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बैठक तक सिमटा अतिक्रमण हटाओ अभियान:नकुड़ में इस बार भी कागजी खानापूर्ति से बाहर नहीं हुई कार्रवाई, सड़कों पर लगे बाजार

नकुड़एक महीने पहले
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नकुड़ में अतिक्रमण हटाओ अभियान को लेकर नहीं की गई कार्रवाई। - Money Bhaskar
नकुड़ में अतिक्रमण हटाओ अभियान को लेकर नहीं की गई कार्रवाई।

सरकार के अतिक्रमण हटाओ अभियान के सख्त आदेशों के बाद गंगोह प्रशासन ने पिछले एक माह से व्यापारियों के साथ बैठकें, चेतावनी और अतिक्रमण चिह्नित कर अभियान इस बार भी कागजी खानापूर्ति से बाहर नही निकल पाया है। नगर के लिए अतिक्रमण अभिशाप बन कर रह गया है। सड़कों पर अतिक्रमण होने से जैसे सड़क भी गायब हो गई हैं। न राहगीरों के चलने के लिए जगह बची है। कार्रवाई न होने के कारण लोगों में ना तो पुलिस का डर है न ही नगर पालिका का। आलम यह है कि मुख्य बाजारों और सड़कों के अलावा गालियों में भी जाम लग रहा है।

नगर के शिव चौक से आढत बाजार मे आने वाले रास्ते की हालत इस समय असहाय हो गई है। इसके अलावा पैठ बाजार, जवाहर गंज, सब्जी मंड़ी चौंक, दुकानदारों ने अतिक्रमण कर इस सड़क का अस्तित्व ही खत्म कर दिया है। दुकानदारों ने सड़क पर करीब 3 फीट तक सामान को दुकान से बाहर फैला देते है। स्थिति उस समय भयावह हो जाती है जब यहां से कोई बड़ा वाहन गुजरता है।

अधिकारी व्यापारियों के साथ बैठक कर देते हैं कब्जे हटाने की चेतावनी।
अधिकारी व्यापारियों के साथ बैठक कर देते हैं कब्जे हटाने की चेतावनी।

कई बार होते हैं झगड़े
इससे पैदल जाने वालों के लिए भी रास्ता नहीं बच पाता और दुकानदार बैठे हुए सब कुछ देखते रहते हैं। कई बार दुकानदारों से इसकी वजह से झगड़े और बहस भी हो जाते हैं, लेकिन दुकानदार अपनी गलती न मानते हुए विपक्षी पर हावी हो जाते हैं। यही नहीं ना जाने कितनी बार प्रशासनिक अधिकारी भी यहां से गुजर चुके है लेकिन फिर भी यह अतिक्रमण प्रशासन का मुंह चिढाता देख जा सकता है।

बैठकों तक सिमटी कार्रवाई
सोमवार को जिलाधिकारी के निर्देंश पर नगर पालिका प्रषासन की टीम सड़कों पर आ गई और उन्होंने अस्थाई अतिक्रमण को चिहि्नित करना शुरू कर दिया था । हल्के-फुल्के विरोध के बावजूद अधिकारी अपना काम करते रहे। बाजारों व मेन रोड़ आदि जगहों पर चूना डालकर अतिक्रमणकारियों को चेतावनी दी गई थी। इस बार कोतवाली परिसर में एसडीएम द्वारा व्यापारियों के साथ दो बार बैठक आयोजित की गई किंतु न तो अतिक्रमणकारी बाज आए और ना ही प्रशासन ने कोई कार्रवाई की।

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