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धर्म के नाम पर हिंसा स्वीकार्य नहीं:जमीअत उलेमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी देवबंद में बोले-नफरत की राजनीति करने वाले श्रीलंका से सबक लें

देवबन्दएक महीने पहले
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जमीअत उलमा ए हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने कहा कि नफरत की राजनीति के चलते श्रीलंका बर्बाद हो गया है। यहां नफरत की राजनीति करने वाले लोगों को श्रीलंका की तबाही से सबक लेना चाहिए और देश में नफरत की राजनीति बंद होनी चाहिए lउन्होंने कहा कि यह हम इसलिए कह रहे हैं कि हम इस देश से मोहब्बत करते हैं और इसे सुखी और समृद्ध देखना चाहते हैं।

हिंदू-मुस्लिम दोनों ने बहाया आजादी की लड़ाई में खून

सोमवार को जारी बयान में मौलाना सैयद अरशद मदनी ने कहा कि देश को प्यार-मोहब्बत की ताकत से ही आजाद कराया गया था। आजादी के मतवालों ने जगह-जगह इसके लिए अपना खून पानी की तरह बहा दिया था।

आजादी के लिए बहने वाला यह खून केवल हिंदू का नहीं था, केवल मुसलमान का नहीं था बल्कि यह दोनों का था। उन्होंने कहा कि हम अपने साथ उसी पुराने इतिहास को लेकर चलते हैं। जब तक जिंदा हैं चलते रहेंगे। मदनी ने कहा कि नफरत की राजनीति को नफरत से नहीं मिटाया जा सकता, बल्कि उसे प्यार-मोहब्बत से ही खत्म किया जा सकता है।

धर्म के नाम पर हिंसा नहीं होनी चाहिये

मौलाना अरशद मदनी ने कहा कि धर्म के नाम पर किसी भी प्रकार की हिंसा स्वीकार्य नहीं हो सकती। कोई भी धर्म हो वह मानवता, सहिष्णुता और प्रेम का संदेश देता है, इसलिए जो लोग इसका प्रयोग नफरत और हिंसा के लिए करते हैं वह अपने धर्म के सच्चे अनुयायी नहीं हो सकते हैं।

बोले- देश में मौजूदा हालात ठीक नहीं

मौलाना अरशद मदनी ने यह भी कहा कि देश की वर्तमान स्थिति बहुत चिंताजनक हैं, आज पूरे देश चाहे वो आसाम हो, उत्तर प्रदेश हो, बिहार हो, दिल्ली हो या फिर मध्य प्रदेश हो हर जगह धार्मिक कट्टरता और नफरत का खेल जारी है। स्थिति अति विस्फोटक बना दी गई है। कुछ लोग अपनी कुर्सी बचाने के लिए हिंदू-मुस्लिमों को आपस में लड़ा रहे हैं। मौलाना मदनी ने सभी हालातों को लेकर देश की मीडिया पर भी सवाल खड़े किए हैं।