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कबड्‌डी खिलाड़ियों का टॉयलेट में लंच, VIDEO:सहारनपुर में 17 मंडल के 300 कबड्डी खिलाड़ियों ने लिया था भाग, खेल निदेशालय ने बैठाई जांच

सहारनपुर5 महीने पहले
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डॉ.भीमराव अंबेडकर स्टेडियम में प्रतियोगिता के बाद लंच करने आए खिलाड़ियों को टॉयलेट में खाना रखा मिला।

सहारनपुर के डॉ.भीमराव अंबेडकर स्टेडियम में कबड्‌डी खिलाड़ियों को टॉयलेट में लंच कराया गया। इसका एक वीडियो सामने आया है। यह वीडियो तीन दिन पहले का बताया जा रहा है। तीन दिन पहले अंडर-17 स्टेट लेवल कबड्‌डी टूर्नामेंट में 300 से ज्यादा खिलाड़ियों ने भाग लिया था। खिलाड़ियों को जो खाना दिया गया। वह अच्छी क्वालिटी का नहीं था। दाल, सब्जी, चावल कच्चे थे और स्विमिंग पूल के पास बड़े बर्तन में बनाया गया था। मामला लखनऊ तक पहुंच गया है। मामले में खेल निदेशालय ने जांच के लिए टीम गठित कर दी है।

ठीक से रोटी भी नहीं हुई नसीब

स्टेडियम के टॉयलेट में खाना परोसते खिलाड़ी
स्टेडियम के टॉयलेट में खाना परोसते खिलाड़ी

16 सितंबर को डॉ.भीमराव अंबेडकर स्टेडियम में कई जिलों से बालिका खिलाड़ी आई थीं। उनको दोपहर का लंच में अधपका चावल परोसा गया। कई खिलाड़ियों को रोटी भी नसीब नहीं हुई। खिलाड़ी सब्जी और सालाद से ही पेट भरती नजर आई। चावल और पूरियां तैयार कर शौचालय में रखवाया गया। जहां दुर्गंध के कारण खड़ा होना मुश्किल हो रहा था।

प्रतियोगिता की मेजबानी का अवसर मिला था सहारनपुर को

300 खिलाड़ियों पर लगाए गए दो कारीगर, से अव्यवस्था फैली।
300 खिलाड़ियों पर लगाए गए दो कारीगर, से अव्यवस्था फैली।

यूपी खेल निदेशालय के तत्वावधान में यूपी कबड्डी संघ के द्वारा राज्य स्तरीय सब जूनियर बालिकाओं की प्रतियोगिता की मेजबानी का अवसर सहारनपुर को मिला था। प्रतियोगिता यहां डॉ. भीमराव अंबेडकर स्पोर्ट्स स्टेडियम में कराई गई। प्रतियोगिता में 17 मंडलों और एक खेल छात्रावास की टीमें प्रतिभाग किया। खिलाड़ियों के ठहरने और भोजन की व्यवस्था स्टेडियम में ही थी।

ईंटों का चूल्हा तैयार कर बनाया लंच

स्टेडियम में भोजन स्वीमिंग पूल परिसर में तैयार किया गया। जहां कच्चा राशन चेंजिंग रूम और शौचालयों में रखा गया है। यहीं पर बाहर ईंटों का चूल्हा बनाकर भोजन तैयार किया गया। जिसे तैयार करने के बाद शौचालय में रखा गया। चावल की बड़ी परात और पूरियां कागज पर शौचालय के फर्श पर रखी थी। खिलाड़ियों को कच्चे चावल परोसे गए, जिनको कई खिलाड़ियों ने खाने से मना कर दिया। इसके बाद चावलों को टेबल से हटा लिया गया। ऐसे में टेबल पर केवल आलू की सब्जी, दाल और रायता रह गया था।

300 से अधिक खिलाड़ी भोजन पकाने वाले मात्र दो

प्रतियोगिता में प्रदेश भर से 300 से अधिक खिलाड़ी और करीब दो दर्जन ऑफिशियल पहुंचे हैं। जिनके लिए भोजन तैयार करने को मात्र दो कारीगर लगाए गए। यही वजह रही कि ज्यादातर खिलाड़ियों के हिस्से में रोटी नहीं आ सकी। चावल खराब गुणवत्ता के आ गए थे, जो पकाने में ठीक से गले नहीं। ऐसे में चावलों को तुरंत दुकान पर वापस भेजकर नए चावल मंगवाए गए।

खेल अधिकारी अनिमेष सक्सेना का कहना है कि स्टेडियम में निर्माण कार्य चल रहा है। जिस कारण यहां पर जगह नहीं थी। खुले में खाना बन रहा था। बारिश आने के कारण खाना टॉयलेट में रखा गया था। चावल भी खराब गुणवत्ता के आ गए थे। जिसको वापस कराया गया था।