्देश दे रहे अधिकारी।

सहारनपुर में नगर निगम अपनी खाली पड़ी संपत्तियों को चिन्हित करेगा। जिन लोगों सरकारी संपत्तियों पर अवैध कब्जा कर रखा है, उन्हें खाली कराया जाएगा। खाली पड़ी कुछ अन्य जमीनों पर छह मियावाकि वन (अमृत वन) और विकसित कराए जाएंगे। नगरायुक्त ज्ञानेंद्र सिंह ने राजस्व विभाग को भूमि चिन्हित कर कब्जे में लेने का निर्देश दिया है।

राजस्व कर्मचारियों और लेखपालों को तलब करने के निर्देश

कंट्रोल रूम में यातायात बैठकर यातायात व्यवस्था देखते नगरायुक्त
कंट्रोल रूम में यातायात बैठकर यातायात व्यवस्था देखते नगरायुक्त

नगरायुक्त ज्ञानेंद्र सिंह ने सोमवार को अपर नगरायुक्त राजेश यादव को साथ लेकर निगम कार्यालयों का निरीक्षण किया। वह राजस्व विभाग पहुंचं। उन्होंने सभी राजस्व कर्मचारियों व लेखपालों को तलब कर निगम की खाली पड़ी संपत्तियों को सूचीबद्ध करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि नगर निगम सीमा के भीतर निगम संपत्ति के रुप में पार्कों, तालाबों व निगम की खाली पड़ी जमीनों की अलग-अलग सूची बनाए। जिन पर अवैध कब्जे हैं, उन्हें अलग से चिन्हित करें। जिससे अपर नगरायुक्त के नेतृत्व में अभियान चलाकर इन संपत्तियों को अवैध कब्जों से मुक्त कराया जाए।

उन्होंने कहा कि निगम की संपत्तियों को कब्जामुक्त कराकर उस भूमि की तार बाड़ कराएं और निगम संपत्ति का बोर्ड लगाएं। उन्होंने ऐसी प्रॉपर्टी को भी अलग से चिन्हित करने के निर्देश दिए है, जिन्हें कब्जाधारियों ने अदालतों में वाद दायर कर मामलों को उलझा रखा है।

नगरायुक्त ने कहा कि मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए है कि अवैध कब्जे हर हाल में हटाएं जाएं और सरकारी जमीनों को कब्जा मुक्त कराया जाए। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरुप अवैध कब्जे हटाने का काम युद्ध स्तर पर चलाना होगा।

पार्कों, मियावाकि वन और गोबर बैंक के काम आएगी भूमि
नगरायुक्त ने राजस्व अधिकारियों को निगम की खाली पड़ी जमीनों का पार्क, मियावाकि वन, गोबर बैंक और वनीकरण आदि के लिए उपयोग करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सहारनपुर में चार मियावाकी वन (अब अमृत वन) विकसित किये जा चुके हैं।

छह और विकसित किये जाने हैं। उन्होंने इनके लिए उपयुक्त भूमि उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए। उन्होंने निगम के पार्कों की सूची बन जाने पर रोस्टर के अनुसार उनकी सफाई व्यवस्था बनाने को कहा।

शहर के दो अलग-अलग छोर पर दो गोबर बैंक भी विकसित करे जाएं। जिससे पूरे शहर का गोबर वहां लाकर एकत्रित किया जा सके और उसे खाद के रुप में परिवर्तित कर उसका उपयोग किया जा सके।

गंदगी देख भड़के नगरायुक्त
निरीक्षण के दौरान जन्म मृत्यु कार्यालय के बाहर एक कोने में पान की पीक से की गई गंदगी देखकर नगरायुक्त भड़क उठे। उन्होंने चपरासी, बाबूओं और आसपास बैठने वाले मुंशियों को लताड़ते हुए कहा कि जो भी कोई व्यक्ति वहां थूकता या गंदगी फैलाता मिले उसे पकड़कर उनके पास लाएं, जिससे उस पर दो से पांच हजार रुपये जुर्माना किया जा सके। बाद में नगरायुक्त ने लाइब्रेरी और स्मार्ट सिटी का भी निरीक्षण किया और स्क्रीन पर यातायात का जायजा लिया।

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