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रामपुर हार के बाद आजम की पहली प्रतिक्रिया:ये न चुनाव थे, न ये चुनावी नतीजे; 900 वोट के पोलिंग केंद्र में 6 वोट डाला गया

रामपुर2 महीने पहले
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रामपुर में लोकसभा चुनाव की हार के बाद आजम खान ने पुलिस-प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा, "रामपुर में जो चुनाव हुआ है, वह चुनाव था ही कहां? इसे न आप चुनाव कह सकते हैं और न ही चुनावी नतीजे। 900 वोट के पोलिंग स्टेशन में सिर्फ 6 वोट डाले गए। 500 के पोलिंग स्टेशन में सिर्फ 1 वोट डाला गया। जिस तरह से वोट डाले गए, हम अपने प्रत्याशी की जीत मानते हैं।"

उन्होंने आगे कहा, "एक ही समुदाय को टारगेट किया जा रहा है। आजम खान ने शेर पढ़ा, "हम खून की किश्तें तो कई दे चुके लेकिन, ऐ खाक ए वतन कर्ज अदा क्यों नहीं होता।" उन्होंने कहा, ''वतन हमसे कितना खून, कितनी जिल्लत और कितनी कुर्बानी मांगता है। हमसे कितनी घृणा करता है। आखिर इसकी कोई हद तो हो।'' उधर, रामपुर की हार पर अब्दुल्ला आजम ने कहा, ''इस तरह के चुनाव नहीं होने चाहिए। लोकतंत्र पर ठोकतंत्र भारी पड़ रहा है।''

रामपुर में लोकसभा उपचुनाव हारने के बाद आजम खान से कार्यकर्ताओं को संबोधित किया।
रामपुर में लोकसभा उपचुनाव हारने के बाद आजम खान से कार्यकर्ताओं को संबोधित किया।

आजम खान ने कहा, "जिस पर जिम्मेदारी थी, उसी पुलिस ने कई सालों से रामपुर को सियासी तौर पर लूटा है। बर्बाद करके, फर्जी मुकदमें लगा कर अपने दिल को तसल्ली दी है। जिससे बड़ी मायूसी होती है। तकलीफ इसलिए भी होती है, क्योंकि हमारे अपने ही वतन में हमारे हमवतनों का हमसे ऐसा सुलूक है।"

"एक ही समुदाय हर नफरत का हकदार"
उन्होंने कहा, "आज एक ही तबके वालों को निशाना बनाया गया। जबकि जिसकी जितनी संख्या भारी उसकी उतनी जिम्मेदारी होनी चाहिए थी। यानी उसी तरह लोग थानों में बंद होने चाहिए थे। उसी तरह पगड़ी पर हाथ डालना चाहिए था। उसी हिसाब से टोपी पर हाथ डालना चाहिए था। सिर्फ एक ही वर्ग को निशाना बनाया गया। एक ही वर्ग है जो हर नफरत का हकदार है। अगर कोई ऐसा तेजाब है, जो हमें गला देने के लिए काफी हो। तो हम उसके लिए भी तैयार हैं। वतन छोड़कर कहां चले जाएं और कौन हमें ले लेगा?"

आजम की मांग- अंतरराष्ट्रीय संस्थान करवाए निष्पक्ष चुनाव
आजम खान ने कहा, ''कोई अंतरराष्ट्रीय संस्थान यहां आए और चुनाव करवाने की जिम्मेदारी ले ले। दुनिया की सबसे ताकतवर फौज यहां आकर लग जाए। ईमानदारी से चुनाव कराने के लिए इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस यहां आए और चुनाव करवाए। चुनौती देते हैं, खुली चुनौती देते हैं, अगर चुनाव हार जाएंगे तो राजनीति का मैदान छोड़ देंगे। आजम खान ने मीडिया से नाराजगी जताते हुए कहा, ''मीडिया ने अपनी जिम्मेदारी को किस हद तक अदा किया है, यह सब आप लोग जानते हैं। मीडिया ने कैमरे में जो दिखाना चाहिए था, वह नहीं दिखाया।

''सपा प्रत्याशी आसिम हारे तो मुंह दिखाने लायक नहीं रहूंगा''
रामपुर में लोकसभा उपचुनाव प्रचार के आखिरी दिन 21 जून को आजम खान ने जनसभा को संबोधित किया था। इस दौरान उन्होंने कहा था, ''मुझ पर जेल में जुल्म किए गए। कोरोना काल में जब बीमार था तो कानों में आवाज आईं। किसी के चीखने की थी। बाद में पता चला की जवाब दे दिया गया था कि 'मैं मर चुका हूं।' इन जख्मों पर कोई मरहम नहीं लगा सकता। लेकिन अगर सपा प्रत्याशी आसिम राजा हार गए तो यह जख्म मेरे लिए नासूर बन जाएगा। मैं कहीं मुंह दिखाने लायक नहीं रहूंगा।''

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