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निष्कासन के बाद गुरु-चेले में बढ़ गई थी खटास:आनंद गिरि का अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद से निष्कासन नहीं हुआ था वापस, नरेंद्र गिरि ने दिया था घर वापसी का भरोसा

प्रयागराजएक महीने पहले
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आनंद गिरि के निष्कासन के बाद से गुरु और शिष्य के बीच दूरी बढ़ गई थी। - Money Bhaskar
आनंद गिरि के निष्कासन के बाद से गुरु और शिष्य के बीच दूरी बढ़ गई थी।

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष नरेंद्र गिरि ने अपने सबसे प्रिय शिष्य आनंद गिरि को भले ही मौखिक रूप से माफ कर दिया था पर अखाड़े और मठ से उनका निष्कासन वापस नहीं हुआ था। नरेंद्र गिरि ने गुरु पूर्णिमा के दिन ही अपने चेले का निष्कासन वापस लेने व गुरु पूजन का अधिकार देने की घोषणा की थी। गुरु पूर्णिमा के दिन जब आनंद गिरि मठ बाघंबरी गद्दी नहीं पहुंचे तो बात साफ हो गई थी कि गुरु ने चेले को माफ नहीं किया था।

आनंद गिरि ने चरणों में गिरकर माफी मांगी थी

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष नरेंद्र गिरि और आनंद गिरि के बीच मई में मठ के धन का दुरुपयोग को लेकर विवाद गहरा गया था। नरेंद्र गिरि ने आनंद गिरि पर आरोप लगाया था कि बड़े हनुमान मंदिर में आने वाले चढ़ावे के पैसे का उपयोग आनंद गिरि अपने घर-परिवार पर कर रहे हैं, जोकि साधु परंपरा के खिलाफ है। इसी आरोप के कारण आनंद गिरि को अखाड़ा परिषद व बाघंबरी गद्दी मठ से निष्कासित कर दिया गया था। इसके बाद आनंद गिरि ने भी अपने गुरु के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था।

गुरु पर लगाया था संपत्तियों को बेचने व धन के दुरुपयोग का आरोप

आनंद गिरि ने निष्कासन के बाद अपने गुरु के ऊपर मठ और मंदिर की संपत्तियों को बेचने और धन का दुरुपयोग करने का आराेप लगाया था। कहा था कि नरेंद्र गिरे ने अपने कई तथाकथित चेलों के ऊपर करोड़ों रुपये खर्च किए हैं। एक चेले की शादी का पूरा खर्च उठाने और बार बालाओं के डांस का भी आरोप लगाया था। उस शादी में नरेंद्र गिरि भी मौजूद थे। इसके बाद समाज में परिषद और मठ की बदनामी होता देख नरेंद्र गिरि ने आनंद गिरि को जैसे-तैसे मैनेज किया। एक दिन अचानक से आनंद गिरि का अपने गुरु के चरणों में गिरकर माफी मांगने का वीडियो आया। नरेंद्र गिरि ने अपने चेले को माफ करने की बात कही और कहा कि गुरु पूर्णिमा के दिन उनका निष्कासन वापस हो जााएगा। हालांकि आज भी उनका निष्कासन वापस नहीं हुआ है।

शिष्य ने गुरु की राष्ट्रपति और पीएम से की थी शिकायत

निरंजनी अखाड़े से निष्कासित महंत आनंद गिरि और अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि के बीच का विवाद मुख्यमंत्री के दरबार से होता हुआ , प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति के पास तक गया था। आनंद गिरि ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, गृहमंत्री को पत्र भेजकर अखाड़े के विवाद की शिकायत भी की थी। आनंद ने आरोप लगाया था कि शहर के कीडगंज स्थित गोपाल मंदिर को भी आधा बेच दिया गया है। मठ और मंदिर की बेची गई जमीनों के करोड़ों रुपये के दुरुपयोग की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग भी की गई थी। साथ ही उन्होंने संगम स्थित बड़े हनुमान मंदिर के लाखों रुपये के चढ़ावे और प्रसाद से होने वाली बेहिसाब आमदनी की भी जांच कराने की मांग की थी। केंद्र और राज्य सरकार के साथ-साथ निरंजनी अखाड़े को मठ बाघंबरी गद्दी के अलावा अखाड़े की बेची गई जमीनों के करोड़ों रुपये किस मद में खर्च किए गए, इसकी जांच करानी चाहिए।

सीबीआई से शिकायत कर सीएम को भेजी गुरु से जुड़ीं तस्वीरें

स्वामी आनंद गिरि ने निरंजनी अखाड़ा और बाघंबरी गद्दी की अरबों में बेची गई संपत्ति की शिकायत सीबीआई से भी की थी। साथ ही अपने गुरु की कुछ तस्वीरें भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भेजीं हैं, जिसमें वह अपने मठ के ही एक विद्यार्थी की शादी में नोटों की गड्डियां लुटाते नजर आ रहे हैं। इसके अलावा उनके शिष्यों के आलीशान भवनों की भी तस्वीरें भी भेजी हैं। स्वामी आनंद गिरि ने कहा था कि महंत नरेंद्र गिरि के करीबी सेवादारों की भी जांच कराई जानी चाहिए, जो जब मठ में आए थे तो उनके पास कुछ भी नहीं था। अब उनके पास करोड़ों के मकान और लग्जरी गाड़ियां और जमीनें कहां से आ गईं?

पंच परमेश्वर के आने के बाद ही कर सकेंगे अंतिम दर्शन

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष नरेंद्र गिरि का अंतिम दर्शन पंच परमेश्वरों के आने के बाद आम श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ बाघंबरी गद्दी मठ अल्लापुर में रखा जाएगा। आम भक्त सुबह 11:30 बजे से बाघंबरी गद्दी मठ में जाकर कर सकेंगे। यह जानकारी अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के उपाध्यक्ष ने दी।

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