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सहारनपुर...मौलाना कलीम की बढ़ी मुश्किलें:16 दिन बाद ATS नितिन को सहारनपुर वापस छोड़ गई, इनपुट पर अकाउंटेंट गिरफ्तार हुआ, खुली पोल

सहारनपुर7 महीने पहले
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मौलाना कलीम सिद्दीकी ( फाइल फोटो) - Money Bhaskar
मौलाना कलीम सिद्दीकी ( फाइल फोटो)

धर्मांतरण कराने के मामले में मौलाना कलीम की अब मुश्किलें बढ़ने वाली है, क्योंकि मौलाना के खिलाफ ATS ने धर्मांतरण मामले में 12 सरकारी गवाह बनाए हैं। जिसमें सहारनपुर के नितिन पंत भी शामिल है। नितिन पंत को ATS 16 दिन बाद यानि रविवार की देर शाम को लखनऊ से वापस सहारनपुर छोड़ गई है। नितिन पंत ने ATS को पूछताछ में कई अहम सबूत भी दिए है।

नितिन पंत का फाइल फोटो
नितिन पंत का फाइल फोटो

नितिन के इनपुट पर कई गिरफ्तार
उत्तराखंड के नैनीताल के तल्लीताल के रहने वाले नितिन (फिलहाल विश्व अखाड़ा आश्रम सहारनपुर) को ATS 24 सितंबर को पूछताछ के लिए लखनऊ ले गई थी। ATS ने लगातार 15 दिनों तक पूछताछ की। जिसके बाद ATS ने नितिन के इनपुट पर कई लोगों को गिरफ्तार भी किया और सबूत भी जुटाए। यहीं नहीं उसके मजिस्ट्रेट के सामने भी कई बार बयान हुए है।

मौलाना के खिलाफ खुलकर आया सामने
नितिन पंत, मौलाना कलीम सिद्दीकी की गिरफ्तारी से पहले ही खुलकर सामने आ गया था। करीब साढ़े तीन माह पहले वह हिंदू धर्म में वापस आ गया था। जब उसकी विश्व अखाड़ा परिषद सहारनपुर के राष्ट्रीय सचिव निपुण भारद्वाज ने घर वापसी कराई थी, तो करीब 12 से ज्यादा पदाधिकारियों के साथ मिलकर एसएसपी सिटी राजेश कुमार से मिलकर धर्मांतरण की बात बताई थी। जिसमें फुलत के रहने वाले मौलाना कलीम सिद्दीकी के खिलाफ जबरन धर्मांतरण का आरोप लगाकर कार्रवाई की मांग की थी। लेकिन ATS द्वारा मौलाना को गिरफ्तार करने के बाद वह खुलकर सामने आ गया था।

निशानदेही पर अकरम को उठाया
नितिन पंत ने पूछताछ में ATS को बताया था कि फूलत के मदरसे में अकरम नाम का व्यक्ति सब कुछ हिसाब रखता है। जिसके बाद अकरम को ATS ने फूलत के मदरसे से उठाया और उसका लैपटाप अन्य सामान भी बरामद किया। लैपटाप से मिले सुबूत के आधार पर एटीएस ने दिल्ली के रोहिणी से सरफराज जाफरी नाम के युवक को भी उठाया था। बाद में दोनों को कोर्ट में पेश कर दिया।

नितिन पंत मुख्य गवाह
विश्व अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय सचिव निपुण भारद्वाज का कहना है कि ATS ने वैसे तो 10 से 12 गवाह मौलाना कलीम के खिलाफ खड़े किए है, लेकिन नितिन पंत को मुख्य गवाह बनाया गया है। नितिन ने मजिस्ट्रेट के सामने साफ कहा है कि मौलाना कलीम के कहने पर सभी धर्मांतरण हो रहे थे। बाकी उनका नेटवर्क पूरे देश में फैला हुआ है।

पाकिस्तान-अफगानिस्तान तक बताए संबंध
नितिन पंत का कहना है कि मौलाना कलीम के संबंध दूसरे देशों से है। उसे कुछ संगठन पाकिस्तान और अफगानिस्तान से भी फंडिंग करते हैं। यह सुबूत एटीएस को अकरम के लैपटाप में मिले हैं।

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