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भक्ति के समंदर में डूबा आस्था का सूरज:सहारनपुर में डूबते सूरज को अर्ध्य देकर की छठ मइयां  पूजा-अर्चना, पूर्वांचल मूल के लोगों ने पारंपरिक रूप से मनाया छठ महापर्व

सहारनपुरएक वर्ष पहले
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नहर में पूजा अर्चना करती व्रतध - Money Bhaskar
नहर में पूजा अर्चना करती व्रतध

सहारनपुर के छठ घाटों की शोभा बुधवार शाम को देखते ही बन रही थी। सिर पर टोकरी रख सोलह श्रृंगार में सजकर आई पूर्वांचल की महिलाओं ने छठ मैया का पूजन किया। सभी ने वेदी पर यज्ञ कर डूबते सूर्य को अर्घ्य देकर मनोकामना पूरी करने की कामना की। छठ पूजा को लेकर पूर्वांचल मूल के लोगों में गजब का उत्साह था। सभी ने व्रत रखा था।

घाटों पर लगी भीड़
घाटों पर लगी भीड़

अर्ध्य देकर श्रद्धालुओं ने नहर में स्नान किया
बुधवार शाम को डूबते सूर्य को अर्ध्य देकर सभी ने नहर में स्नान किया, वहीं उन्होंने सुख व समृद्धि की कामना की। दो दिनों से व्रत रखने वाले व्रतधारी महिलाओं ने कार्यक्रम स्थल पर पहुंचकर छठ मैया की विशेष पूजा अर्चना की। पूर्वांचल के लोगों के साथ स्थानीय समाजों, धार्मिक, समाजसेवी व राजनैतिक दलों के लोगों को आमंत्रित किया गया था। कार्यक्रम में भोजपुरी भजनों से माहौल को भक्तियमय हुआ। यहां आने वाले लोगों ने एक-दूसरे को छठ महोत्सव की बधाई दी।

नहर में खड़ी महिलाएं छठ मैया की पूजा करती
नहर में खड़ी महिलाएं छठ मैया की पूजा करती

छठ मैया के जयकारों से गूंजा घाट
छठ मैया का पूजन करने के लिए कोई छठ पूजन के लिए सिर पर पूजा के सामान व प्रसाद का टोकरा लेकर तो दंडवत करते हुए छठ घाट तक पहुंचा। कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने के बाद लोगों ने छठ मैया के जयकारे लगाए। छठ महोत्सव को लेकर सुरक्षा कई जगहों पर पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई। अर्घ्य देने के लिए बनाए गए, अस्थायी छठ घाट के पानी में व्रती एक घंटे पहले ही जाकर खड़े होकर अपने-अपने संकल्प के अनुसार जल में खड़े होकर मां से आशीर्वाद मांगा। इसके बाद सवा पांच बजे सूर्य अस्तांचल को अर्घ्य दिया। इसके बाद सभी भोजपुरी लोकगीतों पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।